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छत्तीसगढ़ में Next Gen CG Dial 112 का बड़ा विस्तार: अमित शाह और सीएम साय ने 400 आधुनिक वाहनों को दिखाई हरी झंडी, सभी 33 जिलों को मिली सौगात






नेक्स्ट जेन CG Dial 112: अमित शाह और सीएम विष्णु देव साय ने 33 जिलों के लिए आधुनिक आपातकालीन वाहनों को दिखाई हरी झंडी, स्मार्ट पुलिसिंग हुई मजबूत


स्मार्ट पुलिसिंग | आपातकालीन सेवा विस्तार

छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में “नेक्स्ट जेन CG Dial 112” का शंखनाद: अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 400 हाईटेक वाहनों को दिखाई हरी झंडी, अब संकट में मिनटों में मिलेगी मदद

रायपुर: छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था, सुरक्षा और नागरिक केंद्रित आपातकालीन सेवाओं को नया आयाम देते हुए राज्य सरकार ने “नेक्स्ट जेन सीजी डायल 112” (Next Gen CG Dial 112) सेवा का विस्तार पूरे प्रदेश में कर दिया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के माना स्थित पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (PTS) में आयोजित एक गरिमामय समारोह में 400 आधुनिक डायल 112 वाहनों, 33 अत्याधुनिक पीटीजेड (PTZ) सर्विलांस वाहनों और 60 नए हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस ऐतिहासिक शुरुआत के साथ ही अब प्रदेश के सभी 33 जिलों में इमरजेंसी सहायता और स्मार्ट पुलिसिंग का सुरक्षा चक्र पहले से कहीं अधिक अभेद्य और मजबूत हो गया है।

अब 16 से बढ़कर सभी 33 जिलों में सक्रिय हुई डायल 112 सेवा

छत्तीसगढ़ में डायल 112 आपातकालीन रिस्पॉन्स सेवा अब तक सीमित दायित्वों और केवल 16 चुनिंदा जिलों में ही संचालित की जा रही थी। सुशासन को समर्पित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने इस सेवा की उपयोगिता और संवेदनशीलता को देखते हुए इसे प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने का संकल्प लिया। आज हुए इस भव्य विस्तार के बाद अब नवगठित जिलों सहित छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों के सुदूर और ग्रामीण अंचलों तक ‘नेक्स्ट जेन डायल 112’ की सेवाएं चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगी। आपातकालीन परिस्थितियों में घिरे किसी भी जरूरतमंद नागरिक को अब महज एक कॉल पर त्वरित, सुरक्षित और प्रभावी पुलिस सहायता मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा बयान:
“‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112’ सेवा के माध्यम से अब छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में जरूरतमंद नागरिकों को आपात परिस्थितियों में त्वरित, सुरक्षित और प्रभावी सहायता उपलब्ध होगी। आधुनिक इमरजेंसी और हाईवे वाहनों के सड़क पर उतरने से सड़क दुर्घटना, मेडिकल इमरजेंसी, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सहित विभिन्न संकटपूर्ण परिस्थितियों में हमारी राहत व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी। यह पहल एक सुरक्षित, संवेदनशील और सशक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में हमारा एक और ऐतिहासिक व महत्वपूर्ण कदम है।”

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एक ही प्लेटफॉर्म पर एकीकृत हुईं कई जीवन रक्षक सेवाएं

नेक्स्ट जनरेशन डायल 112 केवल एक पुलिस वाहन सेवा नहीं है, बल्कि यह अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित एक एकीकृत इंटीग्रेटेड इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम (IERS) है। इसके माध्यम से राज्य शासन ने कई आवश्यक सेवाओं को एक ही नंबर और एक ही प्लेटफॉर्म पर ला खड़ा किया है। अब इसके जरिए पुलिस सहायता के साथ-साथ फायर ब्रिगेड (अग्निशमन सेवाएं), मेडिकल इमरजेंसी (एम्बुलेंस सहायता), महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन, आपदा प्रबंधन सपोर्ट और हाईवे इमरजेंसी सर्विसेज को आपस में सिंक कर दिया गया है। यानी किसी भी बड़ी आपदा या दुर्घटना के समय अलग-अलग विभागों को सूचना देने के बजाय केवल 112 डायल करने पर सभी प्रकार की राहत टीमें एक साथ सक्रिय हो सकेंगी।

‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल 112’ की मुख्य विशेषताएं और बेड़े की ताकत:

  • 400 आधुनिक रिस्पॉन्स वाहन (ERVs): ये जीपीएस और जीआईएस तकनीक से लैस वाहन हैं, जो सूचना मिलते ही घटनास्थल के लिए सबसे नजदीकी पॉइंट से रवाना होंगे, जिससे रिस्पॉन्स टाइम (पहुंचने का समय) काफी कम हो जाएगा।
  • 33 अत्याधुनिक PTZ सर्विलांस वाहन: प्रत्येक जिले को एक-एक हाई-टेक पीटीजेड (Pan-Tilt-Zoom) कैमरा वाहन मिला है, जो कानून-व्यवस्था की स्थिति, बड़े जुलूसों, दंगों या आपात स्थितियों में लाइव वीडियो फीड सीधे केंद्रीय कमांड सेंटर को भेजकर रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेगा।
  • 60 नए हाईवे पेट्रोलिंग वाहन: छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और स्टेट हाईवे पर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने तथा दुर्घटना की स्थिति में ‘गोल्डन ऑवर’ (शुरुआती महत्वपूर्ण समय) के भीतर घायलों को तुरंत मेडिकल केयर पहुंचाने के लिए इन विशेष वाहनों की तैनाती की गई है।
  • स्वचालित कॉलर लोकेशन (ACLI): नई तकनीक के तहत यदि संकट में फंसा कोई व्यक्ति अपनी सही लोकेशन नहीं बता पा रहा है, तो भी कमांड सेंटर स्वचालित रूप से मोबाइल टावर और जीपीएस लोकेशन ट्रैक कर संबंधित पुलिस वाहन को सटीक पते पर भेज देगा।

हाईवे सुरक्षा और दुर्घटना राहत प्रणाली में आएगा क्रांतिकारी बदलाव

छत्तीसगढ़ में भौगोलिक विविधताओं और लंबी दूरी के राष्ट्रीय राजमार्गों के कारण सड़क हादसों के समय त्वरित इलाज न मिल पाना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा रवाना किए गए 60 नए हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों के बेड़े से इस समस्या का स्थाई समाधान होगा। ये वाहन प्राथमिक चिकित्सा किट, रेस्क्यू टूल्स और वायरलेस सेट से लैस हैं, जो हाईवे पर निरंतर गश्त करेंगे। सड़क दुर्घटनाओं में फंसी जिंदगियों को बचाने के लिए यह पूरी व्यवस्था एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी। इसके अतिरिक्त, मेडिकल इमरजेंसी में महिलाओं और बच्चों की तात्कालिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इन वाहनों में विशेष प्रबंध किए गए हैं।

डिजिटल गवर्नेंस और स्मार्ट पुलिसिंग का मिश्रण:
नेक्स्ट जेन 112 प्रोजेक्ट के अंतर्गत रायपुर में एक सेंट्रलाइज्ड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (CCCC) काम कर रहा है। यहाँ आधुनिक सॉफ्टवेयर आधारित ‘टेक्नोलॉजी इनेबल्ड डिस्पैच मैनेजमेंट’ सिस्टम इंस्टॉल किया गया है। इसका मतलब यह है कि कॉल आते ही बिना किसी मानवीय देरी के कंप्यूटर सिस्टम खुद तय करता है कि पीड़ित के सबसे पास कौन सी गाड़ी मौजूद है और उसे तुरंत रूट मैप के साथ अलर्ट भेज दिया जाता है।

बस्तर और वनांचल क्षेत्रों में बढ़ेगा जनता का विश्वास

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया कि बस्तर संभाग और वनांचलों के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में, जहां भौगोलिक परिस्थितियां बेहद कठिन हैं, वहाँ इस सेवा का पहुंचना ऐतिहासिक है। राज्य सरकार बस्तर के पुराने सुरक्षा कैंपों को ‘जन सुविधा केंद्रों’ में बदल रही है, और अब इन क्षेत्रों में डायल 112 की गाड़ियों की चौबीसों घंटे उपलब्धता से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों में शासन और पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास की एक नई बयार बहेगी। अब अंदरूनी गांवों का नागरिक भी आधी रात को संकट आने पर बेझिझक सरकार से मदद की उम्मीद कर सकता है।

सुशासन सरकार का संकल्प: सुरक्षित और समृद्ध छत्तीसगढ़

इस बड़े सेवा विस्तार के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी छत्तीसगढ़ सरकार के त्वरित निर्णयों और सुशासन की दिशा में उठाए जा रहे कदमों की सराहना की। राज्य में अपराधियों पर नकेल कसने, महिलाओं की सुरक्षा को अभेद्य बनाने और आम आदमी को प्रशासनिक तंत्र का त्वरित लाभ देने के लिए तकनीक का यह उपयोग देश के अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज ‘मिनिमम गवर्नमेंट – मैक्सिमम गवर्नेंस’ और पूरी तरह संवेदनशील प्रशासन के अपने वादे को धरातल पर सच साबित कर रहा है।

Pradesh Khabar News Network | पुलिस ट्रेनिंग स्कूल, माना, रायपुर


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