Advertisement

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ग्रामीण को बिजली के खंभे से बांधकर हाथ, मुक्कों और डंडों से बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ग्रामीण को बिजली के खंभे से बांधकर हाथ, मुक्कों और डंडों से बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। मामला चक्रधर नगर थाना क्षेत्र का है।

दरअसल, 22 दिसंबर 2024 को अर्जुन सारथी ने चक्रधर नगर थाने में सूचना दी कि 21 दिसंबर की रात वह परिवार के साथ खाना खाकर सो गया था। अगली सुबह करीब 5:30 बजे वह बनौरा आश्रम के पास टहल रहा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात संतोष सिदार से हुई।

उसने बताया कि उसके पिता पंचराम सारथी (50) को डूमरपाली गांव के बाहर बिजली के खंभे से बांधकर हाथ, मुक्कों और डंडों से पीटा गया है। सूचना मिलने पर अर्जुन सुबह करीब 6 बजे डूमरपाली पहुंचा। वहां उसने देखा कि उसके पिता बिजली के खंभे के पास पड़े थे। उनकी सांसें नहीं चल रही थीं और उनकी मौत हो चुकी थी।

हाथ-मुक्कों और डंडों से की गई थी बेरहमी से पिटाई

अर्जुन ने ग्रामीणों से पूछताछ की तो पता चला कि पंचराम सारथी रात करीब 2 बजे विरेन्द्र सिंह सिदार के घर में घुस गए थे। इसके बाद विरेन्द्र सिंह सिदार और अन्य लोगों ने उन्हें पकड़कर बिजली के खंभे से बांध दिया और हाथ, मुक्कों, डंडों से जमकर मारपीट की, जिससे उनकी मौत हो गई।

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj

शरीर पर मिले गंभीर चोटों के निशान

मृतक के दोनों हाथों की कलाइयों पर रस्सी से बांधने के निशान थे। पैरों और सिर पर गंभीर चोटें थीं, शरीर से खून भी निकल रहा था। घटना की सूचना अर्जुन ने डायल-112 को दी। पुलिस मौके पर पहुंची, शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मॉर्च्युरी भेजा।

3 आरोपियों को किया गया था गिरफ्तार

मामले में अर्जुन सारथी की रिपोर्ट पर चक्रधर नगर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने विरेन्द्र सिंह सिदार (50), अशोक कुमार प्रधान (44) और अजय प्रधान (42), तीनों निवासी डूमरपाली को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।

मुख्य आरोपी को उम्रकैद, दो आरोपी बरी

सुनवाई के दौरान सत्र न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार जैन ने पाया कि अशोक कुमार प्रधान और अजय प्रधान के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं, इसलिए उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया।

वहीं, मुख्य आरोपी विरेन्द्र सिंह सिदार के खिलाफ हत्या का अपराध सिद्ध होने पर न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। मामले में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक योगेश कुमार प्रधान ने पैरवी की।

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47