
अंबिकापुर: कलेक्टर अजीत वसंत की सख्ती, एक माह में कोटवारी भूमि के सभी लंबित प्रकरण निपटाने के निर्देश
अंबिकापुर में कलेक्टर अजीत वसंत ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक लेकर कोटवारी भूमि, अतिक्रमण, नामांतरण, सीमांकन, न्यायालयीन कार्यों और जाति प्रमाण पत्र निर्माण को लेकर सख्त दिशा-निर्देश दिए। एक माह में सभी लंबित मामलों के निराकरण के आदेश।
अंबिकापुर, 17 फरवरी 2026/ कलेक्टर अजीत वसंत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजस्व विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व से जुड़े मामले आमजन के दैनिक जीवन से सीधे जुड़े होते हैं, इसलिए सभी अधिकारी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करें।
बैठक में कलेक्टर ने विशेष रूप से कोटवारी भूमि के हस्तांतरण एवं क्रय-विक्रय प्रकरणों की तहसीलवार समीक्षा की। उन्होंने सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्र में दर्ज, निराकृत एवं लंबित प्रकरणों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। साथ ही यह परीक्षण भी सुनिश्चित करें कि किन मामलों में एक बार तथा किन प्रकरणों में एक से अधिक बार हस्तांतरण हुआ है।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोटवारी भूमि से संबंधित सभी लंबित प्रकरण एक माह के भीतर पूर्ण कर शासन के खाते में दर्ज किए जाएं तथा संबंधित भूमि को अहस्तांतरणीय दर्ज करते हुए उसकी खरीदी-बिक्री पर रोक सुनिश्चित की जाए। पट्टे से प्राप्त भूमि की अद्यतन जानकारी आगामी समय-सीमा बैठक में प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए।
अतिक्रमण पर कार्रवाई एवं अभिलेखों की शुद्धता पर जोर
बैठक में अवैध भूमि अतिक्रमण एवं कब्जे के प्रकरणों की गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अतिक्रमण के मामलों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विवादित एवं अविवादित नामांतरण, सीमांकन, बटांकन, खाता विभाजन तथा भू-अर्जन प्रकरणों में अपेक्षित प्रगति लाने पर बल दिया गया। विशेष रूप से लंबित बंटवारे के मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो।
न्यायालयीन कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता
कलेक्टर ने सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को अपने-अपने न्यायालयों में सुनवाई हेतु निश्चित दिवस तय करने तथा सभी प्रकरणों की ऑनलाइन प्रविष्टि समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड संधारण से पारदर्शिता बढ़ेगी और आमजन को सुविधा मिलेगी।
मतदाता सूची के एसआईआर कार्य एवं त्रुटि सुधार आवेदनों का भी समय-सीमा में निराकरण करने को कहा गया। आगामी समीक्षा बैठक तक डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
मैदानी अमले की सक्रिय भूमिका
प्राकृतिक आपदा सहायता प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देशित किया कि संबंधित पटवारी स्वयं स्थल निरीक्षण कर मौका-मुआयना करें और आवश्यक दस्तावेज पूर्ण कर शीघ्र जिला कार्यालय प्रेषित करें। वृक्ष कटाई से संबंधित प्रकरणों में राजस्व एवं वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा सर्वे कर शीघ्र निपटान सुनिश्चित करने को कहा गया।
विद्यार्थियों के हित में विशेष अभियान
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत स्कूली विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र निर्माण हेतु विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए मैदानी अमला लक्ष्य निर्धारित कर समय-सीमा में कार्य पूर्ण करे।
नियमित मॉनिटरिंग और प्रगति प्रतिवेदन
कलेक्टर ने नक्शा बटांकन, अभिलेख शुद्धता, किसान किताब वितरण, आधार सीडिंग तथा वनाधिकार पट्टों के लंबित प्रकरणों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए सभी एसडीएम को नियमित मॉनिटरिंग करने और प्रत्येक माह प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर कलेक्टर सुनील नायक, अमृतलाल ध्रुव सहित समस्त एसडीएम, तहसीलदार एवं राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।












