Advertisement

Chhattisgarh News: सुदूर अंचलों में सौर ऊर्जा बन रही है, गेम चेंजर

रायपुर : विशेष लेख : सुदूर अंचलों में सौर ऊर्जा बन रही है, गेम चेंजर

आलेख- आनंद सोलंकी-घनश्याम केशरवानी रायपुर, 09 दिसम्बर 2021ग्लोबल वार्मिंग की चुनौतियों से निपटने के लिए छत्तीसगढ़ में भी नए-नए प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा ग्रीन एनर्जी के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। नई उद्योग नीति में भी सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन से जुड़ी इकाईयों की स्थापना को प्राथमिकता की श्रेणी में रखा गया है। राज्य के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले किसानों की आर्थिक स्थिति और ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार के लिए सौर ऊर्जा खासी मददगार साबित हो रही है। राज्य में ऐसे कई हिस्से हैं जहां परम्परागत तरीके से विद्युत की व्यवस्था नहीं हो सकी है, उन क्षेत्रों के किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने में सोलर पम्प गेम चंेंजर साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश के वनांचल क्षेत्रों में ग्रामीणों को सिंचाई सुविधा, पेयजल व्यवस्था, ग्रामों और मजरे-टोलों के विद्युतीकरण में सोलर एनर्जी का उपयोग तेजी से बढ़ा है। पिछले तीन वर्षों में सोलर इनर्जी का उपयोग कर सोलर पम्पों के जरिए 70 हजार 800 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी गयी है, वहीं 2 लाख 81 हजार 798 से अधिक परिवारों को पेयजल की आपूर्ति की जा रही है और दूरस्थ पहुंचविहीन अविद्युतीकृत गांवों और मजरे-टोलों के 80 हजार 917 घरों का सौर विद्युतीकरण किया गया है।

क्रेडा द्वारा राज्य में पिछले तीन वर्षाे में प्रदेश में 59 हजार सोलर कृषि पम्पों की स्थापना की गई। सोलर सिंचाई पम्पों से लगभग 70,800 हेक्टयेर रकबा सिंचित हुआ है। इन्हें मिलाकर प्रदेश में अब तक पिछले 5 वर्षाे में 3 एवं 5 हार्स पॉवर के 96 हजार सोलर सिंचाई पम्पों की स्थापना की गई, जिससे लगभग एक लाख 15 हजार 200 हेक्टेयर भूमि सिंचित हुई है। लघु और सीमांत किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सौर सिंचाई सामुदायिक परियोजना सतही जल स्रोत के निकट बनायी जा रही है। पिछले तीन वर्षों में 31 सौर सामुदायिक सिंचाई परियोजनाओं की स्थापना की गई, जिसके माध्यम से लगभग 977 किसानों की 1250.49 हेक्टेयर भूमि में सिचाई सुविधा का लाभ मिल रहा है। इन परियोजनाओं में 88 सोलर सिंचाई पम्पों की स्थापना की गई है। इन्हें मिलाकर प्रदेश में अब तक 222 सौर सामुदायिक सिंचाई परियोजना में 306 सोलर सिंचाई पम्प स्थापित किये गए हैं, इसके माध्यम से 2166 किसानों की 2414 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई हो रही है।

पिछले तीन वर्षों में सिंचाई सुविधा के विस्तार के लिए नदी नालों के निकट स्थित खेतोें को सिंचित करने के लिए 88 वृहद सोलर पम्प स्थापित किये गए हैं। जिनके माध्यम से 1250.49 हेक्टेयर सामुदायिक कृषि रकबा सिंचित हो रहा है। इसके अलावा सुराजी गांव योजना नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी के तहत 3083 गौठानों में सोलर पम्प स्थापित कर पशुओं के लिए पेयजल और चारागाहों में सिंचाई सुविधा की व्यवस्था की गई है। गौठानों में 2489 तथा चारागाहों में 594 सोलर पम्पों की स्थापना अब तक की गई है। सोलर पेयजल योजना के अंतर्गत पिछले तीन वर्षों में पहुंच विहीन गांवों में 4187 सोलर ड्यूल पम्प स्थापित कर 2 लाख से अधिक परिवारों को 24 घंटे शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा जल जीवन मिशन के अंतर्गत 2100 ड्यूल पम्प स्थापित कर ग्रामीण अंचलों के घरों में नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। इस योजना में 12 मीटर एवं 9 मीटर ऊंचाई पर 10 लीटर क्षमता की पानी टंकी स्थापित कर घरों में पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत 81,798 परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।
पिछले तीन वर्षों में 1350 गांवों और कस्बों के चौक-चौराहों, हाट बाजारों में 1415 सोलर हाईमास्ट लाईट स्थापित की गई हैं। इसी तरह दूरस्थ पहुंच विहीन क्षेत्रों में जहां बिजली का तार खींचकर बिजली नहीं पहुंचाई जा सकती, वहां के गांवों और मजरे टोलों के 80 हजार 917 घरों में सोलर लाईट के माध्यम से प्रकाश की व्यस्था की गई है। इन्हें मिलाकर सोलर संयंत्रों के माध्यम से 941 गांवों के एक लाख 38 हजार से अधिक घरों का सोलर विद्युतीकरण किया जा चुका है। राज्य के 458 स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रकाश की व्यवस्था के लिए 2.56 मेगावाट के ऑफ ग्रिड सोलर पॉवर प्लांटों की स्थापना की गई है। राज्य में अब तक कुल 1388 शासकीय स्वास्थ्य केन्द्रों अस्पतालों में सोलर लाईट से बिजली पहुंचाई गई है, जिससे वहां प्रकाश की व्यवस्था के अनुसार जीवन रक्षक मशीनें और वैक्सिन को सुरक्षित रखने के लिए फ्रीजर हेतु विद्युत प्रदाय किया गया है, इस उपलब्धि के लिए क्रेडा को अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचलों में सोलर पम्प के जरिए जहां किसानों को सिंचाई सुविधा मिल रही है, वहीं ग्रामीणों को पेयजल सुविधा भी उपलब्ध हो रही है। इन क्षेत्रों में किसान अब दोहरी फसल ले रहे हैं, इससे उनकी आमदनी में काफी इजाफा हो रहा है। राज्य सरकार की अक्षय ऊर्जा एजेंसी द्वारा किसानों को सोलर सिंचाई पम्प रियायती दरों पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM