अनिल माधव दवे की पुण्यतिथि: सीएम डॉ. मोहन यादव ने अर्पित की श्रद्धांजलि, कहा- नर्मदा संरक्षण में उनका योगदान अनुकरणीय






पूर्व केंद्रीय मंत्री अनिल माधव दवे की पुण्यतिथि: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी विनम्र श्रद्धांजलि, पर्यावरण संरक्षण में उनके योगदान को किया याद

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श्राद्धांजलि | विशेष समाचार

पर्यावरण संरक्षण के प्रखर चिंतक अनिल माधव दवे की पुण्यतिथि: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अर्पित की विनम्र श्रद्धांजलि, बताया सादगी और राष्ट्रसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मां नर्मदा के अनन्य उपासक, प्रख्यात पर्यावरणविद, प्रखर चिंतक तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री अनिल माधव दवे की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण के प्रति उनके अटूट समर्पण को याद करते हुए कहा कि नदियों की अविरलता को बनाए रखने के लिए किए गए उनके प्रयास भावी पीढ़ियों के लिए सदैव अनुकरणीय रहेंगे।

संघ प्रचारक से केंद्रीय मंत्री तक का सफर

अनिल माधव दवे के अनुकरणीय जीवन का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के समर्पित प्रचारक से लेकर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री तक का उनका संपूर्ण जीवन सफर सादगी, राष्ट्रसेवा और उच्च कर्तव्यनिष्ठा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक जीवन में रहते हुए भी अपनी मौलिक सादगी को कभी नहीं छोड़ा और हमेशा पर्यावरण संवर्धन के जमीनी कार्यों से जुड़े रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश:
“मां नर्मदा के अनन्य उपासक, पर्यावरणविद एवं प्रखर चिंतक, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनिल माधव दवे की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। नदियों की अविरलता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनका समर्पण सदैव अनुकरणीय रहेगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक से केंद्रीय मंत्री तक का उनका सफर सादगी, राष्ट्रसेवा और कर्तव्यनिष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण है।”

नर्मदा संरक्षण के लिए समर्पित रहा जीवन

अनिल माधव दवे का मध्य प्रदेश और विशेष रूप से जीवनदायिनी मां नर्मदा से गहरा लगाव था। उन्होंने ‘नर्मदा समग्र’ संस्था के माध्यम से नर्मदा नदी के संरक्षण, उसके किनारों पर वृक्षारोपण और नदी की स्वच्छता को लेकर कई बड़े जन-आंदोलन खड़े किए। उनके इसी समर्पण और विशेषज्ञता को देखते हुए उन्हें देश के पर्यावरण मंत्रालय की कमान सौंपी गई थी, जहां उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कई दूरगामी नीतियां बनाईं। पर्यावरण के क्षेत्र में उनके अप्रतिम योगदान को आज भी पूरे देश में बड़े आदर के साथ याद किया जाता है।

Pradesh Khabar News Network | ब्यूरो रिपोर्ट भोपाल