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आज का इतिहास: 17 मई को घटी भारत और विश्व की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं | Aaj Ka Itihas






आज का इतिहास: 17 मई की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं | Aaj Ka Itihas


आज का इतिहास: 17 मई

मानव सभ्यता, भारत और विश्व इतिहास के पन्नों में दर्ज 17 मई की सभी प्रमुख और युगांतरकारी घटनाएं

इतिहास के झरोखे से: क्यों खास है 17 मई का दिन?

काल चक्र अविरल बहता रहता है, लेकिन कुछ दिन ऐसे होते हैं जो मानव इतिहास की दिशा और दशा को हमेशा के लिए बदल देते हैं। आज यानी 17 मई का दिन भी वैश्विक इतिहास, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, विज्ञान, खेल और कला के क्षेत्र में एक अत्यंत महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। आज ही के दिन सन 1498 में पुर्तगाली खोजी नाविक वास्को डी गामा ने भारत के समुद्री मार्ग की खोज पूरी की थी और वह कालीकट के तट के करीब पहुंचा था, जिसने आने वाली सदियों के लिए वैश्विक व्यापार और उपनिवेशवाद की नई इबारत लिखी। इसके अलावा आज का दिन वैश्विक संचार क्रांति और मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए भी जाना जाता है। आइए, इस महा-लेख में विस्तार से जानते हैं कि 17 मई के दिन दुनिया और भारत के कोने-कोने में कौन सी बड़ी घटनाएं घटीं, किन महान विभूतियों ने जन्म लिया और कौन सी महान आत्माएं इस संसार से विदा हुईं।

१. भारतीय इतिहास की युगांतरकारी घटनाएं (Indian History on May 17)

भारत के प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक इतिहास में 17 मई की तारीख कई बड़े बदलावों और राजनीतिक उलटफेरों की गवाह रही है:

ईस्वी 1498

वास्को डी गामा का भारत के करीब पहुँचना

पुर्तगाल के प्रसिद्ध खोजी और नाविक वास्को डी गामा का बेड़ा आज ही के दिन भारत में कालीकट (वर्तमान कोझिकोड, केरल) के तट के बेहद करीब पहुंच गया था और कुछ ही दिनों बाद 20 मई को उसने भारत की धरती पर कदम रखा था। यूरोप से भारत तक के इस सीधे समुद्री मार्ग की खोज ने दुनिया के व्यापारिक इतिहास को पूरी तरह से बदल दिया। इसके बाद ही यूरोपीय शक्तियों का भारत और एशिया में आगमन शुरू हुआ, जिसने अंततः भारत में औपनिवेशिक काल और ब्रिटिश साम्राज्य की नींव रखी।

ईस्वी 1540

कन्नौज का युद्ध (बैटल ऑफ कन्नौज / बिलग्राम)

17 मई 1540 को भारत के मध्यकालीन इतिहास का एक अत्यंत निर्णायक युद्ध लड़ा गया, जिसे कन्नौज या बिलग्राम का युद्ध कहा जाता है। इस ऐतिहासिक युद्ध में अफगान शासक शेरशाह सूरी ने मुगल बादशाह हुमायूं को बुरी तरह पराजित किया था। इस करारी हार के बाद हुमायूं को भारत छोड़कर अगले 15 वर्षों के लिए सिंध और फारस में निर्वासित जीवन जीना पड़ा और भारत की सत्ता पर सूरी वंश का कब्जा हुआ। शेरशाह सूरी ने अपने संक्षिप्त शासनकाल में ही जीटी रोड (ग्रैंड ट्रंक रोड) और आधुनिक रुपया मुद्रा प्रणाली जैसी अभूतपूर्व प्रशासनिक सुधारों की नींव रखी थी।

ईस्वी 1762

सिख इतिहास: सुकरचकिया मिसल के वीर सेनापति चरत सिंह की विजय

आज ही के दिन सिख इतिहास में सुकरचकिया मिसल के प्रमुख और महाराजा रणजीत सिंह के दादा, सरदार चरत सिंह ने अहमद शाह अब्दाली के सेनापति ख्वाजा उबेद खान को पराजित कर सियालकोट और उसके आसपास के क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण स्थापित किया था। यह सिखों के आत्मसम्मान और पंजाब में सिख साम्राज्य की स्थापना की दिशा में एक बड़ा कदम था।

ईस्वी 1792

न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में भारतीय मूल के व्यापारिक संदर्भों की सुगबुगाहट

आज ही के दिन न्यूयार्क में वॉल स्ट्रीट पर 24 ब्रोकरों ने मिलकर ‘बटनवुड समझौते’ पर हस्ताक्षर किए थे, जिससे न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) की शुरुआत हुई। हालांकि यह वैश्विक घटना है, लेकिन बाद के वर्षों में इसने भारतीय अर्थव्यवस्था और बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) की वैश्विक कड़ियों को जोड़ने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।

ईस्वी 1949

भारत का राष्ट्रमंडल (Commonwealth) का सदस्य बने रहने का ऐतिहासिक निर्णय

आजादी के बाद भारत के सामने यह बड़ी चुनौती थी कि वह ब्रिटिश प्रभाव वाले राष्ट्रमंडल देशों का हिस्सा रहे या नहीं। 17 मई 1949 को भारत की संविधान सभा ने स्वतंत्र भारत को राष्ट्रमंडल का सदस्य बनाए रखने के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के फैसले को अपनी आधिकारिक मंजूरी दी। यह निर्णय इस मायने में ऐतिहासिक था क्योंकि भारत ने एक संप्रभु गणराज्य रहते हुए भी इस संगठन में शामिल होने का एक नया और अनोखा रास्ता चुना।

💡 ऐतिहासिक तथ्य: शेरशाह सूरी की कूटनीति

1540 के कन्नौज युद्ध में हुमायूं के पास मुगल तोपखाना होने के बावजूद शेरशाह सूरी की सेना ने मानसूनी बारिश का फायदा उठाया। मुगलों के खेमे में पानी भर जाने के कारण उनकी तोपें बेकार हो गईं और शेरशाह की कुशल कूटनीति तथा रणनीतिक गतिशीलता ने मुगलों की विशाल सेना को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।

२. वैश्विक इतिहास की प्रमुख घटनाएं (World History on May 17)

वैश्विक पटल पर आज की तारीख विज्ञान, राजनीति और समाज सुधार की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है:

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वर्ष घटना का विवरण ऐतिहासिक प्रभाव
1808 नेपोलियन बोनापार्ट ने पापल राज्यों (Papal States) को फ्रांसीसी साम्राज्य में मिलाने का आदेश जारी किया। इसके कारण कैथोलिक चर्च और पोप पायस VII के साथ नेपोलियन के संबंध पूरी तरह से टूट गए और यूरोप के धार्मिक-राजनीतिक समीकरण बदल गए।
1865 पेरिस में अंतर्राष्ट्रीय टेलीग्राफ कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे ‘अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ’ (ITU) की स्थापना हुई। यह वैश्विक संचार के इतिहास का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। इसी की याद में हर साल आज के दिन को विश्व दूरसंचार दिवस के रूप में मनाया जाता है।
1970 थॉर हेयरडाहल ने मोरक्को से अटलांटिक महासागर को पार करने के लिए ‘रा II’ (Ra II) नामक पपीरस (सरकंडे) से बनी नाव से यात्रा शुरू की। उन्होंने यह साबित करने के लिए यह यात्रा की कि प्राचीन काल के नाविक भी समुद्री धाराओं का उपयोग करके अटलांटिक महासागर पार कर सकते थे।
1990 विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने समलैंगिकता को मानसिक बीमारियों की वैश्विक सूची से पूरी तरह से हटा दिया। इसे मानवाधिकारों और एलजीबीटीक्यू (LGBTQ+) समुदाय के इतिहास में दुनिया का सबसे बड़ा और युगांतरकारी निर्णय माना जाता है। इसी दिन की याद में आज ‘अंतर्राष्ट्रीय होमोफोबिया, ट्रांसफोबिया विरोधी दिवस’ मनाया जाता है।
2004 अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य ने समलैंगिक विवाह (Same-Sex Marriage) को कानूनी रूप से वैध बना दिया। ऐसा करने वाला यह अमेरिका का पहला और दुनिया के शुरुआती राज्यों में से एक बना, जिसने वैश्विक स्तर पर नागरिक अधिकारों की नई बहस को जन्म दिया।

३. आज के दिन जन्मे प्रसिद्ध व्यक्तित्व (Birthdays on May 17)

17 मई के दिन दुनिया में कई ऐसी विभूतियों ने जन्म लिया जिन्होंने अपने काम, दर्शन और कला से समाज को एक नई दिशा दी:

1749

एडवर्ड जेनर – आधुनिक टीकाकरण के जनक (Father of Immunology)

17 मई 1749 को ब्रिटेन में एडवर्ड जेनर का जन्म हुआ था। वे एक महान चिकित्सक और वैज्ञानिक थे जिन्होंने दुनिया के पहले सफल टीके यानी ‘चेचक के टीके’ (Smallpox Vaccine) की खोज की थी। उनकी इस महान खोज ने मानव सभ्यता को चेचक जैसी महामारी से मुक्ति दिलाई, जिसने करोड़ों लोगों की जान ली थी। चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में उनका योगदान अमर है।

1951

पंकज उधास – भारतीय गजल गायकी के सरताज

भारत के प्रसिद्ध गजल और पाशर्व गायक पंकज उधास का जन्म 17 मई 1951 को गुजरात में हुआ था। उन्होंने अपनी मखमली आवाज से गजल गायकी को भारत के घर-घर और आम जनमानस तक पहुंचाया। उनके गाए गीत और गजलें जैसे “चिठ्ठी आई है आई है” आज भी हर भारतीय को भावुक कर देती हैं। संगीत जगत और भारतीय संस्कृति में उनका योगदान अतुलनीय है।

1984

निकी प्रधान – भारतीय महिला हॉकी की चमकती सितारा

झारखंड के एक छोटे से गांव से निकलकर भारतीय महिला राष्ट्रीय हॉकी टीम में अपनी जगह बनाने वाली निकी प्रधान का जन्म आज ही के दिन हुआ था। वह झारखंड की पहली महिला हॉकी खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलंपिक (रियो ओलंपिक 2016) में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनकी यह जीवन यात्रा देश की लाखों युवा महिला एथलीटों के लिए प्रेरणा का एक महान स्रोत है।

४. आज के दिन हुए प्रमुख निधन (Deaths on May 17)

आज की तारीख को हम उन महान आत्माओं की स्मृति के रूप में भी याद करते हैं, जिन्होंने इस दिन दुनिया को अलविदा कहा:

1727

कैथरीन प्रथम – रूस की साम्राज्ञी

रूस के सम्राट पीटर द ग्रेट की पत्नी और उनके बाद रूस की पहली महिला शासक बनीं कैथरीन प्रथम का निधन आज ही के दिन 1727 में हुआ था। उन्होंने अपने संक्षिप्त शासनकाल में रूस की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

1972

भगवती चरण वर्मा – हिंदी साहित्य के अमर रचनाकार

हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध उपन्यासकार और कवि भगवती चरण वर्मा का निधन आज ही के दिन हुआ था। उनका लिखा उपन्यास ‘चित्रलेखा’ हिंदी साहित्य की कालजयी कृतियों में गिना जाता है। उन्होंने समाज की विसंगतियों और मानवीय स्वभाव को बहुत ही बारीकी से अपनी लेखनी के माध्यम से समाज के सामने रखा। उन्हें साहित्य अकादमी और पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था।

2014

सीपी कृष्णन नायर – द लीला पैलेसेज, होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के संस्थापक

भारतीय आतिथ्य सत्कार (Hospitality Industry) उद्योग के दिग्गज और ‘लीला होटल्स’ समूह के संस्थापक कैप्टन सीपी कृष्णन नायर का निधन 17 मई 2014 को हुआ था। उन्होंने भारत में लक्जरी होटल उद्योग की परिभाषा को बदलते हुए भारतीय संस्कृति और आधुनिकता के अद्भुत समागम को वैश्विक पटल पर प्रस्तुत किया।

५. आज के महत्वपूर्ण उत्सव और दिवस (Important Days on May 17)

17 मई को वैश्विक स्तर पर जागरूकता फैलाने और मानव कल्याण के उद्देश्यों से कई महत्वपूर्ण दिवस मनाए जाते हैं:

विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस (World Telecommunication and Information Society Day)

17 मई 1865 को अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) की स्थापना की याद में हर साल यह दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य इंटरनेट और नई तकनीकों द्वारा समाज तथा अर्थव्यवस्थाओं में आने वाले बदलावों के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना है। यह दिन डिजिटल डिवाइड को पाटने और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक सूचना तकनीक पहुंचाने की प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है।

विश्व उच्च रक्तचाप दिवस (World Hypertension Day)

आज के समय की सबसे बड़ी साइलेंट किलर बीमारी यानी हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए वैश्विक स्तर पर 17 मई को यह दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को अपनी जीवनशैली सुधारने, नियमित व्यायाम करने और खान-पान पर ध्यान देने के लिए प्रेरित करना है ताकि हृदय रोगों के जोखिम को कम किया जा सके।

: इतिहास से सीख और वर्तमान का निर्माण

17 मई का यह विस्तृत इतिहास हमें यह सिखाता है कि समय की एक-एक करवट इंसानी तकदीर को बदलने की ताकत रखती है। जहाँ वास्को डी गामा की समुद्री यात्रा और कन्नौज के युद्ध जैसी घटनाओं ने भारत की राजनीतिक नियति को गहरे रूप से प्रभावित किया, वहीं एडवर्ड जेनर के जन्म और डब्लूएचओ के ऐतिहासिक फैसलों ने पूरी मानवता को एक स्वस्थ और अधिक समावेशी समाज की ओर आगे बढ़ाया। आज जब हम आधुनिक सूचना और दूरसंचार युग में जी रहे हैं, तो यह दिन हमें याद दिलाता है कि तकनीक का सही उपयोग ही मानव सभ्यता को कल्याण के मार्ग पर आगे ले जा सकता है। इतिहास केवल बीती हुई घटनाओं का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह वह दर्पण है जिसमें देखकर हम अपने सुनहरे और सुरक्षित भविष्य की नींव रख सकते हैं।

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यह लेख ऐतिहासिक और प्रामाणिक तथ्यों के संकलन पर आधारित है। ज्ञानवर्धन और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए इसका उपयोग करें।


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