छत्तीसगढ़ में विकास और सुरक्षा का नया युग: प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के सफल नेतृत्व का आभार
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण होने पर उन्हें पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ की साढ़े तीन करोड़ जनता की ओर से आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को ‘नए भारत के निर्माण’, ‘सुशासन’ और ‘जनकल्याण’ के 12 वर्ष करार दिया है।
नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक विजय
मुख्यमंत्री साय ने अपने पत्र में छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास को प्राथमिकता देने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने रेखांकित किया कि पिछले 12 वर्षों में राज्य को ‘नक्सल मुक्त’ बनाने की दिशा में अभूतपूर्व सफलता मिली है।
- विशेष केंद्रीय सहायता (SCA): ₹2080.29 करोड़ का आवंटन, जिससे बुनियादी ढांचे और सेवाओं में सुधार हुआ।
- सड़क नेटवर्क विस्तार: ₹2377 करोड़ की लागत से 3222 किलोमीटर लंबी 391 सड़कें और 88 बड़े पुल स्वीकृत।
विकास की नई यात्रा और बुनियादी ढांचा
प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में विकास की नई धारा बही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार के समन्वय से राज्य में करोड़ों रुपये की अधोसंरचना परियोजनाएं धरातल पर उतरी हैं। चाहे वह किसानों को सशक्त बनाने वाली योजनाएं हों या आदिवासी अंचलों तक विकास की मुख्यधारा को पहुँचाना हो, हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आया है।
| क्षेत्र | उपलब्धियाँ |
|---|---|
| आंतरिक सुरक्षा | पुलिस आधुनिकीकरण, मोबाइल नेटवर्क और साइबर अपराध जांच में वृद्धि। |
| कनेक्टिविटी | बस्तर सहित सुदूर क्षेत्रों में सड़कों और पुलों का जाल बिछाया गया। |
| सामाजिक कल्याण | गरीब, युवा, महिला और वंचित वर्गों के जीवन स्तर में सुधार। |
प्रधानमंत्री को आभार और भविष्य की कामना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और उनके सतत यशस्वी नेतृत्व की कामना की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ आज जो विकास, विश्वास और सुशासन के अध्याय लिख रहा है, वह प्रधानमंत्री के विजन और केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग का ही परिणाम है।
यह 12 वर्षों का सफर न केवल भारत के लिए, बल्कि छत्तीसगढ़ के लिए भी विकास का स्वर्ण काल रहा है। राज्य अब लाल आतंक के साये से बाहर निकलकर विकास के नए सोपान तय कर रहा है।










