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छत्तीसगढ़ पुनर्वास नीति 2025: कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी और एसपी वैभव बैंकर ने की समीक्षा, 92 हितग्राही चिन्हित






छत्तीसगढ़ नक्सलवादी पुनर्वास नीति 2025: कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी और एसपी वैभव बैंकर ने की समीक्षा, 92 प्रकरणों में मिलेगा योजनाओं का लाभ


पुनर्वास नीति 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन गंभीर: कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश, 92 हितग्राही चिन्हित

प्रदेश खबर नेटवर्क | अपडेटेड: 2026 | स्थान: छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के समन्वय से छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कवायद तेज हो गई है। संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर की उपस्थिति में एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नीति के तहत चिन्हित पात्र हितग्राहियों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ पहुंचाना सुनिश्चित करना है।

समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और संबल प्रदान करना मुख्य उद्देश्य: कलेक्टर

बैठक में अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि पुनर्वास नीति-2025 का मूल उद्देश्य आत्मसमर्पित नक्सलियों का सम्मानजनक पुनर्वास करना है। उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाकर एक बेहतर जीवन जीने के अवसर प्रदान करना शासन की प्राथमिकता है। इसके साथ ही, नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को संबल प्रदान करना भी इस नीति का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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कलेक्टर ने आगे स्पष्ट किया कि ऐसे परिवार जिनकी संपत्ति, मकान या आजीविका के साधनों को नक्सल हिंसा के कारण क्षति पहुंची है, उन्हें चिन्हित कर शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने संबंधित सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपस में बेहतर समन्वय (Coordination) स्थापित कर कार्य करें और समयबद्ध तरीके से कार्रवाई पूरी करें, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही लाभ से वंचित न रह सके।

“पुनर्वास नीति का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि प्रभावितों और आत्मसमर्पित व्यक्तियों को समाज में एक सम्मानजनक स्थान दिलाना है। सभी विभाग मिशन मोड में काम करते हुए समय पर लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें।” – कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी

जिले में 92 प्रकरण चिन्हित, विभिन्न योजनाओं से किया जाएगा लाभान्वित: एसपी वैभव बैंकर

बैठक में उपस्थित पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने नीति के तकनीकी और व्यावहारिक पक्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस पुनर्वास नीति के तहत व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। नीति के अंतर्गत नक्सली हिंसा में मृत व्यक्तियों के आश्रित परिजनों, आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व नक्सलियों, हिंसा में गंभीर रूप से घायल आम नागरिकों तथा ऐसे लोग जिनकी चल-अचल संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, उन्हें पात्रता के मापदंडों के अनुसार लाभान्वित किया जाएगा।

एसपी वैभव बैंकर ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिले में अब तक ऐसे कुल 92 प्रकरणों को चिन्हित कर लिया गया है। इन सभी चिन्हित प्रकरणों में प्रभावितों और पात्र हितग्राहियों की सूची तैयार है, जिन्हें उनकी पात्रता के आधार पर शासन के अलग-अलग विभागों की विभिन्न योजनाओं से सीधे जोड़ा जाएगा। इससे उन्हें रोजगार, शिक्षा, आवास और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी।

बैठक में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

संयुक्त जिला कार्यालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर, अपर कलेक्टर आर. एस. लाल सहित पुनर्वास समिति के संबंधित सदस्य और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित थे। बैठक के दौरान सभी विभागों को उनके क्षेत्र से संबंधित कल्याणकारी योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन के लिए रोडमैप तैयार करने को कहा गया है।


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