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HPV टीकाकरण में छत्तीसगढ़ का बलरामपुर-रामानुजगंज जिला 90% सफलता के साथ राज्य में प्रथम






एचपीवी टीकाकरण: छत्तीसगढ़ में बलरामपुर-रामानुजगंज जिला 90% सफलता के साथ प्रथम स्थान पर


बड़ी सफलता

राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान: छत्तीसगढ़ में बलरामपुर-रामानुजगंज जिला 90% सफलता के साथ प्रथम स्थान पर

द्वारा: प्रदेश खबर नेटवर्क
दिनांक: 30 जून 2026
स्थान: बलरामपुर / रायपुर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 28 फरवरी 2026 को प्रारंभ किए गए राष्ट्रव्यापी निःशुल्क एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान में छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। जिले ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वास्थ्य सेवाओं में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

महिलाओं को भविष्य में गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से संचालित इस सघन अभियान में जिले ने उत्कृष्ट प्रबंधन का परिचय दिया। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में निर्धारित 8,785 लक्ष्य आबादी के विरुद्ध कुल 7,931 बालिकाओं का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया गया, जिससे जिले ने कुल 90 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है। यह सफलता राज्य के अन्य जिलों के लिए भी एक प्रेरणा बनकर उभरी है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के जनस्वास्थ्य विजन को मिला बल

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार जनस्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा मातृ एवं बाल स्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। राज्य सरकार द्वारा विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी प्रतिबद्धता के अनुरूप बलरामपुर-रामानुजगंज जिले ने एचपीवी टीकाकरण अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में अग्रणी स्थान हासिल किया है, जो शासन की स्वास्थ्य प्राथमिकताओं के सफल क्रियान्वयन को दर्शाता है।

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अभियान के मुख्य आंकड़े एक नज़र में:

विवरण आंकड़े / लक्ष्य
कुल निर्धारित लक्ष्य आबादी 8,785 बालिकाएं
सफलतापूर्वक टीकाकृत बालिकाएं 7,931 बालिकाएं
कुल सफलता प्रतिशत 90%
नियोजित टीकाकरण सत्र 631 सत्र
आयोजित टीकाकरण सत्र 492 सत्र
राज्य में रैंकिंग प्रथम स्थान (अग्रणी जिला)

प्रशासनिक सूझबूझ और समन्वित प्रयास से बना जन-आंदोलन

इस अभियान की जमीनी सफलता के पीछे कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी का कुशल मार्गदर्शन और सतत मॉनिटरिंग रही है। उनके निर्देश पर जिला प्रशासन ने इसे केवल एक सरकारी कार्यक्रम न मानकर एक व्यापक जन-आंदोलन का स्वरूप दिया। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग तथा स्थानीय मैदानी अमले ने आपस में समन्वय स्थापित कर बेहतरीन काम किया।

जिले के सुदूर, वनांचल और विशेष रूप से पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंच बनाना एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन मैदानी कार्यकर्ताओं के हौसले और सुनियोजित रणनीति के कारण टीम ने हर एक पात्र बालिका तक समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित की। जिले में कुल 631 नियोजित सत्रों के विरुद्ध 492 टीकाकरण सत्रों का प्रभावी आयोजन किया गया, जिसने इस बड़ी सफलता की नींव रखी।

जागरूकता अभियान: मितानिनों और कार्यकर्ताओं ने घर-घर दी दस्तक

एचपीवी संक्रमण और सर्वाइकल कैंसर को लेकर समाज में जागरूकता की कमी को देखते हुए, अभियान के दौरान विशेष जागरूकता गतिविधियों का संचालन किया गया। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से अभिभावकों और किशोरियों को बीमारी के खतरों और टीके के लाभों के प्रति विस्तार से जागरूक किया गया।

इस कार्य में स्थानीय मितानिनों, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों ने बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन टीमों ने सुदूर गांवों में घर-घर संपर्क कर अभिभावकों की शंकाओं का समाधान किया और पात्र बालिकाओं को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया। इसी जमीनी सक्रियता के परिणामस्वरूप जिले की जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और जिला 90 प्रतिशत के आंकड़े को छूने में सफल रहा।

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी का संदेश:
“इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर स्वास्थ्य विभाग सहित अभियान से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई। जिले ने राज्य में अग्रणी स्थान अवश्य प्राप्त किया है, लेकिन हमारा वास्तविक लक्ष्य केवल प्रथम स्थान प्राप्त करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र बालिका का शत-प्रतिशत एचपीवी टीकाकरण सुनिश्चित करना है। कोई भी पात्र बालिका इस जीवनरक्षक सुरक्षा कवच से वंचित नहीं रहनी चाहिए।”

शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए नए निर्देश जारी

अग्रणी स्थान प्राप्त करने के बाद भी जिला प्रशासन शिथिल नहीं हुआ है। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि जिले में छूटी हुई प्रत्येक पात्र बालिका की बारीकी से पहचान की जाए। इसके लिए विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित करने की कार्ययोजना बनाई जा रही है।

आने वाले दिनों में स्थानीय स्तर पर विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, आश्रम-छात्रावासों और सामुदायिक स्तर पर व्यापक और सघन जनजागरूकता अभियान फिर से चलाया जाएगा। जिला प्रशासन का स्पष्ट संकल्प है कि जब तक अंतिम पात्र बालिका का एचपीवी टीकाकरण पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक यह अभियान निरंतर गति से जारी रहेगा।

कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सफलता की मिसाल

भौगोलिक दृष्टि से दूरस्थ, पहाड़ी और जनजातीय बाहुल्य अंचलों वाला बलरामपुर-रामानुजगंज जिला आज राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन का एक बेहतरीन राष्ट्रीय उदाहरण बनकर उभरा है। यह सफलता साबित करती है कि यदि मजबूत प्रशासनिक नेतृत्व, विभागों के बीच बेहतर तालमेल, और जनता की सक्रिय सहभागिता हो, तो कठिन से कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतियों के बीच भी उत्कृष्ट और प्रेरणादायक परिणाम लाए जा सकते हैं।


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