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आइसोलेशन इकाई के रुप में 7 राज्यों के 17 स्थानों पर कोविड केयर कोच कार्यरत

टीम पूरी तरह से क्वारंटाइन प्रोटोकॉल के साथ कोविड के हल्के मामलों को चिकित्सा सुविधाएं देने का प्रयास करती है

अब तक 298 आइसोलेशन कोच के जरिए करीब 4700 बिस्तर क्षमता तैयार की गई है

कोविड-19 के खिलाफ चल रही लड़ाई में, रेलवे के अधिकारियों और टीम ने समय-समय पर और समन्वित कार्रवाई के माध्यम से राज्यों के स्वास्थ्य अधिकारियों और प्रशासन तक पहुंचने के लिए प्रयास जारी रखा है। केंद्रित निगरानी और कार्यों के विस्तृत प्रोटोकॉल के माध्यम से, रेलवे ने राज्यों की मांग के अनुसार देश के विभिन्न हिस्सों में आइसोलेशन कोच पहुंचा दिया है। प्लेटफॉर्म पर तैनात किए गए आइसोलेशन कोचों को विधिवत रूप से बंद कर दिया गया है और उन्हें अलग जगह खड़ा किया गया है और वहां ड्यूटी पर चिकित्सा कर्मियों की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। जहां पीपीई किट को निकालने और पहने की स्थायी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं, रेलवे ने पुरुषों और महिला स्वास्थ्य कर्मियों के लिए कोचों में अलग से अस्थायी व्यवस्था प्रदान करने का प्रयास किया है। आरपीएफ स्टाफ को चौबीसों घंटे इन स्वास्थ्य सुविधाओं की देखभाल के लिए तैनात किया गया है। रेलवे ने आपात स्थितियों में प्रत्येक कोच में 2 ऑक्सीजन सिलेंडर और आग बुझाने का भी प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, रेलवे ने इन कोचों में मरीज के आने-जाने के लिए के लिए रास्ते का मार्गदर्शन, रैंप सुविधा भी तैयार की है।

इन आइसोलेशन कोच को देश के 7 राज्यों के 17 स्टेशनों पर तैनात किया गया है और वहां कोविड केयर के मरीजों के लिए खान-पान की व्यवस्था की जाती है। वर्तमान में विभिन्न राज्यों को 4700 बिस्तर वाले 298 कोविड केयर कोच को सौंप दिए गए हैं । 7 राज्यों में कोच की तैनाती इस प्रकार है:

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इसके तहत रेलवे ने महाराष्ट्र राज्य में 60 कोच तैनात किए हैं। ऐसा देखा गया है कि नंदरबार में कोविड रोगियों का पंजीकरण न केवल बढ़ा है बल्कि आइसोलेशन अवधि के बाद चिकित्सीय सुविधा के बाद तेजी से मरीज ठीक भी हुए हैं। अब तक राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा 116 रोगियों का पंजीकरण किया गया और उसमें से 93 मरीज राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों के जरिए इलाज कराकर स्वस्थ हुए जबकि 23 मरीज अभी इस सुविधा का उपयोग कर रहे हैं। रेलवे ने अजनी इनलैंड डिपो पर मौजूद 11 कोविड केयर कोच (जिसमें से एक कोच में विशेष रूप से चिकित्सा कर्मी और आपूर्ति की व्यवस्था की गई है) को नागपुर नगर निगम को सौंप दिया है। यहां 9 मरीजों को भर्ती किया गया और सभी को आइसोलेट कर दिया गया। पालघर में जहां रेलवे ने हाल ही में 24 कोच प्रदान किए हैं वहां भी अब यह सुविधा शुरू हो गई है।

रेलवे ने मध्य प्रदेश में 42 कोच तैनात किए हैं। पश्चिम रेलवे के रतलाम डिवीजन ने इंदौर के पास तिही स्टेशन पर 320 बेड की क्षमता वाले 22 कोच तैनात किए हैं। यहां अब तक 21 मरीजों को भर्ती किया गया है जबकि 7 मरीजों को छुट्टी दे दी गई है। वहीं भोपाल में 20 कोच तैनात किए गए हैं। इस सुविधा में, नवीनतम आंकड़ों के अनुसार 11 रोगियों के साथ 29 लोगों को भर्ती किया चुका है। आज की तिथि में 18 मरीज इस सुविधा का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस सुविधा में 302 बिस्तर उपलब्ध हैं।

नवीनतम जानकारी के अनुसार असम की ताजा मांग के तहत रेलवे ने गुवाहाटी में 21 आइसोलेशन कोच को पहुंचाया गया है और 20 आइसोलेशन कोच को सिलचर (एन.एफ.रेलवे) के पास बदरपुर ले जाया गया है। इसके पहले इसी सप्ताह में साबरमती, चंदलोदिया और दीमापुर में आइसोलेशन कोच तैनात किए गए थे।

दिल्ली में रेलवे ने राज्य सरकार की मांग को पूरा करते हुए 1200 बेड की क्षमता वाले 75 कोविड केयर कोच पहुंचाए हैं। इसके तहत 50 कोच शकूरबस्ती और 25 कोच आनंद विहार स्टेशनों पर तैनात किए गए हैं। 5 मरीजों का पंजीकरण किया गया था और सभी को छुट्टी मिल गई है। यहां कुल 1200 बेड उपलब्ध हैं।

उत्तर प्रदेश में हालांकि कोच की अभी तक राज्य सरकार द्वारा मांग नहीं की गई है। हालांकि फैजाबाद, भदोही, वाराणसी,बरेली और नजीबाबाद में प्रत्येक जगह पर 10 तैयार रखे गए हैं, जिनकी कुल क्षमता 800 बेड (50 कोच) है।

रेलवे ने आइसोलेशन इकाइयों के रूप में काम करने के लिए लगभग 70,000 बिस्तरों के साथ 4400 से अधिक आइसोलेशन डिब्बों का एक बेड़ा उपलब्ध कराया है।

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