चिटफंड कंपनी के 12 एकड़ जमीन की होगी कुर्की : पंडरिया में स्थिति है संचालकों की भूमि

कवर्धा : चिटफंड कंपनी के 12 एकड़ जमीन की होगी कुर्की : पंडरिया में स्थिति है संचालकों की भूमि

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

कलेक्टर रमेश शर्मा ने दिए आदेश

संचालकों के रिश्तेदारों के नाम है और भी संपत्ति

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

चिटफंड कंपनी आईडब्ल्यूसी मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के संचालकों के नाम पंडरिया तहसील में स्थित लगभग 12 एकड़ कृषिभूमि की कुर्की की जाएगी। इसके संचालक अवकाश पाठक पिता क्रांति पाठक और उसकी पत्नी श्रीमती ज्योति पाठक है। शासन के गाइडलाइन के अनुसार कंपनी संचालकों के खिलाफ कलेक्टर एवं जिला दण्डाअधिकारी श्री रमेश कुमार शर्मा ने कार्यवाही करते हुए कुर्की आदेश जारी किया है। जिसका जल्द ही पालन किया जाएगा।
दोनों ने कंपनी का रायपुर में कार्यालय खोला। पाठक दंपत्ती ने कंपनी का संचालन कंपनी का पंजीयन शर्तों का उल्लंघन करते हुए कर रहे थे। पाठक दंपत्ती ने आम उपभोक्ताओं को अधिक रकम देने के लिए निवेश कराया था। इसमें उन्होंने बताया कि पांच साल में निवेशकों की रकम दोगुनी कर दी जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ और निवेशकों का करोड़ो रूपए डूब गए। इस संबंध में रायपुर क्षेत्र के निवेशकों ने राखी, भानसेज, सिटी कोतवाली पुलिस थाने में शिकायत की थी। जिसमें पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना में लिया था। शासन के गाइडलाइन के अनुसार चिटफंड कंपनियों की संपत्ति की कुर्की करके संबंधित निवेशकों की राशि लौटाने की कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में आईडब्ल्यूसी मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के संचालक अवकाश पाठक एवं उसकी पत्नी ज्योति पाठक के नाम ग्राम नवागांव कला, तहसील पंडरिया, जिला कबीरधाम स्थित 12.35 एकड़ जिसे कुर्क कर निवेशकों के रकम लौटाने के आदेश जारी किए गए हैं। इसी प्रकार अवकाश पाठक और उनके रिश्तेदारों के नाम लगभग 13.078 हेक्टयर कृषिभूमि और स्थित है, जिसमें अभी सुनवाई जारी है। यह कार्यवाही पुलिस अधीक्षक रायपुर प्रेषित प्रकरण के आधार पर कलेक्टर न्यायालय एवं दंडाधिकारी ने छत्तीसगढ़ निपेक्षकों के हितों के संरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 7 के तहत कार्यवाही की है।