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बंदियों की समस्या निराकरण व कौशल उन्नयन हेतु अधिकारियां को दिए जरूरी निर्देश……………..

बंदियों की समस्या निराकरण व कौशल उन्नयन हेतु अधिकारियां को दिए जरूरी निर्देश……………..

ब्यूरो चीफ/सरगुजा// जिला एवं सत्र न्यायाधीश आर.बी. घोरे, कलेक्टर कुन्दन कुमार व पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने गुरुवार को केंद्रीय जेल अम्बिकापुर का निरीक्षण किया। उन्होंने जेल के विभिन्न बैरकों, चिकित्सालय, पाकशाला, उद्योग शेड, प्रशासनिक भवन आदि का निरीक्षण कर जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने बंदियों का हाल-चाल जाना व समस्याएं सुनी। उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उद्योग शेड में बंदियों द्वारा बनाये गए बांस व काष्ठ  के कई कलात्मक कलाकृति का अवलोकन किया। इसके साथ ही प्रिंटिंग प्रेस में तैयार किये जा रहे डायरी, फाइल कवर इत्यादि का अवलोकन किया। यहां काम करने वाले बंदियों को डिजाइनर डायरी बनाने के लिए कौशल विकास अंतर्गत प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए।

जिला कार्यालय में भी होगी स्टेशनरी की आपूर्ति- उद्योग शेड में बन्दियों द्वारा विभिन्न स्टेशनरी सामग्री बनाये जा रहे है। कलेक्टर ने यहां से निर्मित फ़ाइल कवर, फ़ाइल पेड सहित अन्य सामग्रियों की आपूर्ति जिला कार्यालय में करने हेतु प्रस्ताव तैयार करने कहा। इसके साथ ही यहां से 3 बेंच क्रय करने के आदेश भी दिए।

बंदियों के ईलाज के लिए लगेगा शिविर- निरीक्षण के दौरान विभिन्न बीमारियों से ग्रसित बन्दियों को चिन्हित करते हुए ईलाज के लिए अलग-अलग शिविर लगाने के निर्देश जेल के चिकित्सक को दिए। चिकित्सक डॉ प्रगति सिंह ने बताया कि वर्तमान में कई बंदी मोतियाबिंद बीमारी से ग्रसित हैं जिनका ऑपरेशन कराया जाना जरूरी है तथा पुरुष चिकित्सक की भी पदस्थापना किया जाना है। कलेक्टर ने मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग के चिकित्सकों को शिविर लगाने के निर्देश दिए।

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सुरक्षा मापदंडो का आंकलन- निरीक्षण के दौरान अधिकारियों के द्वारा जेल के सुरक्षा मापदंडो का आंकलन करते हुए सी.सी.टी.वी कैमरा की जांच की गई और प्रत्येक घटना पर सूक्ष्म नजर रखने एवं समय-समय पर विधिवत जांच करने हेतु दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक द्वारा बंदियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिए जाने हेतु जेल के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया। आपसी रंजिश दूर करने हेतु प्रयास करने के भी दिशा-निर्देश दिए।

बंदियों ने बताई समस्या- विभिन्न बैरकों के निरीक्षण के दौरान बंदी चौबे राम ने  अपनी दया याचिका आवेदन के आधार पर सजा माफ करने का निवेदन किया। बसन्त यादव ने वकील बदलने की मांग की। मुबारक अली ने रिहाई के लिए रिश्तेदारों से जमानत दिलाने की मांग की। रामप्रवेश यादव ने मोतियाबिन्द की ऑपरेशन कराने की मांग की। इन सभी बन्दियों की समस्या के निराकरण के लिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

बताया गया कि वर्तमान के केन्द्रीय जेल आवास क्षमता 1320 है। 50-50 बंदी क्षमता वाले 4 नग नवीन बंदी बैरक एवं 100 बंदी क्षमता के एक नग अतिरिक्त बैरक का निर्माण पुरा हो गया है। 50 बंदी क्षमता के 2 नग नवीन बैरकों को निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस बैरक के बनने से बंदी क्षमता 1420 हो जाएगा। इस दौरान जिला पंचायत सी.ई.ओ. विनय कुमार लंगेह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला, एस.डी.एम. प्रदीप साहू, प्रभारी जेल अधीक्षक आर.एस. ठाकुर, कोतवाली थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह सहित केंद्रीय जेल के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।

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