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सत्य की जीत हुई असत्य का हार हुआ अहंकार पर विजय प्राप्त हुआ लेकिन उन 700 से ऊपर किसानों का मौत का जिम्मेदार कौन: स्वामी नाथ जायसवाल।

सत्य की जीत हुई असत्य का हार हुआ अहंकार पर विजय प्राप्त हुआ लेकिन उन 700 से ऊपर किसानों का मौत का जिम्मेदार कौन: स्वामी नाथ जायसवाल।

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नई दिल्ली प्रेस वार्ता में भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी नाथ जायसवाल ने कल जंतर मंतर पर अपने नेतृत्व में इंटर के सारे कार्यकर्ताओं के साथ उन किसानों की शहादत पर श्रद्धांजलि दीप प्रज्वलित कर दिया गया और सत्य का जीत बताते हुए इस अहंकारी भारतीय जनता पार्टी की सरकार जो किसानों को 12 बार वार्ता करने के बाद ही विफल रहा जब पांच राज्यों में उन्हें चुनाव का भय सताने लगा तो आई उठ पहाड़ के नीचे अहंकार खत्म हुआ देश से माफी मांगने को तैयार हुए लेकिन भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा देश से माफी मांगना नहीं है किसान दूध 700 परिवारों को जो शहादत दी हैं उनके घर घर जाकर मोदी और भाजपा के प्रतिनिधि माफी मांगी और मुआवजे के तौर पर एक परिवार को ₹1करोड़और एक नौकरी दें तभी जाकर उस किसानों की आत्मा को शांति मिलेगा यदि अंधकार से लड़ने कासंकल्प कोई कर लेता है ,
तो एक अकेला_जुगनू भी सब अंधकार हर लेता है !! 700 से अधिक किसानों की शहादत
400 से अधिक दिन-रात का संघर्ष, का परिणाम है काले कानून की वापसी केंद्र में बैठी सरकार के मंत्री नेताओं ने किसानों के अपमान में कोई भी कसर नहीं छोड़ी थी उन्हें देशद्रोही आतंकवादी गुंडे उपद्रवी तक की संज्ञा दे दी गई थी खुद मोदी जी ने आंदोलनजीवी की उपाधि इन संघर्ष करने वाले लाखों किसानों को दी किसानों के हितों के कानून की पैरवी करने वाले अवसरवादी मौकापरस्त को आज बिल में खामियां नजर आने लगी क्यों चुनाव नजदीक देखते ही रंग बदलने मैं महारत हासिल कुनबे के लोगों को मजबूरन में इस कानून को वापस लेना पड़ा देश के किसानों को सावधान रहना चाहिए ऐसे मौकापरस्त अवसर वादियों से इतिहास गवाह है अंग्रेजों के समय मैं भी देश के लोगों को पीठ दिखाकर माफी मांगने का रिकॉर्ड रहा है इस कानून की वापसी देश पर किसानों की बड़ी विजय है उनके त्याग तपस्या बलिदान का परिणाम है अन्नदाता सुखी भव:

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