कांकेर में नीट (NEET) परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न: कड़ी सुरक्षा के बीच 3 केंद्रों पर 1373 परीक्षार्थियों ने दिया एग्जाम, डिप्टी कलेक्टर आस्था बोरकर ने जारी किए आंकड़े
कांकेर (उत्तर बस्तर)। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पूरी तरह से शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली इस परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा और सतर्कता के अभूतपूर्व प्रबंध किए गए थे। जिला मुख्यालय कांकेर में बनाए गए तीन प्रमुख परीक्षा केंद्रों में कुल 1,373 छात्र-छात्राओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और चिकित्सा क्षेत्र में अपना करियर बनाने के लिए अपनी तैयारियों को आजमाया।
परीक्षा के सफल क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन महीनों से तैयारियों में जुटा हुआ था। इस बार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कड़े दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए जिला मुख्यालय में चाक-चौबंद व्यवस्था की गई थी। परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों की भारी भीड़ देखी गई। सुरक्षा और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक केंद्र पर आधुनिक तकनीकों जैसे मेटल डिटेक्टर फ्रीस्किंग, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और सघन शारीरिक जांच की व्यवस्था की गई थी, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित साधनों के उपयोग की गुंजाइश न रहे।
प्रशासनिक मुस्तैदी: डिप्टी कलेक्टर आस्था बोरकर ने साझा किए उपस्थिति के आधिकारिक आंकड़े
परीक्षा की समाप्ति के बाद कांकेर जिले की डिप्टी कलेक्टर आस्था बोरकर ने मीडिया और आधिकारिक चैनलों के माध्यम से परीक्षा से जुड़े विस्तृत और महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय कांकेर में सुचारू रूप से परीक्षा आयोजित करने के लिए तीन सरकारी शिक्षण संस्थानों को परीक्षा केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया था। इन तीनों केंद्रों में कुल पंजीकृत (Registered) परीक्षार्थियों की संख्या 1,587 थी, जिनमें से कुल 1,373 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इस प्रकार कांकेर जिले में नीट परीक्षा का कुल उपस्थिति प्रतिशत 86.51 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो जिले के युवाओं में चिकित्सा शिक्षा के प्रति बढ़ते रुझान को दर्शाता है।
कांकेर जिला नीट परीक्षा 2026: एक नजर में मुख्य बिंदु
- कुल परीक्षा केंद्र: 03 (जिला मुख्यालय कांकेर)
- कुल पंजीकृत परीक्षार्थी: 1,587 छात्र
- परीक्षा में शामिल हुए कुल छात्र: 1,373 छात्र
- अनुपस्थित परीक्षार्थियों की संख्या: 214 छात्र
- कुल औसत उपस्थिति: 86.51%
- सुरक्षा उपाय: त्रिस्तरीय सुरक्षा, मेटल डिटेक्टर, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और सीसीटीवी निगरानी।
परीक्षा केंद्रों का विस्तृत विश्लेषण और आंकड़ों का गणित
डिप्टी कलेक्टर आस्था बोरकर द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, तीनों परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की उपस्थिति और पंजीकरण का विवरण इस प्रकार रहा:
1. शहीद रामकुमार यादव शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कांकेर
जिला मुख्यालय स्थित इस महत्वपूर्ण कन्या विद्यालय को पहला परीक्षा केंद्र बनाया गया था। यहां परीक्षा के आयोजन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। आंकड़ों की बात करें तो इस केंद्र पर कुल 408 परीक्षार्थी पंजीकृत किए गए थे। परीक्षा वाले दिन केंद्र में 374 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, जबकि 34 परीक्षार्थी किन्हीं कारणों से अनुपस्थित रहे। इस केंद्र पर छात्रों का प्रबंधन और प्रवेश प्रक्रिया बेहद सुव्यवस्थित रही।
2. शासकीय नरहरदेव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कांकेर
ऐतिहासिक और बड़े परिसरों में शुमार शासकीय नरहरदेव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को दूसरा मुख्य केंद्र बनाया गया था। इस केंद्र पर कुल 459 परीक्षार्थियों का पंजीकरण हुआ था। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस केंद्र में कुल 399 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 60 अभ्यर्थी अनुपस्थित पाए गए। विशाल परिसर होने के कारण यहां रोल नंबर सर्च करने और फ्रीस्किंग के लिए अतिरिक्त काउंटर्स बनाए गए थे।
3. भानुप्रतापदेव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कांकेर
जिले का यह प्रतिष्ठित पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज सबसे बड़ा परीक्षा केंद्र साबित हुआ, जहां परीक्षार्थियों की संख्या सर्वाधिक थी। भानुप्रतापदेव पीजी कॉलेज केंद्र में कुल 720 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 600 परीक्षार्थी परीक्षा हॉल तक पहुंचे और उन्होंने अपना प्रश्न पत्र हल किया। वहीं, इस केंद्र पर सबसे ज्यादा 120 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। बड़ी संख्या को देखते हुए इस केंद्र पर सुरक्षा बलों और पर्यवेक्षकों (Invigilators) की तैनाती भी उसी अनुपात में अधिक की गई थी।
परीक्षा केंद्र वार सांख्यिकी तालिका (Statistical Table)
पाठकों और विश्लेषकों की समझ के लिए कांकेर जिले के नीट परीक्षा के आंकड़ों को नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट रूप से समझा जा सकता है:
| क्र. | परीक्षा केंद्र का नाम | पंजीकृत छात्र | उपस्थित छात्र | अनुपस्थित छात्र | उपस्थिति प्रतिशत (%) |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | शहीद रामकुमार यादव शासकीय कन्या उ.मा. विद्यालय | 408 | 374 | 34 | 91.66% |
| 2 | शासकीय नरहरदेव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय | 459 | 399 | 60 | 86.92% |
| 3 | भानुप्रतापदेव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय | 720 | 600 | 120 | 83.33% |
| – | कुल योग (Total) | 1,587 | 1,373 | 214 | 86.51% |
सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम: मेटल डिटेक्टर से लेकर बायोमेट्रिक सत्यापन तक
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की संवेदनशीलता को देखते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और राज्य शासन के कड़े नियमों के तहत सुरक्षा का त्रिस्तरीय ढांचा तैयार किया गया था। किसी भी अप्रिय स्थिति, पेपर लीक की अफवाहों या फर्जीवाड़े को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए थे। केवल वैध प्रवेश पत्र (Admit Card) और पहचान पत्र वाले छात्रों को ही परिसर के भीतर जाने की अनुमति दी गई।
प्रवेश द्वार पर ही प्रत्येक छात्र की गहन जांच (Frisking) की गई। इसके लिए पुरुष और महिला सुरक्षाकर्मियों की अलग-अलग टीमें तैनात थीं। आधुनिक हैंडहेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी परीक्षार्थी अपने साथ मोबाइल, ब्लूटूथ, स्मार्ट वॉच, ईयरफोन या किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या चिट अंदर न ले जा सके।
इसके बाद, परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले सबसे महत्वपूर्ण चरण बायोमेट्रिक सत्यापन (Biometric Verification) का था। प्रत्येक छात्र के अंगूठे का निशान और डिजिटल फोटोग्राफ लिया गया, ताकि डमी कैंडिडेट या ‘सॉल्वर गैंग’ जैसी किसी भी अवैध गतिविधि को पूरी तरह विफल किया जा सके। इसके अलावा, परीक्षा के दौरान भी सभी कमरों में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए सीधे कंट्रोल रूम से निगरानी रखी जा रही थी। जैमर्स की मदद से परीक्षा केंद्रों के आसपास के मोबाइल नेटवर्क को भी सीमित किया गया था।
सख्त ड्रेस कोड का करना पड़ा पालन, नियमों में नहीं मिली कोई ढील
एनटीए के नियमानुसार, नीट परीक्षा के लिए बेहद सख्त ड्रेस कोड लागू किया गया था। कांकेर के तीनों केंद्रों पर तैनात अधिकारियों ने नियमों का कड़ाई से पालन कराया। परीक्षार्थियों को आधी आस्तीन के कपड़े (Half Sleeves Clothes), हल्के रंग के परिधान और चप्पल या कम हील वाले सैंडल पहनकर ही आने की अनुमति थी। जिन छात्रों ने पूरी आस्तीन के शर्ट या बड़े बटन वाले कपड़े पहने थे, उन्हें प्रवेश से पहले दिक्कतों का सामना करना पड़ा और कई केंद्रों पर प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी कीं।
जूते पहनकर आने वाले परीक्षार्थियों को मुख्य गेट पर ही जूते उतारने पड़े। आभूषण, ताबीज, बेल्ट, और बड़े चश्मों पर भी पूरी तरह से पाबंदी रही। धार्मिक या पारंपरिक वेशभूषा पहनकर आने वाले अभ्यर्थियों को नियमानुसार चेकिंग के लिए सुबह काफी पहले बुलाया गया था, जिससे उनकी सघन लेकिन सम्मानजनक जांच सुनिश्चित की जा सके।
भीषण गर्मी के बीच प्रशासन के प्रबंध: अभिभावकों और छात्रों के लिए राहत कार्य
चूंकि परीक्षा जून के महीने में आयोजित की जा रही है, लिहाजा छत्तीसगढ़ में पड़ रही भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए जिला प्रशासन और परीक्षा समन्वयकों ने विशेष इंतजाम किए थे। कलेक्टर और जिला प्रशासन के निर्देश पर सभी केंद्रों में ठंडे पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। परीक्षा कक्षों में पंखे और वेंटिलेशन को दुरुस्त किया गया था ताकि छात्रों को तीन घंटे से अधिक समय तक बैठने में कोई शारीरिक परेशानी न हो।
इसके अलावा, दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों और अंदरूनी इलाकों (जैसे अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, पखांजूर, कोयलीबेड़ा) से आए परीक्षार्थियों के अभिभावकों के लिए केंद्रों के बाहर छाएदार पंडाल और बैठने की व्यवस्था की गई थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आपातकालीन चिकित्सा टीम और एम्बुलेंस को भी अलर्ट मोड पर रखा गया था, ताकि यदि किसी छात्र की तबीयत खराब हो, तो उसे तत्काल प्राथमिक उपचार दिया जा सके।
परीक्षार्थियों की प्रतिक्रिया: कैसा रहा नीट परीक्षा का प्रश्न पत्र?
परीक्षा देकर केंद्रों से बाहर निकले छात्रों के चेहरों पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ छात्रों के चेहरों पर राहत की मुस्कान थी, तो कुछ प्रश्न पत्र के कठिन स्तर को लेकर विचारमग्न दिखे। कांकेर केंद्र से परीक्षा देकर निकलीं छात्रा अंजलि नेताम और छात्र राहुल साहू ने बताया कि इस वर्ष का प्रश्न पत्र संतुलित था, लेकिन भौतिकी (Physics) के सेक्शन ने काफी समय लिया।
छात्रों के अनुसार:
- जीव विज्ञान (Biology): बॉटनी और जूलॉजी के अधिकांश प्रश्न पूरी तरह से एनसीईआरटी (NCERT) के पाठ्यक्रम पर आधारित थे। यह सेक्शन सीधा और स्कोरिंग था, जिससे छात्रों को राहत मिली।
- रसायन विज्ञान (Chemistry): केमिस्ट्री का पेपर मध्यम स्तर का था। ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री से सीधे थ्योरी वाले सवाल पूछे गए थे, जबकि फिजिकल केमिस्ट्री में कुछ गणनाएं (Calculations) लंबी थीं।
- भौतिकी (Physics): हर बार की तरह इस बार भी फिजिक्स का सेक्शन छात्रों के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। न्यूमेरिकल आधारित प्रश्नों की अधिकता के कारण समय प्रबंधन (Time Management) में मुश्किलें आईं।
कांकेर जैसे आदिवासी बहुल जिले में नीट परीक्षा के सफल आयोजन के मायने
उत्तर बस्तर कांकेर को छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल और आंशिक रूप से नक्सल प्रभावित जिलों में गिना जाता रहा है। ऐसे क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की इतनी बड़ी परीक्षा का बिना किसी व्यवधान और इतनी उच्च तकनीकी सतर्कता के साथ आयोजित होना जिला प्रशासन की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार की योजनाओं, ‘छू लो आसमान’ जैसे स्थानीय कोचिंग पहलों और जिला प्रशासन के मार्गदर्शन के कारण बस्तर संभाग के बच्चों में डॉक्टर और इंजीनियर बनने की आकांक्षा तेजी से बढ़ी है। यही कारण है कि इस बार 1300 से अधिक स्थानीय युवाओं ने जिला मुख्यालय में ही आकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अपनी दावेदारी पेश की। स्थानीय स्तर पर केंद्र मिलने से ग्रामीण क्षेत्र के निर्धन परिवारों के बच्चों को दूसरे बड़े शहरों जैसे रायपुर, भिलाई या बिलासपुर जाने के आर्थिक बोझ और मानसिक तनाव से मुक्ति मिली है।
निष्कर्ष और आभार प्रदर्शन
कुल मिलाकर, जिला प्रशासन, पुलिस बल, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और सहायक कर्मचारियों के आपसी समन्वय से कांकेर में नीट परीक्षा 2026 का आयोजन एक मिसाल की तरह संपन्न हुआ। डिप्टी कलेक्टर आस्था बोरकर सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने परीक्षा के सफल समापन पर राहत व्यक्त की है और परीक्षा ड्यूटी में लगे सभी कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। अब परीक्षार्थियों को एनटीए द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक आंसर-की (Answer Key) और परिणाम का इंतजार है, जिसके आधार पर देश और प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों की सीटें तय होंगी।
Ashish Sinha
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