स्वास्थ्य केंद्र में वित्तीय अनियमितता: फर्जी नियुक्ति और भोजन घोटाले पर मचा बवाल





विशेष रिपोर्ट: बलरामपुर स्वास्थ्य केंद्र में भ्रष्टाचार का मामला

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0


बलरामपुर के रेवतपुर स्वास्थ्य केंद्र में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप: कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग

अंबिकापुर | 03 जून, 2026

बलरामपुर जिले के रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में प्रशासनिक मनमानी और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर मामले सामने आए हैं। स्थानीय नागरिकों द्वारा जिला कलेक्टर को सौंपी गई शिकायतों में प्रभारी डॉक्टर पर फर्जी नियुक्तियों और मरीजों के भोजन के नाम पर सरकारी राशि गबन करने के आरोप लगाए गए हैं।

बिना काम किए वेतन भुगतान का मामला

प्राप्त शिकायतों के अनुसार, अमिषा सिंह की नियुक्ति 25 मई 2023 को डेटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में हुई थी। आरोप है कि नियुक्ति के बाद से उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में कभी भी कार्य नहीं किया, फिर भी उनके वेतन का भुगतान किया जा रहा है। शिकायतकर्ता मनीष कुमार ने राजपुर बीएमओ डॉ. रमेश जायसवाल पर अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने और नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया है।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

मरीजों के भोजन में कमीशनखोरी और गबन

दूसरी गंभीर शिकायत में भर्ती मरीजों के भोजन में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ है। प्रमुख बिंदु:

  • वर्ष 2023 के बाद से भोजन प्रदाय करने की कोई निविदा प्रक्रिया नहीं अपनाई गई।
  • बीएमओ डॉ. रमेश जायसवाल द्वारा अन्य समूहों के साथ मिलकर गलत बिल-वाउचर तैयार किए गए।
  • मार्च 2026 में फर्जी मरीजों की सूची बनाकर ‘रेगुलर हेड’ की राशि का अवैध आहरण किया गया।

कलेक्टर से की गई प्रमुख मांगें

  1. प्रभार से मुक्ति: आरोपों की निष्पक्ष जांच हेतु डॉ. रमेश जायसवाल से तत्काल प्रभाव से वित्तीय और प्रशासनिक प्रभार वापस लिया जाए।
  2. दस्तावेजों का संरक्षण: जांच प्रभावित न हो, इसके लिए जीवन दीप समिति की पंजियों, चेक बुक और निविदा दस्तावेजों को कलेक्टर अपने संरक्षण में लें।
  3. निष्पक्ष जांच: मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय अधिकारियों से हटकर एक स्वतंत्र टीम द्वारा सूक्ष्म जांच कराई जाए।

यह मामला स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोलता है। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन पर हैं कि क्या इन गंभीर आरोपों पर कोई ठोस कार्रवाई की जाती है या मामला फाइलों में दब जाएगा।