सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के आरोप में 22 साल जेल में रहे ओडिशा के अर्जुन जानी नाम के शख्स को बरी कर दिया। मंगलवार को जारी फैसले में कोर्ट ने इसे न्याय व्यवस्था की विफलता बताया। कोर्ट ने कहा, ट्रायल कोर्ट ने सबूतों की सही ढंग से जांच नहीं की। हाईकोर्ट मूकदर्शक रहा।
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने ओडिशा हाईकोर्ट का फैसला और अर्जुन जानी का कन्विक्शन (दोषसिद्धि) रद्द कर दी।
कोर्ट ने जेल से दायर अपील में 3157 दिन (8 साल 8 महीने) की देरी को माफ नहीं करने से जुड़े हाईकोर्ट के आदेश पर नाराजगी जताई। तब अर्जुन 12 साल से जेल में थे।
















