​​​​​​​राज्य में उर्दू भाषा को बढ़ावा देने की कार्ययोजना

रायपुर : ​​​​​​​राज्य में उर्दू भाषा को बढ़ावा देने की कार्ययोजना

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मंत्री डॉ. टेकाम की अध्यक्षता में उर्दू अकादमी की बैठक सम्पन्न

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पिछड़ा वर्ग एवं अल्प संख्यक विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में उर्दू अकादमी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उर्दू से संबंधित पुरस्कार एवं माली इमदाद के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी द्वारा छत्तीसगढ़ के शायरों का पंजीयन किया गया है। पंजीकृत शायरों द्वारा उर्दू भाषा विकास के संबंध में कार्य किया जा रहा है। बैठक में तय किया गया कि छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी द्वारा प्रकाशित पुस्तक में उर्दू भाषा में रचनाएं प्रकाशित होने वालों को ही 10-10 हजार रूपए की राशि प्रदान की जाएगी। बैठक में अल्प संख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री महेन्द्र छाबड़ा, उर्दू अकादमी के सचिव और संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में बताया गया कि उर्दू भाषा व तालीम हेतु प्रोत्साहन में उर्दू भाषा के विकास के लिए शासकीय, उर्दू शिक्षकों एवं शिक्षाकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाना है। यह प्रशिक्षण एससीईआरटी में दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। उर्दू शिक्षकों एवं शिक्षाकर्मियों के स्वीकृत रिक्त पद पर भी भर्ती की जानी है। प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और हाई स्कूल में अध्ययनरत् पांच हजार से अधिक बच्चों को पाठ्यपुस्तक निगम के माध्यम से उर्दू भाषा की पुस्तक उपलब्ध कराना है।
उर्दू अकादमी द्वारा बच्चों को तकनीकी शिक्षा देने के लिए एन.सी.पी.यू.एल. से कम्प्यूटर एप्लीकेशन बिजनेस एकाउंटिंग और मल्टीलिंगुअल का एक वर्षीय डिप्लोमा हेतु डीटीसी सेंटर संचालन के लिए पंजीयन कर केन्द्र स्थापित करना है। मंत्री डॉ. टेकाम ने इस संबंध में उर्दू अकादमी के अधिकारियों को त्वरित पहल करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 56 उर्दू पुस्तकालय अध्ययन केन्द्र एवं कम्प्यूटर सेंटर के संचालन के पुस्तकालय सहायक एवं संस्था पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाना है। अब तक 55 केन्द्रों में कम्प्यूटर उपलब्ध करा दिया गया है। इसी प्रकार उर्दू पुस्तकालय अध्ययन केन्द्र के लिए प्रतियोगी पुस्तक क्रय करने और च्वाईस सेंटर भी स्थापित करना है। यह च्वाईस सेंटर लोक सेवा केन्द्र की तरह कार्य करेंगे।
बैठक में बताया गया कि उर्दू के प्रचार-प्रसार के लिए विविध कार्यक्रम किया जाए। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में उर्दू तालीम के लिए जिला स्तर पर छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी के लिए 56 पुस्तकालय एवं अध्ययन केन्द्र में ऑडिशन के पश्चात विजेताओं को राज्य स्तरीय तलाश-ए-नातगो का आयोजन किया जाए।
छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी की सरगर्मियों की पुस्तिका, ब्रोसर, मल्टीकलर फ्लैक्स एवं अन्य का मुद्रण कर प्रचार-प्रसार किया जाए। चश्म-ए-उर्दू त्रैमासिक पत्रिका में अच्छे रचनाकारों को स्थान मिलना चाहिए। राज्य में स्थापित दरगाह, यातिमखाना आदि की ऐतिहासिक जानकारियों का संकलन कर द्विभाषी (उर्दू-हिन्दी) पुस्तक की जाएगी। बैठक में छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी के कार्य संपादन के संबंध में भी चर्चा की गई।