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डी. ए. वी. विश्रामपुर में स्वामी दयानंद सरस्वती जयंती मनाई गई

डी. ए. वी. विश्रामपुर में स्वामी दयानंद सरस्वती जयंती मनाई गई

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विश्रामपुर-डी. ए. वी. पब्लिक स्कूल बिश्रामपुर में आज स्वामी दयानंद जी की 200 वीं जयंती श्रद्धाभाव से मनाई गई। इस अवसर पर सामूहिक वैदिक हवन का आयोजन किया गया जिसमें विद्यालय प्राचार्य सहित समस्त अध्यापक – अध्यापिकाएँ एवं विद्यार्थीगण पूरे मनोयोग से शामिल हुए।
विद्यालय प्राचार्य एच. के. पाठक एवं अध्यापक- अध्यापिकाओं के द्वारा स्वामी दयानंद जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धा भाव से उनकी प्रतिमा पर पुष्पार्पण के साथ आयोजन का शुभारंभ किया । विद्यालय के संगीत विभाग की ओर से इस अवसर पर ‘वेदों का कर गया बेड़ापार ओ मस्ताना जोगी’ गीत की संगीतमय मनोरम प्रस्तुति ने सबको भाव- विभोर कर दिया।
विद्यालय प्राचार्य एच. के. पाठक जी ने समस्त विद्यालय परिवार को स्वामी दयानन्द जयंती की हार्दिक बधाई दीं और उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि महर्षि दयानंद जी ने आर्य समाज की स्थापना कर समाज सुधार के अनेक कार्य किए । उन्होंने सामाजिक कुरीतियों, धार्मिक संकीर्णता , पाखंड , अंधविश्वास आदि के विरुद्ध आवाज उठा कर धार्मिक उदारता और आपसी भाईचारे का संदेश दिया । शिक्षा का प्रचार – प्रसार , सामाजिक व सांस्कृतिक उन्नयन एवं राष्ट्रीय चेतना जागृत करने में उनका महान योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। हम सभी को उनके पथचिन्हों पर चलकर समाज एवं राष्ट्र सेवा के कार्यों में हमेशा तत्पर रहना चाहिए।
वरिष्ठ अध्यापक ए. एम. चौबे ने अपने वक्तव्य में कहा कि स्वामी दयानन्द जी ने समाज में महिलाओं को सम्मानजनक स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बालिकाओं को शिक्षित करने पर विशेष जो़र दिया। उन्होंने सत्यार्थ प्रकाश की रचना कर सत्य के वास्तविक स्वरूप को लोगों तक पहुंचाया और वेदों का उद्धार किया। संस्कृताचार्य बलवीर त्रिपाठी ने अपने वक्तव्य में कहा कि महर्षि दयानन्द जी देश के अलग – अलग क्षेत्रों में भ्रमण कर शास्त्रार्थ किये और लोगों में नवीन जागृति विकसित की। स्वामी जी स्वधर्म, स्वराज्य, स्वभाषा व स्वसंस्कृति के प्रबल परिपोषक थे। देश को पराधीनता से मुक्त करने के लिए उन्होंने संपूर्ण भारत में भ्रमण कर लोगों मे राष्ट्रीय चेतना जाग्रत करने का कार्य किया। वरिष्ठ अध्यापिका श्रीमती फिरदौस खान ने अपने संक्षिप्त वक्तव्य में समस्त विद्यालय परिवार को स्वामी दयानन्द जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वामी जी ने सामाजिक और धार्मिक विसंगतियो को दूर कर समाज को स्वस्थ वातावरण प्रदान किया। हमें उनके प्रेरक जीवन और आदर्शों से सीख लेते हुए श्रेष्ठ कर्म करते रहना चाहिए।
आयोजन को सफल बनाने में समस्त विद्यालय परिवार का सराहनीय योगदान रहा। सामूहिक शांति पाठ के साथ आयोजन का सफल समापन किया गया।

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