स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने रायपुर मेडिकल कॉलेज और एम्स में जीनोम सिक्वेंसिंग जांच की सुविधा के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र।

रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने रायपुर मेडिकल कॉलेज और एम्स में जीनोम सिक्वेंसिंग जांच की सुविधा के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

रायपुर. 5 जनवरी 2022 छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने रायपुर के एम्स (AIIMS) और पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय में जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) जांच की सुविधा शीघ्र शुरू करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया को पत्र लिखा है। उन्होंने आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि कोविड-19 का नया वेरिएंट और उसका बदलता स्वरूप वैश्विक स्तर पर गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। देश के ज्यादातर राज्यों में कोविड के नए वेरिएंट के बढ़ते संक्रमण की खबरें लगातार आ रही हैं। छत्तीसगढ़ कई राज्यों की सीमाओं से घिरा हुआ है। इसलिए यहां भी कोरोना के नए मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
चलो ऐसा उपाय अपनाएं कि लॉकडाउन लौट के न आए…
स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव ने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ में कोरोना के वेरियंट का पता लगाने के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है। हमें इसके लिए सैंपल भुवनेश्वर (ओड़िशा) भेजकर रिपोर्ट मंगानी पड़ती है जिसमें काफी समय लगता है। जांच की गति धीमी होने के कारण यह भी पता नहीं चल पा रहा है कि हमारे क्षेत्र में फैलने वाला कोरोना वेरिएंट ओमिक्रॉन, डेल्टा या अन्य कोई दूसरा है। इसके कारण कोरोना की रोकथाम, जांच और इलाज के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लेने तथा रणनीतिक तैयारी करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सुपोषण अभियानरू 11 हजार 367 बच्चों को मिला रहा प्रोटीन का आहार,
श्री सिंहदेव ने राज्य की वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत एम्स रायपुर में जीनोम सिक्वेंसिंग जांच की सुविधा तत्काल प्रारंभ कराए जाने का आग्रह किया है। उन्होंने रायपुर के शासकीय मेडिकल कॉलेज में भी जीनोम सिक्वेंसिंग जांच की सुविधा जल्दी शुरू करने के लिए जरूरी आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है। इनके शुरू हो जाने से समय पूर्व प्रदेश में कोरोना संक्रमण से बचाव और बेहतर इलाज की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकेंगी। उन्होंने जन-जीवन से जुड़े इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शीघ्र समुचित निर्णय लेकर तत्परतापूर्वक कार्यवाही की अपेक्षा की है।
बंगाल से भटककर छत्तीसगढ़ पहुंची युवती का सहारा बना सखी सेंटर।