
श्रमिको का दो दिवसीय हड़ताल को श्रमिक नेताओं ने सफल बताया
गोपाल सिंह विद्रोही प्रदेश ख़बर प्रमुख छत्तीसगढ़ बिश्रामपुर- 28 व 29 मार्च की दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर बिश्रामपुर क्षेत्र मे असर देखने को मिला।
आज सुबह से ही एटक ,एचएमएस, सीटू यूनियन के कार्यकर्ता क्षेत्र के रेहर, गायत्री ,केतकी ,बलरामपुर, कुम्दा 7/8 खदान के मुहाडा मे तैनात रहे ।इस दौरान कुछ कर्मचारी खदान का बाउन्ड्री कुद कर खदान क्षेत्र मे प्रवेश किये। कर्मचारियों के खदान तक आवागमन हेतू बस की सुविधा बन्द रही। कर्मचारी स्वत: ही खदान नही आये। कोयला उत्पादन बन्द रहा। रोड सेल पूरी तरह से बन्द रहा। श्रमिक संगठनों ने कहा कि मजदूरों की एकता और आज के हड़ताल ने केंद्र सरकार को यह सन्देश दिया कि 11 वेतन समझौता वार्ता जल्द शुरु हो। कोल इंडिया की 160 खदानों को बेचने का निर्णय भारत सरकार वापस ले। मेडिकल अनफीत, आश्रित रोजगार नियुक्ति तत्काल चालू हो। 4 श्रम कानून वापस लो आदि मांगों को लेकर किया जा रहा हड़ताल एतिहासिक होगा।









