मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव: डॉ. हेडगेवार का समता का दर्शन और राष्ट्र निर्माण | युग प्रवर्तक डॉ. हेडगेवार नाटक






मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव: डॉ. हेडगेवार का समता का दर्शन और राष्ट्र निर्माण में योगदान

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राष्ट्रवादी चिंतन, समता का दर्शन और डॉ. हेडगेवार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विशेष संबोधन

विशेष समाचार विश्लेषण एवं कवरेज | विषय: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष और महानाट्य “युग प्रवर्तक डॉ. हेडगेवार”

भोपाल के प्रतिष्ठित रवींद्र भवन में हाल ही में आयोजित एक भव्य सांस्कृतिक और वैचारिक कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन दर्शन, उनके दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। संस्कार भारती द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में महानाट्य “युग प्रवर्तक डॉ. हेडगेवार” के मंचन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने देश की वैचारिक धारा और सांस्कृतिक पुनरुत्थान से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को रेखांकित किया।

डॉ. हेडगेवार का दृष्टिकोण: देशभक्ति और समानता का अद्भुत समन्वय

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन की शुरुआत में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को देश के सामने रखा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रेरणास्रोत डॉ. हेडगेवार ने केवल स्वाधीनता संग्राम में सक्रिय भूमिका ही नहीं निभाई, बल्कि उन्होंने देश को देशभक्ति के साथ-साथ ‘समानता का दर्शन’ भी प्रदान किया। वे भली-भांति यह जानते और समझते थे कि भारत को मिलने वाली स्वतंत्रता को केवल प्राप्त कर लेना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसे दीर्घकाल तक कायम रखना और उसकी रक्षा करना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण कार्य है। इसी दूरगामी सोच के साथ उन्होंने राष्ट्र हित में अपनी ऐतिहासिक भूमिका का निर्वाह किया और समाज को संगठित करने की नींव रखी।

“डॉ. हेडगेवार दूरदर्शी सोच के धनी थे जो केवल भविष्य की कल्पना नहीं करते थे, बल्कि समाज को वैचारिक रूप से मजबूत बनाने के लिए रचनात्मक प्रकल्पों का संचालन करते थे। उनके द्वारा दिखाए गए समता के भाव को आज पूरा राष्ट्र अंगीकार कर रहा है।” – डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश

समान नागरिक संहिता (UCC) और समता का मूल दर्शन

मुख्यमंत्री ने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में डॉ. हेडगेवार के विचारों की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए कहा कि आज देश उनके द्वारा दिखाए गए समता के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि समाज में समानता स्थापित करने की दिशा में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) लागू करने की पहल भी इसी अंतर्निहित भाव को दृष्टिगत रखते हुए की गई है। भारत का मूल दर्शन हमेशा से समानता और समावेशिता का रहा है, और देश की पहचान एक विधान तथा एक समान व्यवस्था से जुड़ी हुई है।

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स्वामी विवेकानंद की भविष्यवाणी और आज का नया भारत

ईश्वर की योजना और ऐतिहासिक संदर्भों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब भी राष्ट्र को संकटों से उबारने या एक नई दिशा देने की आवश्यकता होती है, तो ईश्वर किसी न किसी को माध्यम या निमित्त के रूप में चुनता है। स्वामी विवेकानंद ने कभी भविष्यवाणी की थी कि “आने वाली सदी भारत की होगी”, और आज वह भविष्यवाणी धरातल पर पूरी तरह चरितार्थ होती नजर आ रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व में देश, डॉ. हेडगेवार जी की कल्पना के अनुरूप एक सशक्त, आत्मनिर्भर और वैभवशाली भारत के निर्माण में निरंतर संलग्न है। आज राष्ट्र अपने खोए हुए गर्व और गौरव को पुनः प्राप्त कर रहा है।

चुनौतीपूर्ण दौर में लाखों नागरिकों को राष्ट्र सेवा की प्रेरणा

डॉ. हेडगेवार के संघर्षपूर्ण जीवन को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता से पूर्व का कालखंड अत्यधिक चुनौती भरा था। ऐसे कठिन दौर में उन्होंने न केवल स्वयं ‘राष्ट्र प्रेम’ और ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ के उच्च भाव का प्रकटीकरण किया, बल्कि देश के कोने-कोने से लाखों-लाख नागरिकों को संगठित कर उन्हें राष्ट्र सेवा की दीक्षा और प्रेरणा दी। उनके द्वारा बोया गया वह बीज आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है, जिसके अंतर्गत संपूर्ण राष्ट्र एकजुट होकर आगे बढ़ रहा है।

संस्कार भारती और नाट्य मंचन की सराहना

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कार भारती के प्रयासों की भूरी-भरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार के महान जीवन, उनके त्याग और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को नाटक के माध्यम से मंचित करना एक अत्यंत सराहनीय और अभिनव प्रयास है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को मध्य प्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) से संबंधित विधेयक पारित होने के ऐतिहासिक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए विशेष रूप से बधाई और शुभकामनाएं भी दी गईं।

गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस भव्य सांस्कृतिक एवं वैचारिक कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और देश-प्रदेश के कई प्रतिष्ठित दिग्गज उपस्थित रहे:

  • श्री हेमंत मुक्तिबोध (RSS पदाधिकारी): उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. हेडगेवार ने राष्ट्र को परम वैभव की ओर ले जाने के लिए अपने जीवन का क्षण-क्षण समर्पित कर दिया था। यह महानाट्य उनके जीवन के अटूट समर्पण, राष्ट्रनिष्ठा और कर्म आधारित जीवनशैली को जीवंत रूप से सामने लाने का एक सशक्त माध्यम है।
  • श्री अशोक पांडे: वरिष्ठ पदाधिकारी, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ी।
  • श्री राजीव वर्मा: प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता और जाने-माने रंगमंच निर्देशक।
  • अन्य विशिष्ट अतिथि: श्री शशि भाई सेठ, पूर्व राज्यपाल श्री कप्तान सिंह सोलंकी, सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, संस्कृति संचालक श्री एन.पी. नामदेव सहित बड़ी संख्या में शहर के प्रबुद्ध नागरिक और कलाप्रेमी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के प्रारंभ में सभी आगत अतिथियों का पारंपरिक स्वागत किया गया, तथा अंत में आभार प्रदर्शन श्री रविंद्र सहस्त्रबुद्धे द्वारा किया गया।

कलाकारों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियां और नाट्य दल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नाटक में अभिनय करने वाले सभी कलाकारों के उत्कृष्ट और जीवंत अभिनय की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उन्हें बधाई दी। नागपुर की प्रतिष्ठित संस्था ‘नादब्रम्ह’ द्वारा इस महानाट्य को विशेष रूप से तैयार किया गया है। इस नाट्य प्रस्तुति के निर्देशक श्री सुबोध सुरजीकर हैं, जबकि इसकी प्रभावशाली पटकथा और संवादों के लेखक डॉ. अजय प्रधान हैं। मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के सहयोग से मंचित इस नाटक में दक्ष कलाकारों ने अत्यंत प्रभावी अभिनय के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और इस नाट्य प्रस्तुति को अभूतपूर्व सफलता दिलाई। उल्लेखनीय है कि इस नाटक का मंचन देश के कई अन्य प्रमुख नगरों में भी सफलतापूर्वक किया जा चुका है।