जम्मू-कश्मीर: भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ से डोडा-किश्तवाड़ राजमार्ग क्षतिग्रस्त, क्वार हाइड्रो प्रोजेक्ट के पास मलबे में दबे कई वाहन
जम्मू (6 जुलाई): जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय जिलों डोडा और किश्तवाड़ में रात भर हुई मूसलाधार बारिश के बाद सोमवार को अचानक आई बाढ़ (Flash Floods) और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग-244 (डोडा-किश्तवाड़ हाईवे) का एक बड़ा हिस्सा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है।
सबसे गंभीर स्थिति किश्तवाड़ जिले में निर्माणाधीन 540 मेगावाट क्वार जलविद्युत परियोजना (Kwar Hydroelectric Power Project) के पास देखने को मिली। यहाँ अचानक आए मलबे और भारी चट्टानों की चपेट में आने से निर्माण कार्य में लगे कई डंपर, ट्रक और मशीनें दब गईं।
राहत की बात: अधिकारियों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन में किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान या किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
राजमार्ग पर जमा हुआ टनों मलबा और बोल्डर
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, पहाड़ों से बहकर आए पानी के साथ भारी मात्रा में कीचड़, बड़े-बड़े बोल्डर (चट्टानें) और मलबा मुख्य राजमार्ग पर जमा हो गया है। प्रेम नगर के पास सड़क किनारे खड़े कई स्थानीय वाहन इस मलबे की चपेट में आ गए और पूरी तरह फंस गए। राजमार्ग का एक हिस्सा टूटकर बह जाने के कारण सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन को तुरंत प्रभाव से यातायात रोकना पड़ा।
क्वार हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट साइट पर भारी नुकसान
चिनाब नदी पर बन रहे क्वार हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के टनल और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में बाढ़ का पानी घुसने से वहां बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। बाढ़ का वेग इतना तेज था कि वह अपने साथ भारी मात्रा में सिल्ट (गाद) और पत्थर बहाकर ले आई, जिसने प्रोजेक्ट साइट के संपर्क मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। घटना के तुरंत बाद, संबंधित कार्यदायी संस्था और स्थानीय प्रशासन ने मलबे को हटाने के लिए भारी क्रेन और जेसीबी मशीनों को काम पर लगा दिया है।
मुख्य विवरण (Quick Facts)
| प्रभावित क्षेत्र | डोडा और किश्तवाड़ जिले (चेनाब घाटी), जम्मू-कश्मीर |
|---|---|
| प्रभावित मार्ग | डोडा-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-244) |
| मुख्य घटना स्थल | प्रेम नगर और निर्माणाधीन 540 MW क्वार जलविद्युत परियोजना क्षेत्र |
| जान-माल की क्षति | शून्य (कोई हताहत नहीं, केवल वाहनों और बुनियादी ढांचे को नुकसान) |
| बचाव कार्य की स्थिति | युद्ध स्तर पर मलबा हटाने और मार्ग बहाल करने का कार्य जारी |
प्रशासनिक तैयारी और बहाली के प्रयास
डोडा और किश्तवाड़ के जिला प्रशासनों ने संयुक्त रूप से सीमा सड़क संगठन (BRO) और राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना विकास निगम (NHIDCL) की टीमों को अलर्ट पर रखा है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक मौसम पूरी तरह साफ नहीं हो जाता और मलबे को हटाकर सड़क को सुरक्षित नहीं कर लिया जाता, तब तक वाहनों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यात्रियों और स्थानीय निवासियों के लिए आधिकारिक एडवाइजरी
- यात्रा से बचें: सभी वाहन चालकों और आम जनता को सख्त हिदायत दी जाती है कि वे अगले आदेश तक डोडा-किश्तवाड़ राजमार्ग की ओर यात्रा करने से बचें।
- ट्रैफिक कंट्रोल रूम से संपर्क करें: अनिवार्य परिस्थिति में घर से निकलने से पहले स्थानीय ट्रैफिक कंट्रोल रूम या जिला हेल्पलाइन नंबरों से सड़क की स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें।
- संवेदनशील क्षेत्रों से दूरी बनाएं: चेनाब नदी के बढ़ते जलस्तर और पहाड़ों पर लगातार हो रहे भूस्खलन को देखते हुए स्थानीय निवासी नदी-नालों और ढलान वाले संवेदनशील इलाकों से दूर सुरक्षित स्थानों पर रहें।













