ताजा ख़बरेंदेशब्रेकिंग न्यूज़राजनीतिराज्य
Trending

KCR ने कृष्णा जल में तेलंगाना के हक से किया समझौता, रेवंत रेड्डी का बड़ा हमला

तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी ने KCR पर कृष्णा जल बंटवारे और पालमूर–रंगारेड्डी परियोजना में ऐतिहासिक गलतियों का आरोप लगाया, विधानसभा में बहस की दी चुनौती।

KCR ने तेलंगाना के जल हितों से किया समझौता, कृष्णा जल में 79% हिस्सेदारी नहीं मांगी: रेवंत रेड्डी

हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) पर कृष्णा नदी जल बंटवारे और पालमूर–रंगारेड्डी परियोजना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 2014 से 2023 तक के सिंचाई विभाग के रिकॉर्ड स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि केसीआर और हरीश राव ने तेलंगाना के साथ ऐतिहासिक अन्याय किया।

WhatsApp Image 2025-10-31 at 2.58.20 PM (1)
WhatsApp-Image-2025-10-31-at-2.41.35-PM-300x300

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि जूराला से प्रस्तावित पालमूर–रंगारेड्डी परियोजना को श्रीशैलम बैकवॉटर में स्थानांतरित करना केसीआर की ऐतिहासिक भूल थी, जिससे आंध्र प्रदेश को फायदा और तेलंगाना को भारी नुकसान हुआ।

कृष्णा जल बंटवारे में बड़ा समझौता

रेवंत रेड्डी के अनुसार, संयुक्त आंध्र प्रदेश को आवंटित 811 टीएमसी कृष्णा जल में से राज्य विभाजन के बाद तेलंगाना को 79% हिस्सेदारी मिलनी चाहिए थी, लेकिन केसीआर सरकार ने केवल 299 टीएमसी पर सहमति जताकर हस्ताक्षर कर दिए।
उन्होंने इसे दक्षिण तेलंगाना के लिए ‘मृत्युदंड’ करार दिया।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

आंध्र को रोज़ 13.37 TMC, तेलंगाना को सिर्फ 0.25 TMC

सीएम ने कहा कि परियोजना स्थल बदलने के कारण आंध्र प्रदेश को प्रतिदिन 13.37 टीएमसी से अधिक जल उठाने की सुविधा मिल गई, जबकि तेलंगाना 0.25 टीएमसी से अधिक जल उपयोग नहीं कर पा रहा है।

लागत 32 हजार करोड़ से बढ़कर 84 हजार करोड़

रेवंत रेड्डी ने सवाल उठाया कि जूराला के बजाय श्रीशैलम से पानी उठाने के फैसले से:

  • स्टेज 3 से बढ़कर 5 हो गए
  • पंप 22 से बढ़कर 37 हो गए
  • लागत 32,000 करोड़ से बढ़कर 84,000 करोड़ रुपये हो गई

उन्होंने कहा,

“थोड़ी भी समझ होती तो क्या कोई नदी के सिर के बजाय पूंछ से पानी उठाता?”

 सिर्फ पेयजल बताकर ली गई अनुमति

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केसीआर सरकार ने पालमूर–रंगारेड्डी को सिर्फ पेयजल परियोजना बताकर 7.15 टीएमसी की अनुमति ली, जबकि इसके पीछे लिफ्ट और पंप ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने की मंशा थी।

विधानसभा में बहस की चुनौती

रेवंत रेड्डी ने केसीआर को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वे विधानसभा में आकर दस्तावेजों के साथ बहस करें
उन्होंने कहा कि यदि मौजूदा सरकार की नीति में कोई कमी है तो केसीआर सदन में आकर बताएं।

“हमारा लक्ष्य सिर्फ एक है — तेलंगाना के जल अधिकारों की रक्षा।”

 

Ashish Sinha

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2025-08-15 at 11.16.07 AM
WhatsApp Image 2025-08-15 at 11.19.38 AM
WhatsApp Image 2025-08-06 at 11.20.46 PM
WhatsApp Image 2025-08-15 at 11.25.37 AM

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!