अमरनाथ यात्रा सुरक्षा समीक्षा: डीआईजी श्रीधर पाटिल ने परखी सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियां, आपसी समन्वय को मजबूत करने पर जोर
जम्मू: वार्षिक अमरनाथ यात्रा के सुरक्षित और सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी तैयारियां पूरी तरह से मजबूत कर ली हैं। पुलिस उपमहानिरीक्षक श्रीधर पाटिल ने जम्मू में जारी इस धार्मिक यात्रा के लिए तैनात विभिन्न सुरक्षा बलों की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्थाओं और उनके बीच आपसी समन्वय की व्यापक समीक्षा की है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा ग्रिड को अभेद्य बनाना और सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच रियल-टाइम तालमेल स्थापित करना है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भगवती नगर आधार शिविर से दिखाई हरी झंडी
इससे पहले, अमरनाथ यात्रा के औपचारिक शुभारंभ के अवसर पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बृहस्पतिवार को जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को पवित्र गुफा के लिए रवाना किया था। पहले जत्थे की रवानगी के दौरान श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया और पूरे आधार शिविर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। उपराज्यपाल ने स्वयं व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और तीर्थयात्रियों की सुरक्षित यात्रा के लिए मंगलकामनाएं कीं।
दो मुख्य मार्गों से एक साथ शुरू हुई 57 दिवसीय यात्रा
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह से श्रद्धालुओं ने दोनों निर्धारित मार्गों से पवित्र गुफा की ओर बढ़ना शुरू कर दिया है। यह यात्रा आगामी 28 अगस्त को संपन्न होगी। यात्रा के लिए निम्नलिखित दो मुख्य रूट तय किए गए हैं:
- नुनवान-पहलगाम मार्ग: अनंतनाग जिले में स्थित यह पारंपरिक मार्ग लगभग 48 किलोमीटर लंबा है। हालांकि यह मार्ग लंबा है, लेकिन इसकी चढ़ाई को अपेक्षाकृत आसान माना जाता है।
- बालटाल मार्ग: गांदरबल जिले से होकर जाने वाला यह मार्ग मात्र 14 किलोमीटर लंबा और छोटा है, लेकिन बेहद सीधा और अधिक दुर्गम है। इसके बावजूद कम समय के कारण कई श्रद्धालु इस रूट को चुनते हैं।
तीन सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
अधिकारियों ने बताया कि जम्मू, सांबा और कठुआ जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण तीन सीमावर्ती जिलों के अभियानगत क्षेत्र (Operational Area) की सीधी जिम्मेदारी संभाल रहे पुलिस उपमहानिरीक्षक पाटिल बेहद सतर्कता बरत रहे हैं। उन्होंने बृहस्पतिवार रात जम्मू की जिला पुलिस लाइन में एक महत्वपूर्ण और विस्तृत सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
इस बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों से लेकर यात्रा मार्ग तक की हर छोटी-बड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर बारीकी से चर्चा की गई। सीमा पार से होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि या घुसपैठ के प्रयासों को नाकाम करने के लिए इन तीन जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
उच्च स्तरीय बैठक में शामिल हुए कई शीर्ष अधिकारी
सुरक्षा समीक्षा की इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र के कई शीर्ष सैन्य और पुलिस अधिकारी शामिल हुए, जिससे सुरक्षा ग्रिड की गंभीरता का पता चलता है। बैठक में मुख्य रूप से शामिल होने वाले अधिकारी और बल निम्नलिखित हैं:
- केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के पुलिस उपमहानिरीक्षक
- जम्मू के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) जोगिंदर सिंह
- केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के वरिष्ठ अधिकारी
- क्षेत्रीय पुलिस अधीक्षक (SP) और विभिन्न सेक्टर अधिकारी
- यात्रा की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य पुलिस नोडल अधिकारी
रणनीति और आपसी तालमेल पर जोर
पुलिस उपमहानिरीक्षक पाटिल ने बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे आपस में सूचनाओं का आदान-प्रदान तेजी से करें ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति या contingency से तुरंत निपटा जा सके। इसके साथ ही, यात्रा मार्ग पर सीसीटीवी (CCTV) निगरानी, ड्रोन मैपिंग और क्विक रिस्पांस टीमों (QRTs) की तैनाती को और अधिक सक्रिय करने की बात कही गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा दोनों को समानांतर रूप से बनाए रखने के लिए पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है।
Ashish Sinha
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