दिल्ली में विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों की अहम बैठक

सोलर ग्रुप पर साइबर हमले की जांच करेगी सीबीआई

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

दिल्ली में विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों की अहम बैठक

हैकर्स ने रक्षा सूचना व कंपनी से जुड़ी अहम जानकारियां चुराईं

नागपुर, भारतीय सेना के लिए विस्फोटक बनाने वाली नागपुर स्थित सोलर ग्रुप कंपनी पर साइबर हमले की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया गया।

यह निर्णय नागपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में दिल्ली में एक अहम बैठक में लिया गया। इस बैठक में विभिन्न जांच एजेंसियों के अधिकारी भी शामिल हुए थे। चूंकि मामला राष्ट्रीय एजेंसियों से जुड़ा है, नतीजतन अन्य एजेंसियां भी जांच में सीबीआई का सहयोग करेंगी।

उद्योपती सत्यनारायण नुवाल की नागपुर स्थित सोलर ग्रुप कंपनी भारतीय सेना के लिए मल्टीमोड ग्रेनेड बनाती है। बताया गया कि सोलर ग्रुप को पिछले हफ्ते साइबर अटैक का सामना करना पड़ा था। हैकर्स ने कंपनी का अहम डेटा चुरा लिया है। इसमें रक्षा सूचना और रेखाचित्रों के साथ कंपनी से जुडी अहम जानकारी भी शामिल है। घटना के बाद सोलर ग्रुप के अधिकारियों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आया कि कंपनी पर यह हमला ‘ब्लैक कैट’ नाम के हैकर ग्रुप ने किया है। इस घटना के बाद सोलर ग्रुप की वेबसाइट भी बंद कर दी गई है। कंपनी की साइट पर ‘साइट अंडर मेंटेनेंस’ का मैसेज आ रहा है।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

साइबर सुरक्षा को ले कर सतर्कता जरूरी

इस संबंध में सूचना प्रौद्योगिकी कानून के विशेषज्ञ एड. महेंद्र लिमये ने कहा कि संवेदनशील सूचनाओं को संभालने वाले सरकारी संगठनों और प्राइवेट कंपनियों को साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक होना बहुत जरूरी है। कुछ दिन पहले दिल्ली एम्स के सर्वर पर भी साइबर अटैक हुआ था। लिमये ने कहा कि आज के सूचना प्रौद्योगिकी के युग में सभी प्रकार के डेटा बहुत महत्वपूर्ण और संवेदनशील हैं, इसलिए सभी को इसके प्रति सावधान रहना बेहद जरूरी है। लिमये के अनुसार बहुत छोटे पैमाने पर व्यवसाय की शुरुआत करने वाली और फिर विस्तार करने वाली कंपनियां साइबर सुरक्षा के बारे में उतनी सतर्क नहीं हो सकतीं, जितनी उन्हें होनी चाहिए। लिमये ने बताया कि ऐसी कंपनियों को समय-समय पर साइबर सुरक्षा ऑडिट कराना होता है। साथ ही संवेदनशील कंपनियों में मुख्य सूचना अधिकारी की नियुक्ति भी जरूरी है।