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विधायक विकास उपाध्याय सतनाम पंथ के अनुयायीयों के साथ पारंपरिक वेश भूषा में नृत्य पर थिरकने से अपने को रोक न सके!

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विधायक विकास उपाध्याय सतनाम पंथ के अनुयायीयों के साथ पारंपरिक वेश भूषा में नृत्य पर थिरकने से अपने को रोक न सके!

रायपुर।संसदीय सचिव व विधायक विकास उपाध्याय आज सतनाम पंथ के संस्थापक बाबा गुरु घासीदास की जयंती के दूसरे दिन फिर से पहुंच कर समाज के लोगों के बिच और सतनाम पंथ के मानने वालों के साथ उनके पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य भी किया। विधायक विकास उपाध्याय के इस व्यवहार को देख सतनामी समाज के लोगों ने कहा,विधायक की यही कार्यप्रणाली उनको सभी समाज से जोड़ कर रखती है।

सतनाम पंथ के संस्थापक बाबा गुरु घासीदास की जयंती छत्तीसगढ़ में महीने भर लगातार चलती है और इस दौरान बाबा के अनुयायी कई तरह के आयोजन कर उनके बताए मार्ग पर चलने की सीख समाज में प्रचारित करते हैं। विधायक विकास उपाध्याय ठीक उन्हीं के अनुरूप सतनाम समाज के लोगों को पूरा समय देते हैं। कल भी वे जयंती दिवस पर पश्चिम विधानसभा में आयोजित सभी कार्यक्रमों में देर रात तक सम्मिलित हुए थे और समाज के लोगों द्वारा निकाली गई जुलूस में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिए थे।

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विधायक विकास उपाध्याय आज बाबा के जयंती पर समाज के द्वारा लिकाली गई शोभायात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया एवं सतनाम पंथ के सभी ईश्वर तुल्य महापुरुषों का विधि विधान के साथ आरती कर पूजा की,इस दौरान समाज के हजारों की संख्या में अनुयायी व प्रबुद्ध जन उपस्थित थे और बाबा के जयकारे लगते रहे। विकास उपाध्याय समाज के जैत खम्भ में माथा भी टेका और क्षेत्र व प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

विधायक विकास उपाध्याय आज सतनामी समाज द्वारा आयोजित सतनाम पंथ के संस्थापक बाबा गुरु घासीदास की जयंती को यादगार बनाये रखने समाज के बीच आयोजित कार्यक्रमों में रमे रहे और सतनामी समाज के पारंपरिक पोषाक का धारण ही नहीं किये थे बल्कि नृत्य भी करते नजर आए। विधायक विकास उपाध्याय के इस व्यवहार को देख समाज के लोग गदगद नजर आए और बाबा गुरु घांसी दास के साथ-साथ विकास उपाध्याय के नारे भी गूंजते रहे।इस मौके पर विकास उपाध्याय ने कहा,सतनामी समाज कि यह संस्कृति सभी समाज के साथ मिल जुल कर जीना सिखाती है और समाज में एकता स्थापित करती है। उन्होंने कहा,उनका सौभाग्य है कि सतनाम पंथ के मानने वालों के साथ इन कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें सम्मिलित होने और बाबा के जयंती मनाने का मौका मिल रहा है।

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