आज का पंचांग: शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया और आज की तिथि | Aaj Ka Panchang 2026






आज का पंचांग – विस्तृत दैनिक पंचांग, शुभ मुहूर्त और ग्रह गोचर

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आज का संपूर्ण वैदिक पंचांग

तिथि, नक्षत्र, वार, योग, करण, सूर्योदय-सूर्यास्त और सर्वश्रेष्ठ शुभ-अशुभ मुहूर्त का महा-विशलेषण

वैदिक पंचांग का महत्व और आज की महिमा

हिंदू धर्म सनातन संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-अनुष्ठान या नवीन शुरुआत से पहले पंचांग दर्शन की परंपरा अनादि काल से चली आ रही है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना है: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन पांचों तत्वों के सटीक गणितीय आकलन से ही हमें दिन की शुभता और अशुभता का ज्ञान होता है। आज के इस विस्तृत पंचांग महा-लेख में हम केवल बुनियादी समय ही नहीं, बल्कि चौघड़िया मुहूर्त, होरा चक्र, भद्रा, राहुकाल और आज के दिन की विशेष खगोलीय व ज्योतिषीय घटनाओं का 3000 शब्दों का अत्यंत सूक्ष्म और गहरा विश्लेषण प्रस्तुत कर रहे हैं। आज का दिन किस देवता को समर्पित है, आज कौन से उपाय आपकी सोई हुई किस्मत को चमका सकते हैं, इसकी पूरी प्रामाणिक जानकारी नीचे संकलित है।

१. मुख्य पंचांग विवरण (Basic Panchang Information)

आज की तिथि और नक्षत्र का यह गणना चक्र प्राचीन सूर्य सिद्धांत और दृक-प्रत्यक्ष गणना पद्धति पर आधारित है। सूर्योदय कालीन ग्रहों की स्थिति इस प्रकार है:

आज का वार / दिन रविवार (Sunday) – यह दिन प्रत्यक्ष देवता भगवान सूर्य नारायण को समर्पित है।
विक्रम संवत संवत 2083 (नल नाम संवत्सर)
शक संवत संवत 1948 (पिंगल नाम संवत्सर)
अयन उत्तरायण (देवताओं का दिन, आध्यात्मिक और भौतिक प्रगति के लिए सर्वोत्तम)
ऋतु ग्रीष्म ऋतु (Summer Season)
मास (महीना) ज्येष्ठ मास (पूर्णिमांत) / वैशाख मास (अमांत)
पक्ष शुक्ल पक्ष (चंद्रमा की कलाओं के बढ़ने का शुभ काल)

२. सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)

सूर्य और चंद्रमा हमारे जीवन के प्रत्यक्ष कारक हैं। सूर्य आत्मा का और चंद्रमा मन का प्रतिनिधित्व करता है। इनकी गतियों का सटीक समय नीचे दिया गया है:

सूर्योदय (Sunrise) सुबह 05:28 ए एम (स्थानीय समयानुसार इसमें कुछ मिनटों का अंतर संभव है)
सूर्यास्त (Sunset) शाम 07:06 पी एम (संध्या वंदन और आरती के लिए सर्वश्रेष्ठ समय)
चंद्रोदय (Moonrise) सुबह 06:12 ए एम
चंद्रास्त (Moonset) रात 08:45 पी एम
सूर्य राशि (Sun Sign) वृषभ राशि में (सूर्य देव अपने मित्र शुक्र की राशि में गोचर कर रहे हैं)
चंद्र राशि (Moon Sign) मिथुन राशि में (चंद्रमा आज बुध देव की राशि में संचरण करेंगे, जिससे बौद्धिक क्षमता बढ़ेगी)
नक्षत्र चरण आज चंद्रमा मृगशिरा नक्षत्र के विभिन्न चरणों से गुजरते हुए आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे।

३. पंचांग के पंच-अंगों का गहन विश्लेषण

१. तिथि (Tithi)

आज शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा/द्वितीया तिथि का संजोग बन रहा है। प्रतिपदा तिथि के स्वामी स्वयं अग्नि देव हैं, जिन्हें समस्त देवों का मुख माना जाता है। इस तिथि में अग्निहोत्र, यज्ञ, और नवीन कार्यों की नींव रखना अत्यंत शुभ माना गया है। यह तिथि वृद्धि प्रदाता है, जो ऐश्वर्य और कीर्ति की वृद्धि करती है।

२. नक्षत्र (Nakshatra)

आज मृगशिरा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जिसके पश्चात आर्द्रा नक्षत्र प्रारंभ होगा। मृगशिरा नक्षत्र के स्वामी मंगल देव हैं और इसके देवता चंद्रमा हैं। यह एक ‘मृदु’ और ‘मैत्र’ संज्ञक नक्षत्र है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातक खोजी प्रवृत्ति के, बुद्धिमान और कला प्रेमी होते हैं। इस नक्षत्र में यात्रा, कलात्मक कार्य, और वस्त्र-आभूषण की खरीदारी करना परम कल्याणकारी माना गया है।

३. वार (War/Day)

आज का दिन रविवार है। रविवार के स्वामी भगवान भास्कर (सूर्य) हैं। सूर्य देव मान-सम्मान, उच्च पद, पिता, सरकारी नौकरी और शारीरिक आरोग्यता के कारक हैं। आज के दिन सूर्य देव की उपासना करने से रीढ़ की हड्डी के रोग, नेत्र विकार और हृदय रोगों से मुक्ति मिलती है। प्रशासनिक कार्यों में सफलता के लिए आज का दिन सर्वोत्तम है।

४. योग (Yoga)

आज ब्रह्मांड में सुकर्मा योग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र में सुकर्मा योग को बेहद शुभ और मंगलकारी योगों की श्रेणी में रखा गया है। जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है—’सुकर्मा’ अर्थात अच्छे और श्रेष्ठ कर्म। इस योग में किए गए कार्यों में कभी विघ्न नहीं आता और समाज में व्यक्ति की ख्याति फैलती है। यदि आप कोई नया व्यवसाय, भूमि पूजन या नया कोर्स शुरू करना चाहते हैं, तो यह योग आपको सफलता की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

५. करण (Karana)

आज पंचांग गणना के अनुसार बव करण रहेगा, जिसके बाद बालव करण की शुरुआत होगी। बव करण को चर करण माना जाता है। इसके स्वामी इंद्र देव हैं। इस करण में किए गए धार्मिक कृत्य, नए उद्यम और स्वास्थ्य लाभ के उपाय तुरंत फलित होते हैं। यह मनुष्य के भीतर नई कार्य ऊर्जा का संचार करता है।

४. आज के शुभ और श्रेष्ठ मुहूर्त (Auspicious Timings)

शास्त्रों का कथन है कि यदि समय अनुकूल हो तो साधारण प्रयास भी असाधारण परिणाम देते हैं। आज के सर्वोत्तम शुभ मुहूर्त निम्नलिखित हैं:

अभिजीत मुहूर्त (Abhijit Muhurat)

समय: दोपहर 11:50 ए एम से दोपहर 12:44 पी एम तक

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अभिजीत मुहूर्त को दिन का सबसे शक्तिशाली और शुभ मुहूर्त माना जाता है। भगवान श्रीहरि विष्णु के सुदर्शन चक्र के प्रभाव से यह मुहूर्त समस्त दोषों को स्वतः नष्ट कर देता है। इस अवधि में आप कोई भी मांगलिक कार्य, धन का निवेश, नए वाहन की खरीदारी या अनुबंध पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। इस समय शुरू किया गया कार्य स्थायित्व प्रदान करता है।

अमृत काल (Amrit Kaal) दोपहर 02:15 पी एम से दोपहर 03:52 पी एम तक (यह अमृत की बूंदों के समान फल देने वाला काल है)।
विजय मुहूर्त (Vijaya Muhurat) दोपहर 02:32 पी एम से दोपहर 03:26 पी एम तक (शत्रु विजय, कोर्ट-कचहरी के मामलों और वाद-विवाद को सुलझाने के लिए सर्वश्रेष्ठ)।
गोधूलि मुहूर्त (Godhuli Muhurat) शाम 07:04 पी एम से शाम 07:26 पी एम तक (आध्यात्मिक जागृति, संध्या पूजा और प्रार्थना के लिए अत्यंत पवित्र काल)।
ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurat) सुबह 04:06 ए एम से सुबह 04:47 ए एम तक (अध्ययन, ध्यान, मंत्र दीक्षा और योग साधना के लिए ब्रह्मांडीय ऊर्जा से ओतप्रोत समय)।
निशिता मुहूर्त (Nishita Muhurat) रात 11:57 पी एम से रात 12:39 ए एम तक (तंत्र साधना, गुप्त पूजा और महालक्ष्मी की विशेष आराधना के लिए फलदायी)।

५. अशुभ समय और वर्जित काल (Inauspicious Timings)

जिस प्रकार शुभ समय का लाभ उठाना चाहिए, उसी प्रकार अशुभ समय में सावधान रहना अनिवार्य है ताकि किसी भी अनिष्ट से बचा जा सके:

राहुकाल (Rahu Kalam)

समय: शाम 05:23 पी एम से शाम 07:06 पी एम तक

राहुकाल को ज्योतिष में अत्यंत दूषित और भ्रम पैदा करने वाला समय माना गया है। राहु एक छाया ग्रह है जो मतिभ्रम पैदा करता है। इसलिए, राहुकाल के दौरान कोई भी नया व्यवसाय शुरू न करें, कीमती वस्तुएं न खरीदें, और न ही लंबी दूरी की यात्रा का आरंभ करें। इस समय किए गए सौदों में अक्सर नुकसान या धोखा होने की संभावना रहती है।

यमगण्ड (Yamaganda) दो दोपहर 12:17 पी एम से दोपहर 01:59 पी एम तक (इस समय में किए गए कार्य मृत्यु तुल्य कष्ट या भारी वित्तीय हानि दे सकते हैं)।
गुलिक काल (Gulik Kaal) दोपहर 03:41 पी एम से शाम 05:23 पी एम तक (गुलिक को शनि का पुत्र माना जाता है, इसमें नया काम शुरू करने से उसमें अत्यधिक देरी होती है)।
वर्ज्यम (Varjyam) सुबह 08:30 ए एम से सुबह 10:08 ए एम तक (इस समय मानसिक अशांति और कलह की स्थिति बन सकती है)।
दुर्मुहूर्त / राहुकाल संजोग शाम 05:18 पी एम से शाम 06:12 पी एम तक (यह समय पूरी तरह त्यागने योग्य है)।

६. आज का विस्तृत चौघड़िया मुहूर्त (Day & Night Choghadiya)

यात्रा और त्वरित कार्यों के लिए चौघड़िया मुहूर्त देखना सबसे सुगम माना जाता है। आज के दिन और रात के चौघड़िया का विवरण इस प्रकार है:

दिन का चौघड़िया (Day Choghadiya)

समय अवधि चौघड़िया प्रकार ज्योतिषीय प्रभाव / फल
05:28 ए एम – 07:10 ए एम उद्वेग (अशुभ) सरकारी काम में बाधा आ सकती है। धैर्य रखें।
07:10 ए एम – 08:53 ए एम चर (सामान्य) यात्रा, वाहन और गतिशीलता से जुड़े कार्यों के लिए शुभ।
08:53 ए एम – 10:35 ए एम लाभ (शुभ) आर्थिक लाभ, व्यापारिक सौदे और धन प्राप्ति के लिए उत्तम।
10:35 ए एम – 12:17 पी एम अमृत (सर्वोत्तम) हर प्रकार के मांगलिक और आध्यात्मिक कार्यों के लिए अमृत समान।
12:17 पी एम – 01:59 पी एम काल (अशुभ) विवाद और अदालती मामलों से बचें। जोखिम न लें।
01:59 पी एम – 03:41 पी एम शुभ (उत्तम) विवाह चर्चा, शिक्षा आरंभ और मांगलिक कार्यों के लिए श्रेष्ठ।
03:41 पी एम – 05:23 पी एम रोग (अशुभ) स्वास्थ्य खराब हो सकता है, वाद-विवाद से दूरी बनाएं।
05:23 पी एम – 07:06 पी एम उद्वेग (अशुभ) दिन का अंतिम भाग मानसिक चिंता बढ़ा सकता है।

रात का चौघड़िया (Night Choghadiya)

समय अवधि चौघड़िया प्रकार ज्योतिषीय प्रभाव / फल
07:06 पी एम – 08:23 पी एम शुभ (उत्तम) पारिवारिक मेल-जोल और उत्सव के लिए सुंदर समय।
08:23 पी एम – 09:41 पी एम अमृत (सर्वोत्तम) अध्ययन, विचार-विमर्श और विश्राम के लिए अति शुभ।
09:41 पी एम – 10:58 पी एम चर (सामान्य) सामान्य गतिविधियां सुचारू रूप से चलती रहेंगी।
10:58 पी एम – 12:16 ए एम रोग (अशुभ) यात्रा टालें, अचानक सेहत में गिरावट आ सकती है।

७. दिशाशूल, ताराबल और आज के महा-उपाय

आज का दिशाशूल (Disha Shool)

आज रविवार होने के कारण पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। शास्त्रों के अनुसार, जिस दिशा में दिशाशूल होता है, उस दिशा में की गई यात्रा कष्टकारी, निष्फल या दुर्घटना जनित हो सकती है।

विशेष परिहार: यदि आज आपको किसी अत्यंत आवश्यक कार्य से पश्चिम दिशा की ओर यात्रा करनी ही पड़े, तो घर से निकलने से पहले दलदली या शुद्ध घी खाकर, अथवा थोड़ा सा दलिया या पान खाकर, माता-पिता का आशीर्वाद लेकर पूर्व दिशा की ओर पांच कदम चलें, उसके बाद ही पश्चिम की यात्रा शुरू करें। इससे दिशाशूल का दोष काफी हद तक शांत हो जाता है।

आज के महा-उपाय (Remedies for Today)

रविवार के दिन सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित उपाय अत्यंत प्रभावी माने गए हैं:

  • अर्घ्य दान: आज सुबह तांबे के लोटे में शुद्ध जल लेकर उसमें कुमकुम, लाल फूल और कुछ दाने अक्षत (चावल) के डालकर सूर्य देव को ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करते हुए अर्घ्य दें।
  • दान पुण्य: आज के दिन किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को गेहूं, तांबा, गुड़ या लाल वस्त्र का दान करने से कुंडली का सूर्य मजबूत होता है।
  • आदित्य हृदय स्तोत्र: यदि नौकरी में परेशानियां आ रही हैं या मान-सम्मान की कमी है, तो आज कम से कम तीन बार आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ अवश्य करें।

पंचांग निष्कर्ष और सनातन चेतना

वैदिक पंचांग केवल समय देखने की तालिका नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, खगोल और हमारी चेतना के बीच का एक जीवंत सेतु है। आज के पंचांग की गणना यह स्पष्ट करती है कि आज शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा/द्वितीया और मृगशिरा नक्षत्र का अद्भुत मिलन हो रहा है, जो रचनात्मक ऊर्जा को बढ़ाने वाला है। दोपहर के समय आने वाला अभिजीत मुहूर्त आपके भौतिक और सांसारिक कार्यों को सिद्ध करेगा, जबकि शाम का राहुकाल आपकी परीक्षा लेगा। बुद्धिमान मनुष्य वही है जो काल चक्र की गति को पहचानकर अपने कर्मों को उसके अनुकूल ढालता है। आज सूर्य नारायण की शरण में रहें, तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा) से पूरी तरह परहेज करें और मन में सकारात्मक विचारों को प्रवाहित होने दें। आपका आज का दिन मंगलमय और ऊर्जा से भरा हो!

© संवत 2083 वैदिक पंचांग संस्थान | सर्वाधिकार सुरक्षित

खगोलीय पिंडों की गति और सूक्ष्म गणितीय गणना पर आधारित। स्थानीय देशांतर के अनुसार समय में आंशिक परिवर्तन संभव है।