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रायपुर : मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप एक दिसम्बर से होगी किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 

रायपुर : मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप एक दिसम्बर से होगी किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 

धान की खरीदी से पहले तैयारियों की संभाग स्तरीय समीक्षा कर कमियों का करें शीघ्र निराकरण: मंत्री श्री अमरजीत सिंह

किसानों के पंजीयन संबंधी तकनीकी त्रुटि को जल्द सुधार करने के निर्देश

 

इस वर्ष दो लाख नये किसानों ने कराया पंजीयन: लगभग सवा दो 
लाख हेक्टेयर रकबा में हुई वृद्धि 
खाद्य मंत्री ने धान की खरीदी के लिए की तैयारियों की समीक्षा 

बरदानों की उपलब्धता की ली जानकारी, किसान 
स्वयं के बारदाने में पहले दिन से ही बेच सकेंगे धान

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रायपुर, 15 नवंबर 2021खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने आज अपने निवास कार्यालय सरगुजा कुटीर में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। मंत्री भगत ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से किसानों की पंजीयन संबंधी शिकायतें आ रही हैं। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित पंजीयन की तिथि तक आवेदन करने वाले नये किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करते हुए किसानों के पंजीयन संबंधी तकनीकी त्रुटि को शीघ्र सुधार कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि पहले से पंजीकृत किसानों के पंजीयन को कैरी फोरवर्ड कर नये किसानों और रकबा की संख्या सुनिश्चित हो, ताकि किसानों की संख्या और रकबा के अनुरूप आगामी धान की खरीदी की तैयारी की जा सके।     
खाद्य मंत्री श्री भगत ने बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप इस वर्ष एक दिसम्बर से समर्थन मूल्य पर किसानों से धान की खरीदी की जानी है। 
उन्होंने कहा कि धान खरीदी से पहले सभी संभागों में तैयारियों की समीक्षा कर कमियों को दूर कर लिया जाए ताकि किसानों को धान विक्रय करने में कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में अन्य राज्यों से अवैध धान परिवहन की शिकायतें मिलती हैं। अतः अभी से सीमावर्ती इलाकों में इसके लिए कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जाए। 
श्री भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा 105 लाख मेट्रिक टन धान खरीदी का अनुमान है। किसानों से सुगम धान खरीदी के लिए पर्याप्त बारदाना उपलब्ध होना चाहिए। उन्होंने धान खरीदी से पहले बारदाने की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने बारदाने की नियमित आपूर्ति हेतु जूट कमीश्नर से सतत समन्वय बनाये रखने, राइस मिलरों से बारदानों की व्यवस्था, प्रदेश के उचित मूल्य की दुकानों से मिलने वाले बारदाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। इसके अलावा बारदाने की कमी होने की स्थिति में ओपन टेंडर के माध्यम से एचडीपी बारदानों की भी व्यवस्था सुनिश्चित कर लिया जाए। 
भगत ने कहा कि धान खरीदी केन्द्रों में धान बेचने आने वाले किसानों के लिए पानी, बिजली व बैठने आदि की व्यवस्था दुरूस्त कर ली जाए। प्राथमिक उपचार पेटी की व्यवस्था भी हो। खरीदी केन्द्रों में कम्प्यूटर ऑपरेटर, इंटरनेट एवं कर्मचारियों की पर्याप्त व्यवस्था कर ली जाए। आस-पास के धान संग्रहण केन्द्रों की जानकारी सभी को होना चाहिए। धान खरीदी केन्द्रों के देखरेख के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो। गड़बड़ी अथवा लापरवाही के लिए नोडल अधिकारियों की जवाबदेही तय हो।
 बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में लगभग 2311 से अधिक सहकारी समिति केन्द्रों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर किसानों से 105 लाख मेट्रिक टन धान खरीदने का अनुमान है। इस वर्ष लगभग 2 लाख नए किसानों ने पंजीयन कराया है। धान विक्रय के लिए पंजीकृत किसानों की संख्या लगभग 22 लाख 66 हजार से अधिक हो गई हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप नए किसानों के लिए पंजीयन की तिथि 10 नवम्बर तक बढ़ाई गई थी। पंजीयन संबंधी कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं, जिसे शीघ्र दूर कर लिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि अनुमानित 105 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने के लिए लगभग सवा पांच लाख गठान से अधिक बारदाने की आवश्यकता पड़ेगी। इसके लिए मिलर्स, पीडीएस, जूट कमिश्नर से बारदानों की उपलब्धता की जा रही है। इन माध्यमों से अभी तक लगभग डेढ़ लाख गठान बारदानों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। 
अधिकारियों ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 के लिए केन्द्र सरकार द्वारा 61.65 लाख मेट्रिक टन चावल खरीदने के लिए सहमति प्रदान कर दी गई है, लेकिन उसना चावल खरीदने के लिए अनुमति नहीं है। मंत्री श्री भगत ने कहा कि केन्द्रीय पूल में उसना चावल नहीं खरीदने की स्थिति में मिलों के बंद होने अथवा संकट पैदा होने की आशंका है। अतः केन्द्र सरकार से नियमित समन्वय बनाकर उसना चावल खरीदने हेतु आग्रह के साथ  प्रयास किया जाए। 
 बैठक में खाद्य विभाग के सचिव टोपेश्वर वर्मा, छत्तीसगढ़ खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक निरंजन दास, सहकारिता विभाग के विशेष सचिव हिमशिखर गुप्ता, विशेष सचिव मनोज कुमार सोनी, संयुक्त सचिव खाद्य विभाग एवं छत्तीसगढ़ वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक अभिनव अग्रवाल संयुक्त सचिव जी.एस सिकरवार सहित कृषि, राजस्व, एनआईसी तथा खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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