
दीपक बैज का भाजपा को चैलेंज: मोदी सरकार की 11 साल की नाकामी पर खुले मंच पर चर्चा करे
कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मोदी सरकार पर 11 वर्षों की वादा खिलाफी, महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक नीतियों की विफलता का आरोप लगाते हुए भाजपा को सार्वजनिक बहस की खुली चुनौती दी है।
दीपक बैज की चुनौती: मोदी सरकार की 11 साल की नाकामी पर भाजपा खुले मंच पर चर्चा करे
📍 रायपुर, 10 जून 2025| छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने केंद्र की मोदी सरकार के 11 वर्षों के कार्यकाल को वादा खिलाफी और असफलताओं से भरा बताया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को खुले मंच पर चर्चा की चुनौती दी है, ताकि जनता के सामने दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए।
बैज ने कहा कि 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा द्वारा किए गए वादों में से एक भी वादा पूरा नहीं हुआ। जनता महंगाई, बेरोजगारी, गिरती अर्थव्यवस्था और सरकारी संपत्तियों की बिक्री से त्रस्त है।
🔍 कांग्रेस अध्यक्ष के सवाल: कहां हैं अच्छे दिन, 15 लाख और रोजगार के वादे?
दीपक बैज ने मोदी सरकार से सीधा सवाल पूछा:
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क्या 15-15 लाख रुपए किसी के खाते में आए?
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100 दिन में महंगाई कम करने का वादा 11 साल में क्यों नहीं पूरा हुआ?
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22 करोड़ युवाओं को रोजगार क्यों नहीं मिला?
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किसानों की आमदनी दुगुनी क्यों नहीं हुई?
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रसोई गैस ₹450 में देने का वादा क्यों टूटा?
उन्होंने कहा कि सरकार ने जीएसटी के जरिए दूध, दही, आटा, स्टेशनरी, हवाई चप्पल जैसी जरूरी वस्तुओं पर भी टैक्स लाद दिए हैं। पेट्रोल-डीजल पर भारी एक्साइज ड्यूटी लगाकर जनता की जेब से 30 लाख करोड़ रुपए निकाले गए।
⚠️ चुनावी गड़बड़ी और वोटर लिस्ट पर भी उठाए सवाल
दीपक बैज ने कहा कि भाजपा वोटिंग प्रक्रिया में गड़बड़ी करके जीत दर्ज कर रही है और इसे जनता का समर्थन बताती है, जो हास्यास्पद है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में हेराफेरी, मतदान प्रतिशत में गड़बड़ी और चुनाव आयोग की चुप्पी इस बात का प्रमाण है कि लोकतंत्र खतरे में है।
💬 जनता त्रस्त, सरकार उद्योगपतियों के साथ
बैज ने कहा कि सरकार महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर जवाब देने के बजाय धर्म और जाति की राजनीति कर रही है।
उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था, बैंक, एलआईसी और सरकारी कंपनियां बर्बादी की कगार पर हैं, लेकिन सरकार अडानी-अंबानी के लाभ के लिए काम कर रही है।
📊 77% घर कर्ज में डूबे – सर्वे रिपोर्ट का हवाला
कांग्रेस अध्यक्ष ने हाल ही में हुए एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा कि:
“महंगाई और रोजगार संकट के कारण देश के 77% परिवारों को ज़रूरतें पूरी करने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है।“
“इस पर मोदी सरकार को कोई चिंता नहीं है।“










