रायपुर : जरा सा भी लक्षण दिखे तो तुरंत कराएं कोरोना की जांच : डॉ ओ.पी.सुंदरानी।

रायपुर : जरा सा भी लक्षण दिखे तो तुरंत कराएं कोरोना की जांच : डॉ ओ.पी.सुंदरानी

मास्क अवश्य पहने, मास्क का कोई अल्टरनेटिव नहीं है

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)

रायपुर 02 अप्रैल 2021मेडिकल कॉलेज, रायपुर के कंसलटेंट क्रिटिकल केयर मेडिसीन और कॉविड आईसीयू इंचार्ज डॉ ओ.पी.सुंदरानी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से कॉविड के केसेस लगातार बढ़ रहे हैं, इसके साथ ही आईसीयू में आने वाले मरीजों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। हर एक नागरिकों को गंभीरतापूर्वक समझना होगा कि हम कहीं ना कहीं कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने में लापरवाही बरत रहे हैं, यह डिसीज एक लेवल पर कंट्रोल हो गया था पर वापस से फिर बढ़ रही है।

डॉ सुंदरानी ने कहा कि लोगों की सामान्य भूल या समझ हैं कि ‘मुझे कोविड हो गया होगा और मैं ठीक हो गया हूं और मेरी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ गई है’। यह समझ बिल्कुल गलत है। शुरुआत इस बीमारी की हमेशा माइल्ड सिम्पटम से ही होती है, अगर हम उस समय सचेत हो जाएं, डॉक्टर के निगरानी में आए अपना टेस्ट कराएं और ट्रीटमेंट लेंगे तो रिकवरी के चांसेस ज्यादा हैं, पर यदि हम खुद होकर दवाईयां खाईगें  और टेस्ट नहीं करेंगे, टेस्ट से बचेंगे तो नुकसान हम खुद का करेंगे। इसी तरह अगर लक्षण आने के बावजूद हम बिना टेस्ट कराए, सब जगह घूमेंगे तो बाकी जगह भी हम सबको इंफेक्शन फैला सकते हैं।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

डॉ सुंदरानी ने कहा कि हो सकता है आपकी प्रतिरोधक क्षमता अच्छी हो। हो सकता है आप उन 90 प्रतिशत केसेस में हो जिसमें माइल्ड सिम्टम्स आकर डिसीज ठीक हो जाते है। पर आपकी यह लापरवाही उन लोगों को भारी पड़ेगी जिनकी इम्यूनिटी अच्छी नहीं है जो कैंसर, किडनी, डायबिटीज के पेशेंट है, जो बुजुर्ग हैं। उनमें इस बीमारी के फैलने के चांसेस बहुत ज्यादा होते हैं।

डॉ सुंदरानी ने लोगों से अनुरोध किया है कि मास्क पहने, मास्क का कोई अल्टरनेटिव नहीं है, वैक्सीन आपको एंटीबॉडी देगा, वायरस के एंट्री को ब्लॉक नहीं कर सकता। हम सभी को मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, भीड़भाड़ में जाने से बचने और सैनिटाइजेशन का उपयोग करते रहने जैसेे प्रोटोकॉल का लंबे समय तक पालन करना होगा। तभी बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।

[contact-form][contact-field label=”Name” type=”name” required=”true” /][contact-field label=”Email” type=”email” required=”true” /][contact-field label=”Website” type=”url” /][contact-field label=”Message” type=”textarea” /][/contact-form]