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आज का पंचांग 4 जुलाई 2026: आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय






आज का पंचांग 4 जुलाई 2026: आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी, धनिष्ठा नक्षत्र और पंचक का प्रभाव; जानें आज का शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय


आज का पंचांग 4 जुलाई 2026: आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी, धनिष्ठा नक्षत्र और पंचक का पूरा विवरण; जानें शनिवार के शुभ-अशुभ मुहूर्त

भारतीय सनातन परंपरा में दैनिक पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी नए कार्य की शुरुआत, यात्रा की योजना या धार्मिक अनुष्ठान करने से पहले दिन के शुभ और अशुभ समय का आंकलन करना अनिवार्य माना गया है। आज 4 जुलाई 2026, दिन शनिवार है। आज आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि दोपहर तक रहेगी, जिसके बाद पंचमी तिथि का आगमन होगा। आज का दिन विशेष है क्योंकि आज पूरे दिन पंचक का प्रभाव रहने वाला है, साथ ही चंद्रमा कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं।

विशेष नोट: आज शनिवार का दिन कर्मफल दाता शनिदेव की आराधना के लिए सर्वोत्तम है। इसके साथ ही दोपहर तक रहने वाली चतुर्थी तिथि विघ्नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित है। यदि आप आज कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना चाहते हैं, तो पंचांग में दिए गए शुभ समय और राहुकाल की स्थिति को अवश्य ध्यान में रखें।

4 जुलाई 2026 के मुख्य ज्योतिषीय तत्व (Key Panchang Elements)

पंचांग मुख्य रूप से पांच तत्वों से मिलकर बनता है: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। आज के इन पांचों तत्वों की स्थिति इस प्रकार है:

पंचांग तत्व आज की स्थिति (4 जुलाई 2026)
दिनांक और दिन 4 जुलाई 2026, शनिवार
मास और पक्ष आषाढ़ मास, कृष्ण पक्ष
तिथि चतुर्थी तिथि दोपहर 12:39 बजे तक, तत्पश्चात पंचमी तिथि
नक्षत्र धनिष्ठा नक्षत्र दोपहर 01:43 बजे तक, उसके बाद शतभिषा नक्षत्र
योग प्रीति योग सायं 05:02 बजे तक, उसके बाद आयुष्मान योग
करण बालव करण दोपहर 12:39 बजे तक, फिर कौलव करण
विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी)
शक संवत 1948 (पराभव)

सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय

दैनिक जीवन में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का अत्यधिक महत्व है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो नियमित संध्यावंदन या उपवास आदि करते हैं। आज के सूर्य और चंद्र देव के समय की जानकारी नीचे दी जा रही है:

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  • सूर्योदय: प्रात: 05:28 बजे
  • सूर्यास्त: सायं 07:22 बजे
  • चंद्रोदय: रात्रि 10:22 बजे
  • चन्द्रास्त: प्रात: 09:04 बजे (अगले दिन)
  • ऋतु: ग्रीष्म ऋतु
  • अयन: दक्षिणायन

आज का शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat Today)

शुभ मुहूर्तों में किए गए कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न होते हैं और उनका सकारात्मक फल प्राप्त होता है। आज के प्रमुख शुभ समय इस प्रकार हैं:

  • अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:57 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक (यह दिन का सबसे शुभ मुहूर्त माना जाता है, इसमें सभी सामान्य मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं)।
  • ब्रह्म मुहूर्त: प्रात: 04:07 बजे से प्रात: 04:47 बजे तक (यह समय ईश्वर आराधना, योग और अध्ययन के लिए सर्वोत्तम है)।
  • गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:21 बजे से सायं 07:41 बजे तक।
  • विजय मुहूर्त: दोपहर बाद का समय (धार्मिक कार्यों के संपादन के लिए उपयुक्त)।

आज का अशुभ समय और राहुकाल (Ashubh Muhurat & Rahukaal)

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, राहुकाल के दौरान किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। इस समय में शुरू किए गए कार्यों में विघ्न आने की संभावना प्रबल होती है।

  • राहुकाल: प्रात: 08:56 बजे से प्रात: 10:41 बजे तक (इस समय विशेष रूप से धन का लेन-देन या नए अनुबंध करने से बचें)।
  • यमगण्ड: दोपहर 02:09 बजे से दोपहर 03:54 बजे तक।
  • गुलिक काल: प्रात: 05:28 बजे से प्रात: 07:12 बजे तक।
  • दुर्मुहूर्त: प्रात: 05:28 बजे से प्रात: 06:23 बजे तक, और फिर प्रात: 06:23 बजे से प्रात: 07:19 बजे तक।

आज का ग्रह गोचर और पंचक का प्रभाव

आज चंद्रमा कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे, जहां पहले से ही राहु की उपस्थिति है। इसके साथ ही, आज पूरे दिन पंचक का प्रभाव रहेगा। धनिष्ठा नक्षत्र के उत्तरार्ध से शुरू होकर रेवती नक्षत्र तक के समय को पंचक कहा जाता है। पंचक के दौरान कुछ विशेष कार्यों को करने की मनाही होती है, जैसे लकड़ी या ईंधन इकट्ठा करना, मकान पर छत डालना, या दक्षिण दिशा की यात्रा करना।

प्रमुख ग्रहों की स्थिति:

  • सूर्य: मिथुन राशि में
  • चंद्रमा: कुंभ राशि में (पंचक सक्रिय)
  • मंगल: वृषभ राशि में
  • बुध और गुरु: कर्क राशि में
  • शुक्र: सिंह राशि में (आज शुक्र का मघा नक्षत्र में गोचर हो रहा है, जो कई राशियों के लिए भाग्यशाली रहेगा)
  • शनि: मीन राशि में

दिशाशूल और यात्रा के उपाय

शनिवार के दिन पूर्व दिशा में दिशाशूल होता है। इसका अर्थ है कि आज के दिन पूर्व दिशा में लंबी दूरी की यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि पूर्व दिशा में यात्रा करना अत्यंत आवश्यक हो, तो घर से निकलने से पहले थोड़ा अदरक खाकर या दूध पीकर निकलें। इससे दिशाशूल का नकारात्मक प्रभाव कम होता है और यात्रा सुखद रहती है।


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