
श्री सत्य साँईं बाबा का 97 वाँ जन्मदिन एवं साईं सप्ताह धूमधाम से मनाया गया
श्री सत्य साँईं बाबा का 97 वाँ जन्मदिन एवं साईं सप्ताह धूमधाम से मनाया गया
गोपाल सिंह विद्रोही बिश्रामपुर-सत्य साँईं बाबा का 97वाँ जन्मदिन साईं धाम बिश्रामपुर में धूमधाम से मनाया गया।श्री सत्य साईं सेवा समिति विश्रामपुर के द्वारा बाबा के जन्मदिन के पूर्व सप्ताह को साँईं जन्मोत्सव सप्ताह के रूप में मनाया मनाया गया,जिसमें समिति के द्वारा विविध कार्यक्रम किए गए,जिसके अंतर्गत 17 नवंबर से 22 नवंबर तक प्रातः 5:00 बजे प्रभात फेरी एवं शाम 6:00 बजे से संध्या भजन क्रमशः देवराज शर्मा,निपुन शर्मा,शशि नानू,संजय भारत के निवास स्थान मे संपन्न हुआ। 23 नवंबर को प्रातः5बजे साँईं धाम से प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें काफी संख्या में भक्तगण शामिल हुए,दोपहर 12:00 से नारायण सेवा के अंतर्गत नारायणों को भोजन कराया गया,शाम को 5:00 बजे से वेद पाठ एवं भजन संध्या का कार्यक्रम के पश्चात बाल विकास के बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की मनमोहक प्रस्तुति दी गई, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एन वी रमन राव सहक्षेत्र प्रबंधक अमेरा सहक्षेत्र,एवं जया रमन राव के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल गणेश वंदना के लिए शांति ग्रुप के बच्चों को, अहिंसा ग्रुप से नृत्य के लिए, दया ग्रुप से कृष्णा वंदना नृत्य के लिए,शिक्षा ग्रुप से रामजी की सवारी नृत्य के लिए बच्चों को पुरस्कृत किया गया।साँईं जन्मोत्सव सप्ताह के समापन के अवसर पर स्वच्छता से दिव्यता कार्यक्रम के अंतर्गत बालक वर्ग में प्रथम चैतन्य कश्यप एवं बालिका वर्ग में प्रथम अंशु सिंह,निबंध प्रतियोगिता में बालक वर्ग में प्रथम अनुज कुमार,बालिका वर्ग में प्रथम साक्षी कुमारी,चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम मंदाकिनी,द्वितीय अनवेषा, प्रधान,तृतीय याचना प्रजापति को परितोषिक प्रदान किया गया। साँईं जन्मोत्सव सप्ताह के अंतर्गत 21 नवंबर को समिति के सदस्यों क्रमशः संजय पानीकर,शशि नानू,विजय देवांगन,अजय कुमार,राकेश बहादुर,प्रमोद कुमार, बाबूलाल,जगेश्वर,रामदरस, अनिल,संतोष कुमार के द्वारा जिला अस्पताल सूरजपुर में रक्तदान किया गया था,उन्हें भी छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा जारी प्रमाण पत्र मुख्य अतिथि के हाथों प्रदान किया गया,कार्यक्रम के अंतिम चरण में महामंगल आरती एवं भोग प्रसाद वितरण के बाद कार्यक्रम का समापन किया गया, इस अवसर पर काफी संख्या में श्रद्धालुगण, बच्चे एवं उनके परिजन उपस्थित थे।कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।










