
घटना की जानकारी होने पर तत्काल कंट्रोल रूम पर दें सूचना – कलेक्टर एल्मा
बाढ़ की संभावना को देखते हुए पालतू जानवरों को पहले से ही सुरक्षित तथा ऊंचे स्थानों पर भेज दें या जल स्तर बढ़ रहा हो तो उन्हें खुला छोड़ दें
नदी-नालों एवं पुराने पुल-पुलियों को पार करते समय एहतियात बरतने कलेक्टर ने की पुन: अपील
बेमेतरा – मानसून के चलते ज़िले और पिछले दिनों से हो रही बारिश एवं भारी बारिश संभावित अतिवृष्टि, नदी-नालों के उफान तथा बाढ़ की स्थिति निर्मित होने की वजह से लोगों की जान की सुरक्षा के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता एवं तत्काल राहत पहुँचने के निर्देश कलेक्टर पदुम सिंह एल्मा ने संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।कलेक्टर श्री एल्मा ने जिलें वासियों से अपील की कि नदी-नालों, पुराने पुल-पुलिया आदि को पार करते समय एहतियात बरतें। इसके साथ ही आपदा की जानकारी मिलने पर जिला स्तरीय बाढ़ कन्ट्रोल रूम 07824-222103 में इसकी सूचना दें। यह कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे काम कर रहा हैं। बेमेतरा जिलें में चालू मानसून के दौरान विगत एक जून से आज 15 सितंबर 2023 तक 790 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकार्ड की गयी हैं। कलेक्टर ने जन सामान्य से कहा कि वे अपने शहर या गांव में बाढ़ की संभावना और विगत वर्ष में बाढ़ के सबसे उच्च स्तरों को जानें। अपनी बहुमूल्य वस्तुओं और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखें। अपने नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य तथा सहायता केन्द्र की जानकारी रखें। आपातकालीन किट तैयार करें, जिसमें सूखा खाद्य पदार्थ, पेयजल, आवश्यक दवाएं, रेडियों, टॉर्च, जरूरी कागजात, माचिस, रस्सी आदि शामिल हों तथा इन्हें उपयोग हेतु चालू हालत में रखें। बाढ़ की संभावना को देखते हुए पालतू जानवरों को पहले से ही सुरक्षित तथा ऊंचे स्थानों पर भेज दें या जल स्तरबढ़ रहा हो तो उन्हें खुला छोड़ दें। बाढ़ की चेतावनी मिलने पर उसका पालन करें, अपने पड़ोसियों को सूचित करें तथा सुरक्षित, ऊंचे स्थानों पर चलें जाएं, यदि स्थान छोड़ रहे हैं, तो अपने साथ आपातकालीन किट जरूर ले जाएं। घर छोड़ने से पहले बिजली का मुख्य स्विच, गैस और पानी के नलों को बंद कर दें एवं मित्रों व रिश्तेदारों को अपने प्रस्थान की जानकारी दें। पुलिस और दमकल अधिकारियों के अनुदेशों का पालन करें व उन्हें सहयोग दें, आपकी सुरक्षा उनका ध्येय हैं। उबाला हुआ या क्लोरीन की टेबलेट से साफ किया हुआ पानी पियें। सांप, विषधर प्राणियों से बचकर रहें, प्रायः बाढ़ के समय सांप के काटने की घटनाएं होती हैं। नवीनतम जानकारी हेतु स्थानीय मौसम और समाचार रिपोर्टों को सुनें। अपने आसपास वातावरण को साफ एवं स्वच्छ रखें।
कलेक्टर ने कहा कि बाढ़ का पानी न पियें और न ही उससे भोजन पकाएं। बाढ़ के पानी के सम्पर्क में आया हुआ खाद्य पदार्थ न खायें। बाढ़-ग्रस्त क्षेत्र में न जाएं तथा गाड़ी चलाने से बचें। मदद के बिना बाढ़ के पानी में न जाएं, बच्चों को बाढ़ के पानी के पास खेलने ना दें। बिजली उपकरणों का प्रयोग न करें, जो बाढ़ के पानी में भीगे हों।
जिलें के प्रमुख नदियों के किनारे जिलें में करीब 137 गांव नदी के किनारे बसती हैं। तहसील बेरला के 50 गांव, तहसील बेमेतरा के 32 गांव, तहसील साजा के 16 गांव, तहसील थानखम्हरिया के 04 गांव व तहसील नवागढ़ के 35 गांव हैं। इस तरह से कुल 137 गांव बाढ़ में प्रभावित होने की आशंका रहती हैं। भारी बारिश होने से इन गांवों में शिवनाथ, सुरही, खारुन, हाफ नदी तथा डोटूनाला का पानी घुस जाता हैं।