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रायपुर : छत्तीसगढ़ में उद्योग-जगत के लिए खुले नई संभावनाओं के द्वार: मुख्यमंत्री बघेल

रायपुर : छत्तीसगढ़ में उद्योग-जगत के लिए खुले नई संभावनाओं के द्वार: मुख्यमंत्री बघेल

इंडस्ट्रियल एसोशिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के तत्वाधान में आयोजित दीवाली मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

रायपुर, 11 नवंबर 2021मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर स्थित एक निजी होटल में इंडस्ट्रियल एसोशिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के तत्वाधान में आयोजित दीवाली मिलन समारोह में शामिल हुए और सबकी खुशहाली तथा उन्नति के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उद्योग मंत्री कवासी लखमा, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, महापौर नगर पालिक निगम रायपुर एजाज ढेबर, विधायक रामकुमार यादव, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव उद्योग मनोज पिंगुआ सहित विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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    मुख्यमंत्री बघेल ने इस दौरान औद्योगिक इकाईयों के प्रतिनिधिमंडल से एक-एक कर भेंट-मुलाकात की। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से चर्चा करते हुए कहा कि शासन और उद्योग जगत के आपसी तालमेल से छत्तीसगढ़ ने कोरोना-काल में भी उपलब्धियां भी अर्जित की है। इस तरह संकट के समय में भी हमारी अर्थव्यवस्था का पहिया निरंतर घूमता रहा। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि हमारे गांवों में मेहनतकश, ईमानदार, अनुशासित और शांति-प्रिय लोग है। प्रतिभा और उद्यमशीलता की छत्तीसगढ़ में कोई कमी नहीं है। सुराजी गांव योजना के तहत गांवों में गौठानों का निर्माण करके और फिर उन्हें रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित करके हमने गांवों की उत्पादन क्षमता को भी प्रमाणित कर दिखाया है। बीते तीन वर्षों के दौरान हम लोगों ने इन गौठानों और वन-धन केन्द्रों के रूप में छत्तीसगढ़ के उद्योग-जगत के सामने नई संभावनाओं के दरवाजे खोल दिए है। इन संभावनाओं का लाभ उठाते हुए छत्तीसगढ़ के उद्योग और व्यापार को हम और भी ज्यादा ऊंचाईयों पर ले जा सकते है।
मुख्यमंत्री बघेल ने प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति में कृषि और वनोपज आधारित उद्योगों को प्राथमिकता देने का मकसद भी यही है। इस समय छत्तीसगढ़ के पास देश की सबसे अच्छी उद्योग नीति है। इसमें नए उद्योगों की स्थापना के लिए उद्योगपतियों को भरपूर सहयोग और प्रोत्साहन दिया जा रहा है। कोर सेक्टर के उद्योगों को उनकी मांग के अनुसार प्रोत्साहन देने के लिए नई उद्योग नीति में बी-स्पोक पॉलिसी भी लागू की गई है। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने भी राज्य की औद्योगिक नीति की सराहना की और कहा कि इससे छत्तीसगढ़ में उद्योगों को संरक्षण के साथ-साथ आगे बढ़ने का बेहतर वातावरण मिला है। इस अवसर पर विभिन्न औद्योगिक संगठनों से प्रतिनिधिमंडल में सर्वश्री अनिल हचरानी, प्रदीप टंडन, आश्विन गर्ग, मनोज अग्रवाल, के.के. झा, रतनदास गुप्ता, विकास अग्रवाल, रमेश अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

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