एशियाई खेलों में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन: मिक्स्ड 4x400m रिले में भारत ने जीता रजत पदक; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई
जापान के नागोया में आयोजित एशियाई खेल 2026 में भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीटों ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। भारत की मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले टीम—मनु टीएस, पूवम्मा एमआर, विशाल टीके और विथ्या रामराज—ने अपनी अद्भुत गति, जबरदस्त तालमेल और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए एशियाई खेलों में रजत (Silver) पदक अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक सफलता पर भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पूरी टीम को बधाई दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की सराहना
भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले स्पर्धा में भारत की चौकड़ी (मनु टीएस, पूवम्मा एमआर, विशाल टीके और विथ्या रामराज) द्वारा हासिल की गई इस गौरवशाली सफलता की सराहना करते हुए सोशल मीडिया पर अपना संदेश साझा किया। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों की गति, रणनीतिक तालमेल और प्रतिस्पर्धी भावना की प्रशंसा की, जिसने प्रतियोगिता में दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
“एशियाई खेलों में मनु टीएस, पूवम्मा एमआर, विशाल टीके और विथ्या रामराज को मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर बहुत-बहुत बधाई। उनकी गति, समन्वय और दृढ़ संकल्प ने इस दौड़ को बेहद रोमांचक बना दिया और यह भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक गर्व का क्षण है। वे भविष्य में भी सफलता की नई ऊंचाइयों को छूते रहें।”
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर प्रधानमंत्री के संदेश को साझा करते हुए एथलीटों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
Congratulations to Manu TS, Poovamma MR, Vishal TK and Vithya Ramraj on winning the Silver medal at the Asian Games. Their speed, coordination and determination made for an exciting race and a proud moment for Indian athletics.
May they continue to scale greater heights: PM @narendramodi”
रोमांचक फाइनल: 3:14.46 मिनट में पूरा किया सफर
नागोया के मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित यह फाइनल मुकाबला शुरू से ही अत्यधिक तनावपूर्ण और रोमांचक रहा। भारतीय चौकड़ी ने अपनी रणनीतिक दौड़ के बल पर 3:14.46 सेकंड का समय निकालते हुए दूसरा स्थान हासिल किया और रजत पदक अपने नाम किया।
मुकाबले में बहरीन की मजबूत टीम ने 3:12.87 का एशियाई खेलों का नया रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण (Gold) पदक पर कब्जा जमाया, जबकि वियतनाम की टीम ने 3:14.54 के समय के साथ कांस्य (Bronze) पदक हासिल किया।
| स्थान (Rank) | देश (Country) | समय (Time) | पदक (Medal) |
|---|---|---|---|
| 1 | बहरीन (Bahrain) | 3:12.87 (GR) | 🥇 स्वर्ण (Gold) |
| 2 | भारत (India) | 3:14.46 | 🥈 रजत (Silver) |
| 3 | वियतनाम (Vietnam) | 3:14.54 | 🥉 कांस्य (Bronze) |
दौड़ का चरण-दर-चरण विश्लेषण (Race Analysis)
रिले रेस में चार चरणों (Legs) का प्रदर्शन टीम की जीत तय करता है। भारतीय टीम ने अनुभव और युवा ऊर्जा के संतुलन के साथ अपनी रणनीति तैयार की थी:
1. पहला लेग – विशाल टीके (Vishal TK):
भारत की ओर से दौड़ की शुरुआत युवा एथलीट विशाल टीके ने की। उन्होंने ब्लॉक से मजबूत शुरुआत की और शुरुआती 400 मीटर में टीम को एक सुरक्षित स्थिति प्रदान की। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी माहौल के बावजूद विशाल ने गति बनाए रखी और पहला बैटन ट्रांसफर सफलतापूर्वक पूरा किया।
2. दूसरा लेग – एमआर पूवम्मा (M.R. Poovamma):
अनुभवी एथलीट पूवम्मा एमआर ने दूसरे चरण की कमान संभाली। एशियाई खेलों के बहु-पदक विजेता के रूप में, पूवम्मा का अनुभव ट्रैक पर साफ दिखाई दिया। उन्होंने अंतिम 50 मीटर में अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए विरोधी एथलीटों को पीछे छोड़ा और भारत को पदक की दौड़ में मजबूती से बनाए रखा।
3. तीसरा लेग – मनु टीएस (Manu T.S.):
तीसरे चरण में मनु टीएस ने बैटन संभाला। उन्होंने दौड़ के दौरान बहुत संयमित और नियंत्रित गति बनाए रखी। विरोधी टीमों द्वारा बनाए जा रहे दबाव के बीच मनु ने तीसरे स्थान पर रहते हुए अंतिम एथलीट विथ्या रामराज को बैटन सौंपा।
4. एंकर लेग – विथ्या रामराज (Vithya Ramraj):
दौड़ का असली रोमांच अंतिम 400 मीटर में देखने को मिला। जब विथ्या रामराज ने बैटन लिया, तब भारत तीसरे स्थान पर चल रहा था। अंतिम 150 मीटर के मोड़ पर विथ्या ने अपनी अद्भुत स्पीड-एंड्यूरेंस का परिचय दिया और वियतनामी धावक को पछाड़ते हुए भारत को दूसरे स्थान पर ला खड़ा किया। उनके फिनिशिंग स्प्रिंट ने भारत का रजत पदक पक्का कर दिया।
भारतीय टीम के सितारे: प्रोफाइल और उपलब्धियां
एमआर पूवम्मा
अनुभव की धनी
2014 और 2018 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता रिले टीम का हिस्सा रह चुकी हैं। भारतीय रिले सेटअप की मजबूत स्तंभ।
विथ्या रामराज
स्टार एंकर
400 मीटर बाधा दौड़ में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक। पेरिस ओलंपिक 2024 की प्रतिभागी। जबरदस्त फिनिशिंग एबिलिटी।
विशाल टीके
युवा प्रतिभा
घरेलू सर्किट में शानदार प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय टीम में शामिल। पहले लेग में शानदार गति प्रदान करने वाले धावक।
मनु टीएस
निरंतरता का प्रतीक
मध्यम दूरी और रिले रेस के उभरते हुए खिलाड़ी। दबाव के क्षणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की क्षमता।
📌 मुख्य आकर्षण और महत्वपूर्ण तथ्य
- विरासत बरकरार: भारत ने 2023 हांग्झोउ एशियाई खेलों में भी मिक्स्ड रिले में रजत पदक जीता था। 2026 में इस प्रदर्शन को दोहराकर भारत ने महाद्वीप में अपना दबदबा बरकरार रखा है।
- केंद्रीय खेल मंत्री की सराहना: खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके समर्पण को देश के लिए मिसाल बताया।
- एथलेटिक्स में भारत की बढ़त: इस रजत पदक के साथ एशियाई खेलों की एथलेटिक्स तालिका में भारत का पदक आंकड़ा और मजबूत हुआ है।
भारतीय एथलेटिक्स के लिए गौरव का क्षण
4×400 मीटर मिक्स्ड रिले एक ऐसी प्रतियोगिता है जहां शारीरिक क्षमता के साथ-साथ रणनीतिक सोच और बैटन पासिंग का सही समय बेहद मायने रखता है। भारतीय चौकड़ी ने जिस तरह से दबाव का सामना किया और अंतिम क्षणों में बढ़त बनाई, वह उनकी कड़ी मेहनत और विश्व स्तरीय कोचिंग को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बधाई संदेश न केवल इन चार एथलीटों के मनोबल को बढ़ाता है, बल्कि देश के लाखों युवा खिलाड़ियों को भी खेल के क्षेत्र में नए सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा देता है।
विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा में भारत का यह लगातार शानदार प्रदर्शन यह साबित करता है कि भारतीय एथलेटिक्स सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं व ओलंपिक खेलों में देश से और अधिक स्वर्ण और रजत पदकों की उम्मीद की जा सकती है।










