अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा अब तक पुलिस कार्रवाई से बाहर हैं। ऐसे में बड़ा सवाल- क्या ये दोनों गुनाहगार नहीं हैं?
कानून के जानकारों के मुताबिक, इन दोनों पर दो आरोप बनते हैं। पहला- अपराध छिपाने का। दूसरा- महासचिव, ट्रस्टी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए, नाक के नीचे से चढ़ावा चोरी होने की जिम्मेदारी तय होना।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों को चोरी के बारे में 4 जून, 2026 को जानकारी मिली थी। 5 जून को कुछ संदिग्ध कर्मचारियों के ठिकानों से कैश की बरामदगी की गई। 7 जून को चंपत राय ने एक वीडियो भी जारी किया। जिसमें चोरी नहीं होने की बात कही। 25 जून को FIR में चढ़ावा और कैश काउंटिंग की प्रक्रिया से जुड़े 8 लोगों को नामजद किया गया।














