
नेत्रदान के लिए कार्निया का सुरक्षित होना जरूरी
नेत्रदान के लिए कार्निया का सुरक्षित होना जरूरी
ब्यूरो चीफ/सरगुजा// राष्ट्रीय दृष्टिहीनता एवं अल्पदृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिला अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम सरगुजा द्वारा बुधवार को नेत्रदान पखवाड़ा का शुभारंभ नेत्र सहायक अधिकारियों की मासिक बैठक में कार्नियल ब्लाइंडनेस की भयावहता और कारण विषय पर राजमाता श्रीमती देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध जिला चिकित्सालय में परिचर्चा का आयोजन किया गया।
परिचर्चा में अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ रजत टाप्पो ने कहा कि नेत्रदान का संबंध कार्निया से संबंधित है। इसलिए नेत्र को किसी भी प्रकार के चोट एवं संक्रमण से बचाव करना जरूरी है। मृत्यु उपरांत नेत्रदान हेतु 6 घण्टे के अन्दर करीबी नेत्र बैंक या नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें ताकि नेत्रदाता के कार्निया को जरूरतमंद व्यक्ति के ऑख में प्रत्यारोपित कर रोशनी प्रदान की जा सके। उन्होने पखवाड़ा के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
डॉ अभिजीत जैन के द्वारा नेत्रदान की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया । इसके साथ ही नेत्र सहायक अधिकारियों के द्वारा मृत्यु उपरांत किस व्यक्ति की कार्निया उपयोग में लाया जा सकता है इसे पोस्टर एवं फ्लोचार्ट के माध्यम से बताया गया।











