शहडोल: खेत में खुदाई के दौरान मिला ‘धार्मिक चमत्कार’, जमीन से निकलीं चार प्राचीन मूर्तियां
स्थान: ग्राम चंदोरा, सीधी थाना क्षेत्र, शहडोल (मध्य प्रदेश) | दिनांक: 3 जून, 2026
घटना का विवरण
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के अंतर्गत आने वाले सीधी थाना क्षेत्र के ग्राम चंदोरा में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। खेती के लिए जमीन की खुदाई के दौरान जमीन के भीतर से भगवान की चार प्राचीन मूर्तियां प्राप्त हुई हैं। इन मूर्तियों के मिलने के बाद से ही पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, कौतूहल और धार्मिक उत्साह का माहौल बना हुआ है।
कैसे मिलीं मूर्तियां?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरियाणा निवासी सुनील कुमार जाट (पिता ओमप्रकाश जाट) ने लगभग एक माह पूर्व चंदोरा निवासी लक्ष्मीकांत शुक्ला से एक कृषि भूमि खरीदी थी। रविवार को जब इस जमीन को कृषि योग्य बनाने के लिए ट्रैक्टर से खुदाई का कार्य किया जा रहा था, तभी मजदूरों को मिट्टी के नीचे दबी हुई पत्थर की चार मूर्तियां दिखाई दीं।
प्रारंभ में मजदूरों ने इसे साधारण पत्थर का टुकड़ा समझकर अनदेखा करने का प्रयास किया, लेकिन जब उन्हें साफ किया गया, तो मूर्तियों की आकृति स्पष्ट रूप से भगवान की प्रतिमाओं जैसी दिखाई दी। इस घटना ने वहां मौजूद सभी लोगों को अचंभित कर दिया।
ग्रामीणों में आस्था और उत्साह
जैसे ही मूर्तियों के मिलने की खबर आसपास के गांवों में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर उमड़ पड़े। स्थानीय लोग इसे ईश्वरीय संकेत और ‘धार्मिक चमत्कार’ मान रहे हैं। मौके पर पहुंची भीड़ ने मूर्तियों को नमन कर पूजा-अर्चना शुरू कर दी।
- धार्मिक अनुष्ठान: ग्राम चंदोरा में मूर्तियों के मिलने के बाद से ही भजन-कीर्तन का दौर शुरू हो गया है।
- श्रद्धा का केंद्र: ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्रित होकर मूर्तियों के दर्शन कर रहे हैं और इसे क्षेत्र के लिए सौभाग्य का प्रतीक मान रहे हैं।
- सुरक्षा: वर्तमान में ये मूर्तियां ग्रामीणों की देखरेख और निगरानी में सुरक्षित रखी गई हैं।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही सीधी थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी शिवेंद्र सिंह भगत ने स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस ने मूर्तियों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी प्रकार की क्षति न हो।
पुरातत्व विभाग की जांच का इंतजार
प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पुरातत्व विभाग को सूचना दे दी है। थाना प्रभारी शिवेंद्र सिंह भगत ने बताया कि:
“प्राप्त मूर्तियों की प्राचीनता और उनके ऐतिहासिक महत्व का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की टीम को सूचित किया गया है। पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञों द्वारा जांच करने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि ये मूर्तियां किस काल की हैं और इनका ऐतिहासिक मूल्य क्या है।”
निष्कर्ष
शहडोल के इस छोटे से गांव में निकली ये मूर्तियां न केवल स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र बनी हैं, बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। विशेषज्ञ जब इन मूर्तियों की जांच करेंगे, तो संभव है कि इस क्षेत्र के प्राचीन इतिहास से जुड़ी कोई बड़ी जानकारी सामने आए। फिलहाल, गांव में भारी पुलिस बल की सतर्कता और ग्रामीणों की भक्तिपूर्ण गतिविधियां जारी हैं।











