आज का पंचांग: 25 अक्टूबर 2026, रविवार
आश्विन शुक्ल पक्ष चतुर्दशी/पूर्णिमा | विक्रम संवत 2083 | सर्वार्थ सिद्धि व रवि योग | शरद पूर्णिमा व कोजागरा पूजा महाविशेष
आज की प्रमुख झलकियाँ (At a Glance)
आज का विशेष महत्व: आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि दोपहर 11:55 बजे तक है, जिसके पश्चात महापर्व शरद पूर्णिमा (कोजागरा व्रत) का शुभारंभ हो रहा है। आज अमृत काल, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का अद्भुत संयोग बन रहा है, जो धार्मिक अनुष्ठानों, जप, तप और धन-समृद्धि प्राप्ति के लिए अति उत्तम है।
1. मूलभूत पंचांग विवरण (Basic Panchang Elements)
तिथि व तिथि स्वामी
तिथि: शुक्ल पक्ष चतुर्दशी (प्रातः 11:55 बजे तक)
तत्पश्चात: शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि
तिथि स्वामी: चतुर्दशी – भगवान शिव | पूर्णिमा – चंद्रदेव एवं मां लक्ष्मी
प्रकृति: उग्र व सौम्य तिथि का संधिकाल
वार एवं संवत
वार: रविवार (सूर्य देव का दिन)
विक्रम संवत: 2083 (कालयुक्त/सिद्धार्थी)
शक संवत: 1948 (पराभव)
अयन: दक्षिणायन
ऋतु: हेमंत ऋतु (दृक् गणित अनुसार)
नक्षत्र एवं योग
नक्षत्र: रेवती नक्षत्र (सायं 07:22 बजे तक)
तत्पश्चात: अश्विनी नक्षत्र
योग: हर्षण योग (सायं 05:22 बजे तक)
तत्पश्चात: वज्र योग
विशेष योग: सर्वार्थ सिद्धि योग व रवि योग
करण एवं चंद्र स्थिति
करण: वणिज (पूर्वाह्न 11:55 तक)
द्वितीय करण: विष्टि / भद्रा (रात 10:56 तक)
चन्द्र राशि: मीन (सायं 07:22 तक)
तत्पश्चात चन्द्र राशि: मेष राशि
सूर्य राशि: तुला राशि
2. सूर्यदेव और चंद्रदेव की समय-सारणी (Sun & Moon Timings)
| खगोलीय पिंड | घटना | समय (IST) | विशेष विवरण |
|---|---|---|---|
| सूर्य (Sun) | सूर्योदय (Sunrise) | प्रातः 06:28 बजे | तुला राशि में स्थिति |
| सूर्य (Sun) | सूर्यास्त (Sunset) | सायं 05:42 बजे | संध्या वंदना का समय |
| चंद्रमा (Moon) | चंद्रोदय (Moonrise) | सायं 05:00 बजे | शरद पूर्णिमा चंद्र दर्शन हेतु शुभ |
| चंद्रमा (Moon) | चंद्रास्त (Moonset) | प्रातः 06:23 बजे (26 अक्टूबर) | संपूर्ण रात्रि चंद्रमा की उपस्थिति |
3. आज के शुभ मुहूर्त और योग (Shubh Muhurat & Auspicious Times)
हिंदू धर्मशास्त्रों में किसी भी नए कार्य की शुरुआत, पूजा-पाठ, खरीदारी, अनुष्ठान या यात्रा के लिए शुभ मुहूर्त का अवलोकन अत्यंत आवश्यक माना जाता है। आज के पावन दिन के प्रमुख शुभ समय निम्नलिखित हैं:
| शुभ मुहूर्त का नाम | प्रारंभ समय | समाप्ति समय | महत्व एवं उपयोगिता |
|---|---|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | प्रातः 04:52 बजे | प्रातः 05:40 बजे | ईश्वर ध्यान, स्वाध्याय व योग साधना के लिए सर्वश्रेष्ठ समय। |
| अभिजित मुहूर्त | दोपहर 11:42 बजे | दोपहर 12:27 बजे | दिन का सबसे शक्तिशाली मुहूर्त; सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त। |
| अमृत काल | सायं 05:05 बजे | सायं 06:36 बजे | मंत्र दीक्षा, औषध सेवन एवं मांगलिक कार्यों के लिए उत्तम। |
| सर्वार्थ सिद्धि योग | सायं 07:22 बजे | प्रातः 06:32 बजे (26 अक्टू.) | हर प्रकार के संकल्पों और नए निवेशों में सफलता दिलाने वाला सिद्ध योग। |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 01:58 बजे | दोपहर 02:43 बजे | शत्रु विजय, वाद-विवाद निपटाने और साहसिक कार्यों हेतु शुभ। |
| कोजागरा निशीता काल | रात 11:40 बजे (25 अक्टू.) | रात 12:31 बजे (26 अक्टू.) | मां लक्ष्मी के धरा पर आगमन एवं अर्ध्य देने का विशेष मुहूर्त। |
4. अशुभ समय एवं वर्जित काल (Ashubh Timing / Rahukaal)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अशुभ समय में नया व्यापार शुरू करना, मांगलिक कार्य करना अथवा लंबी यात्रा पर निकलना वर्जित माना गया है। विशेषकर राहुकाल के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए:
| अशुभ काल | समय (IST) | सावधानी व निर्देश |
|---|---|---|
| राहुकाल (Rahu Kaal) | शाम 05:30 बजे से शाम 07:00 बजे तक | इस दौरान कोई भी नया या महत्वपूर्ण कार्य प्रारंभ न करें। |
| यमगंड (Yamaganda) | दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 01:30 बजे तक | महत्वपूर्ण निर्णय लेने या वित्तीय अनुबंधों से बचें। |
| गुलिक काल (Gulika Kaal) | दोपहर 03:30 बजे से शाम 05:00 बजे तक | यात्रा की शुरुआत करने से बचें। |
| दुर्मुहूर्त (Durmuhurta) | शाम 04:19 बजे से शाम 05:04 बजे तक | मांगलिक अनुष्ठान वर्जित हैं। |
| भद्रा (विष्टि करण) | दोपहर 11:55 बजे से रात 10:56 बजे तक | भद्रा काल में रक्षाबंधन, शुभ कार्य व गृह प्रवेश वर्जित है। |
5. आज का दिन एवं रात्रि चौघड़िया (Day & Night Choghadiya)
सनातन परंपरा में यात्रा, व्यापारिक लेन-देन और गृह कार्यों के लिए चौघड़िया का विशेष ध्यान रखा जाता है।
दिन का चौघड़िया (Day Choghadiya)
| चौघड़िया प्रकार | प्रकृति | समय अवधि |
|---|---|---|
| उद्वेग | अशुभ (सूर्य का प्रभाव) | प्रातः 06:28 से 07:52 बजे तक |
| चर | सामान्य (चल संपत्ति हेतु उत्तम) | प्रातः 07:52 से 09:16 बजे तक |
| लाभ | उन्नति दायक (व्यापार हेतु श्रेष्ठ) | प्रातः 09:16 से 10:41 बजे तक |
| अमृत | सर्वोत्तम (सर्व कार्य सिद्धि) | प्रातः 10:41 से दोपहर 12:05 बजे तक |
| काल | अशुभ (शनि का प्रभाव) | दोपहर 12:05 से 01:29 बजे तक |
| शुभ | उत्तम (धार्मिक कार्य) | दोपहर 01:29 से 02:53 बजे तक |
| रोग | अशुभ (कष्टकारी) | दोपहर 02:53 से शाम 04:17 बजे तक |
| उद्वेग | अशुभ | शाम 04:17 से 05:42 बजे तक |
रात्रि का चौघड़िया (Night Choghadiya)
| चौघड़िया प्रकार | प्रकृति | समय अवधि |
|---|---|---|
| शुभ | उत्तम | शाम 05:42 से रात 07:17 बजे तक |
| अमृत | सर्वोत्तम (लक्ष्मी पूजन हेतु श्रेष्ठ) | रात 07:17 से 08:53 बजे तक |
| चर | सामान्य | रात 08:53 से 10:29 बजे तक |
| रोग | अशुभ | रात 10:29 से मध्यरात्रि 12:05 बजे तक |
| काल | अशुभ | मध्यरात्रि 12:05 से तड़के 01:41 बजे तक |
| लाभ | उन्नति दायक | तड़के 01:41 से 03:17 बजे तक |
| उद्वेग | अशुभ | तड़के 03:17 से प्रातः 04:52 बजे तक |
| शुभ | उत्तम | प्रातः 04:52 से 06:28 बजे तक |
6. शरद पूर्णिमा एवं कोजागरा पूजा महात्म्य (Sharad Purnima Significance)
आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा, रास पूर्णिमा अथवा कोजागरा व्रत के नाम से जाना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पूरे वर्ष में केवल शरद पूर्णिमा की रात को ही चंद्रमा अपनी सभी 16 कलाओं (Sixteen Kalas) से परिपूर्ण होता है।
माना जाता है कि इस रात्रि चंद्रमा की किरणों से अमृत की वर्षा होती है। इस दिन धन की देवी माता महालक्ष्मी समुद्र मंथन के पश्चात प्रकट हुई थीं। रात्रि में माता लक्ष्मी पृथ्वी लोक का भ्रमण करती हैं और पूछती हैं- “को जाग्रति?” (कौन जाग रहा है?)। जो साधक रात्रि में जागरण कर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की आराधना करते हैं, उन्हें अपार धन, वैभव और आरोग्य का वरदान प्राप्त होता है।
7. आज का ग्रह-गोचर एवं ज्योतिषीय विश्लेषण (Planetary Positions)
आज ग्रहों का योग आपके जीवन, करियर, स्वास्थ्य एवं मान-सम्मान पर गहरा प्रभाव डालेगा:
- सूर्य देव: तुला राशि (नीच राशि में स्थित होकर पिता, शासन व प्रशासनिक मामलों में धैर्य की मांग कर रहे हैं)।
- चंद्रमा: मीन राशि में संचरण (सायं 07:22 बजे तक), तत्पश्चात मेष राशि में प्रवेश। मीन में गुरु का प्रभाव भावुकता और आध्यात्मिक झुकाव देगा, जबकि मेष राशि में प्रवेश करते ही ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।
- मंगल: कर्क राशि में स्थित होकर साहसिक कार्यों के प्रति सचेत कर रहे हैं।
- बुध व शुक्र: तुला राशि में सूर्य के साथ त्रिग्रही संयोजन बना रहे हैं, जिससे कलात्मक, मीडिया, और व्यापारिक कार्यों में सफलता की संभावना बढ़ती है।
- दिशा शूल: रविवार होने के कारण आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा। इस दिशा में यात्रा करने से बचें। यदि अत्यधिक आवश्यक हो, तो थोड़ा सा पान, घी या इलायची खाकर, या सूर्य देव का दर्शन करके घर से बाहर निकलें।
8. शरद पूर्णिमा पूजा विधि एवं खीर का नियम (Puja Vidhi & Kheer Tradition)
शरद पूर्णिमा की रात्रि में अमृत वर्षा का लाभ उठाने के लिए सही पूजा विधान अत्यंत आवश्यक है:
- प्रातः स्नान व व्रत संकल्प: प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें, स्वच्छ श्वेत (सफेद) अथवा पीले वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें।
- मां लक्ष्मी व सत्यनारायण पूजन: घर के मंदिर में भगवान सत्यनारायण और माता लक्ष्मी का विधिवत पूजन करें, फल, फूल, और नैवेद्य अर्पित करें।
- अमृतमयी खीर का निर्माण: गाय के शुद्ध दूध, चावल, मखाने, मेवे और चीनी/मिश्री मिलाकर खीर बनाएं। ध्यान रहे कि खीर शुद्ध मिट्टी या चांदी के पात्र में बनाना अति उत्तम होता है।
- चांदनी रात में खीर रखना: रात्रि में चंद्रोदय होने के पश्चात (शाम 05:00 बजे के बाद) खीर के पात्र को पतले मलमल के कपड़े या जाली से ढककर खुले आसमान के नीचे (छत या आंगन में) रखें, ताकि चंद्रमा की किरणें उस पर सीधे पड़ सकें।
- कोजागरा निशीता काल पूजा: मध्यरात्रि (रात 11:40 से 12:31 बजे के बीच) मां लक्ष्मी के समक्ष घी का दीपक जलाएं और “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मै नमः” का जाप करें।
- प्रसाद ग्रहण: प्रातःकाल स्नान के पश्चात वह खीर माता लक्ष्मी को समर्पित कर प्रसाद रूप में परिवार के सभी सदस्यों में वितरित करें। यह खीर असाध्य रोगों को दूर करने और आरोग्य प्रदान करने वाली मानी जाती है।
9. आज के अचूक महा-उपाय (Auspicious Sunday & Purnima Remedies)
रविवार और शरद पूर्णिमा के इस दिव्य संयोग पर अपनी मनोकामना सिद्धि के लिए ये उपाय अवश्य करें:
- आर्थिक तंगी दूर करने हेतु: शरद पूर्णिमा की रात माता लक्ष्मी को 11 कौड़ियां अर्पित करें। उन पर हल्दी का तिलक लगाएं। अगले दिन इन्हें लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी या धन स्थान पर रख दें।
- सूर्य देव की कृपा हेतु: प्रातःकाल सूर्य देव को तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन, अक्षत और गुड़ मिलाकर अर्घ्य दें। इससे समाज में मान-सम्मान व प्रशासनिक सफलता मिलती है।
- मानसिक शांति व चंद्र दोष निवारण: आज शाम चंद्रदेव को दूध और जल से अर्घ्य दें। “ॐ सोमाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें।
- आरोग्य व दीर्घायु प्राप्ति: चांदनी में रखी खीर का सेवन करने से सांस और पेट संबंधी विकारों में लाभ मिलता है।
- दान पुण्य: आज के दिन जरूरतमंदों को सफेद वस्त्र, चावल, दूध, चीनी या तिल का दान करना महापुण्यदायी माना जाता है।
10. 12 राशियों का संक्षिप्त दैनिक राशिफल (Brief Rashifal)
| राशि | आज का राशिफल प्रभाव | शुभ रंग / अंक |
|---|---|---|
| मेष (Aries) | सायंकाल चंद्र का प्रवेश उत्साह बढ़ाएगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। | लाल / 9 |
| वृषभ (Taurus) | पारिवारिक जीवन में सुख-शांति रहेगी। मां लक्ष्मी की कृपा से रुका धन मिलेगा। | सफेद / 6 |
| मिथुन (Gemini) | व्यापारिक यात्राओं के योग हैं। नए संपर्कों से लाभ मिलेगा। | हरा / 5 |
| कर्क (Cancer) | मानसिक रूप से शांति महसूस करेंगे। शरद पूर्णिमा का पूजन विशेष फलदायी है। | सिल्वर / 2 |
| सिंह (Leo) | सूर्यदेव की कृपा से कार्यस्थल पर वर्चस्व बढ़ेगा। नेतृत्व क्षमता की तारीफ होगी। | केसरिया / 1 |
| कन्या (Virgo) | वाणी पर संयम रखें। आय के नए स्रोत बन सकते हैं। | धानी / 7 |
| तुला (Libra) | सूर्य का गोचर जारी है। सेहत का ध्यान रखें, रचनात्मक कार्यों में मन लगेगा। | गुलाबी / 6 |
| वृश्चिक (Scorpio) | आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। शत्रुओं पर विजय मिलेगी। | मिरून / 8 |
| धनु (Sagittarius) | भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। | पीला / 3 |
| मकर (Capricorn) | करियर में प्रगति के संकेत हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। | नीला / 4 |
| कुंभ (Aquarius) | धार्मिक यात्रा की योजना बन सकती है। पुराने मित्रों से मुलाकात संभव है। | आसमानी / 8 |
| मीन (Pisces) | सायंकाल तक चंद्रमा आपकी राशि में रहेगा। संवेदनशीलता बनी रहेगी। ध्यान लगाएं। | सुनहरा / 1 |











