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भेंट-मुलाकात : पिपरिया पहुंचे सीएम बघेल, आमजनों से ले रहे फीडबैक…

भेंट-मुलाकात : पिपरिया पहुंचे सीएम बघेल, आमजनों से ले रहे फीडबैक…

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रायुपर। मुख्यमंत्री बघेल का पिपरिया में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों एवं जनता ने हेलीपैड पर आत्मीय स्वागत किया। हेलीपैड पर ग्राम अमझर के ग्रामीणों ने डंडा नृत्य कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। पारंपरिक धुन और मांदर की थाप पर डंडा नृत्य ने मुख्यमंत्री का मन मोह लिया। उनके स्वागत में भारी संख्या में ग्रामीणजन हेलीपैड पर मौजूद रहे। मुख्यमंत्री बघेल ने सभी का स्वागत स्वीकार करते हुए सभी का अभिवादन किया। गोंड जनजाति द्वारा खुशी के अवसर एवं गौरा गौरी त्योहार के अवसर पर डंडा नाच किया जाता है। आदिवासी संस्कृति की विशेष पहचान डंडा नाच जनजाति सदस्यों द्वारा फसल कटाई की खुशी और त्योहारों पर किए जाने वाले विशेष नृत्य है।

पिपरिया हेलीपैड में मुख्यमंत्री बघेल के स्वागत के दौरान पाली तानाखार क्षेत्र के विधायक मोहित राम केरकेट्टा, जनपद सदस्य भोला गोस्वामी, नगर पालिका कटघोरा अध्यक्ष रतन मित्तल सहित ग्रामीण जन मौजूद रहे। प्रशासन की तरफ से मुख्यमंत्री का स्वागत पुलिस महानिरीक्षक बद्रीनारायण मीणा, कलेक्टर संजीव झा, पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह, जिला पंचायत सीईओ नूतन कंवर, डीएफओ कोरबा अरविंद पीएम और अन्य अधिकारियों ने किया।

भेंट मुलाकात के दौरान निर्मला कुजूर ने मुख्यमंत्री को बताया कि राशन कार्ड बना है, चावल, शक्कर, नमक नियमित रूप से मिलता है। गैस सिलेंडर महंगा होने की वजह से लकड़ी में खाना बनाती हैं।

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चंद्रकला पोर्ते ने मुख्यमंत्री से कहा कि राशन कार्ड में चावल, शक्कर, नमक रेगुलर मिलता है।गैस सिलेंडर और मिट्टी तेल बहुत महंगा है।

प्रेम सिंह ने बताया कि वनाधिकार पट्टा बना है। धान भी बेचा है, उसने बताया कि गांव के कुछ लोगों को पट्टा नही मिला है, जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रक्रिया के तहत मिल जायेगा।

मुख्यमंत्री से बात करते हुए जगतपाल सिंह ने बताया कि 1.5 एकड़ जमीन का पट्टा मिला है। उन्होंने बताया कि अब जमीन में खेती करते हैं, योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है।

हरनाम सिंह मरकाम ने बताया उन्हें एक एकड़ जमीन का पट्टा मिला है। इसी जमीन में खेती कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। उन्होंने वनाधिकार पट्टा योजना को अच्छी योजना बताया।

तेजकुंवर ने बताया कि 40 हजार का गोबर बेची हूं। पहले तो गोबर फेंक देती थी, अब गौठान में देती हूं। इसी से घर चला रही हूं, बच्चे की शादी में भी इस पैसे का इस्तेमाल किया। एक लाख रूपए खाद बनाकर कमाया है।

संगीता साहू ने बताया कि तेंदू पत्ता तोड़ने का काम कर रहे हैं। आपने रेट बढ़ाया तब से तोड़ना शुरू किया। आपने तेंदूपत्ता संग्राहकों का बीमा कराया है उसकी बहुत खुशी है।

अनीता राज ने बताया कि मैं समूह चलाती हूं। 12 सदस्य हैं, मैं पढ़ती भी हूं…प्राइवेट बीएड कर रही हूं। तीन साल में 2 लाख 70 हजार का खाद बेची हैं, यहां कॉलेज नहीं है मैं तो दूर जाकर पढ़ी हूं लेकिन आप यहां कालेज खुलवा दीजिए। अनीता की पढ़ाई पूरी करने के लिए मुख्यमंत्री ने 50 हजार रूपए की सहायता देने की घोषणा की।

Ashish Sinha

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