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गुमशुदा/अपहृत बच्चों की बरामदगी, महिला व बालकों से संबंधित प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश।

गुमशुदा/अपहृत बच्चों की बरामदगी, महिला व बालकों से संबंधित प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश।

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गोपाल सिंह विद्रोही बिश्रामपुर- जिला पुलिस कार्यालय के सभागार में शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक श्री रामकृष्ण साहू की अध्यक्षता में जिले में कार्यरत् विशेष किशोर पुलिस इकाई एवं थाना स्तर पर कार्यरत् बाल कल्याण अधिकारी का कार्यशाला का आयोजन किया गया। बैठक में निपुण सक्सेना बनाम भारत संघ के मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन करने हेतु निर्देशित किया गया। बाल संरक्षण, पाक्सो एक्ट, जे०जे० एक्ट, इत्यादि विषयों के सम्बन्ध में वार्ता कर जानकारी दी गई। बैठक के दौरान पाक्सो एक्ट व महिला सम्बन्धी अपराधों में की जाने वाली कार्यवाहियों के सम्बन्ध में विस्तार से बताया गया
इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने का निर्देश दिया। विशेष किशोर पुलिस ईकाई व बाल कल्याण अधिकारी के कर्तव्यों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पास्को एवं किशोर न्याय अधिनियम बालकों के अधिकारों एवं उनकी रक्षा के लिए बनाया गया है। महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों की विवेचना तत्परतापूर्वक संवेदनशीलता से करते हुए आरोपी को सजा दिलाए, ताकि ऐसे अपराधों में कमी आए, बच्चों का लैंगिक शोषण बहुत गंभीर अपराध है, इसकी रोकथाम में मददगार बने। लोगों को जागरूक करें कि महिला एवं बच्चों के विरूद्ध अपराध की जानकारी पर निकटतम पुलिस थाने में सूचना दे इसके लिए उन्हें जागरूक किया जाए। अपहृत/गुम इंसान बालक-बालिका की दस्तयाबी विशेष प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक ने क्राईम रेट को कम करने को लेकर पुलिस अधिकारियों को जरूरी निर्देश देते हुए मेहनत से कार्य करने के निर्देश दिए।
विशेष किशोर पुलिस इकाई के नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह ने भी निपुण सक्सेना बनाम भारत संघ के मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। महिला एवं बच्चों के विरूद्ध अपराध पर संवेदनशील होकर माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करने हुए समुचित कार्यवाही करने, पीड़िता एवं बच्चों की पहचान उजागर न हो इसका विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि बच्चों के साथ होने वाले अपराध को छुपाना या सूचना ना देने पर भी दण्ड का प्रावधान है। पोस्को एक्ट एवं किशोर न्याय अधिनियम से जुड़े जरूरी नियमों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि कोई बच्चा शिकायत करने आए या किसी मामले में बच्चा आरोपी हो तो बाल कल्याण अधिकारी सादा कपड़ों में उस बच्चे से बात करें, ताकि बच्चों को थाने के माहौल से अलग सामान्य माहौल मिल सके। ज्ञात हो कि प्रत्येक थानों में 6 बाल कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
इस दौरान डीएसपी मुख्यालय नंदिनी ठाकुर, निरीक्षक जावेद मियांदाद, थाना-चौकी प्रभारीगण, सामाजिक कार्यकर्ता व पत्रकार ओंकार पाण्डेय, अधिवक्ता राकेश गुप्ता, दीपक कर, कविता मण्डल, चंदा प्रजापति, राजेश दुबे, धर्मजीत राजवाड़े, सखी वन स्टाप सेंटर, विशेष किशोर पुलिस ईकाई व बाल कल्याण पुलिस अधिकारी-कर्मचारीगण मौजूद रहे।

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