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राजा भैया के घर में पत्नी भानवी की बगावत, अक्षय पर केस… भदरी राजघराने में इतनी उथल-पुथल क्यों?

लखनऊ: यूपी के सियासी गलियारों में इन दिनों कुंडा से विधायक और भदरी राजघराने से ताल्लुक रखने वाले राजा भैया के परिवार से जुड़ा एक विवाद काफी चर्चा में है। वजह है उनकी पत्नी भानवी सिंह का पर्दे की ओट से बाहर आना। अपने साथ हुई धोखाधड़ी के एक मामले में भानवी ने दिल्ली में एफआईआर दर्ज करवाई है। आरोपों के घेरे में राजा भैया के बेहद करीबियों में शुमार एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह हैं। लेकिन जिस तरह से राजा भैया अक्षय के पक्ष में सामने आए हैं, उससे न केवल सियासी गलियारे में हलचल बढ़ी है, बल्कि सवाल यह भी खड़े हो रहे हैं कि क्या भदरी राजघराने में सब कुछ ठीक है? यह मामला यूं ही सुलझ जाएगा या बड़े विवाद का रूप लेगा?
हालांकि जिस तरह से भानवी सिंह, राजा भैया और अक्षय प्रताप सिंह के एक के बाद एक बयान आ रहे हैं, उससे यह मामला फिलहाल थमता तो नहीं दिख रहा है। भानवी अक्षय के खिलाफ हैं तो राजा भैया अक्षय के साथ खड़े हैं। अक्षय भी राजा भैया पर अपना सब कुछ कुरबान होने की बात कहकर अपनी प्रतिबद्धता जता चुके हैं। एनबीटी से बातचीत में भानवी सिंह ने कहा कि वह अपनी तरफ से मामला ईओडब्ल्यू में दर्ज करवा चुकी हैं। मामले की जांच के बाद सब सच्चाई सामने आ जाएगी।

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क्या है पूरा मामला?

मामला श्री दा प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है। भानवी का दावा है कि वह इसकी निदेशक हैं और उनके पास इससे जुड़े सबसे ज्यादा शेयर हैं। दिल्ली में उनके द्वारा दर्ज करवाए गए मामले में अक्षय प्रताप पर आरोप लगाए गए हैं। इसमें कहा गया है कि अक्षय ने इंद्र देव पटेल, उमेश कुमार निगम, हरिओम शंकर श्रीवास्तव और अन्य की मदद से कंपनी के दस्तावेज के बारे में जानकारी की। इसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट भी सहयोगी रहा। अक्षय ने कंपनी से संबंधित चल और अचल संपत्तियों को हड़पने के इरादे से अपने सहयोगियों को कंपनी के निदेशक के तौर पर गलत तरीके से और धोखे से नियुक्त किया। भानवी का आरोप है कि उनके जाली हस्ताक्षर बनाए गए हैं और फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल किया गया। भानवी का आरोप है कि अक्षय ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन्हें कंपनी से बेदखल करने का प्रयास भी किया। अक्षय पूरी कंपनी हड़पना चाहते हैं।

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यह घर-घर की कहानी है, कोई धोखाधड़ी नहीं हुई

विवाद खड़ा होने के दौरान यह उम्मीद की जा रही थी कि राजा भैया इस मामले में हस्तक्षेप करके पत्नी और अपने छोटे भाई सरीखे अक्षय प्रताप सिंह के बीच पनपते विवाद को खत्म करने का प्रयास करेंगे। हालांकि वह अक्षय प्रताप सिंह के पक्ष में ही खड़े दिखे। राजा भैया ने पूरे प्रकरण को घर-घर की कहानी करार देते हुए साफ किया कि वह अपने भाई अक्षय प्रताप सिंह के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा, जहां तक मेरी जानकारी है कि कोई धोखाधड़ी नहीं हुई है। अक्षय ने कहा कि मैं जो कुछ भी हूं, वह राजा भैया की देन है। भगवान के बाद मैं राजा भैया को ही सबकुछ मानता हूं। मामले की जांच में सब सामने आ जाएगा। जिस कंपनी का जिक्र किया जा रहा है, उसमें मैं भी शामिल था। पांच साल पहले सब ठीक था। कुछ साल पहले अचानक कहां से गड़बड़ी होने लगी। यह तो समझ से परे है। वैसे मुकदमे में कोई दम नहीं है।

‘सच तो सामने आएगा ही’

राजा भैया और अक्षय प्रताप सिंह के बयान के बाद भानवी सिंह पीछे हटने को तैयार नहीं हैं बल्कि और भी मुखर हैं। उन्होंने कहा, अगर मुकदमे में गंभीरता नहीं होती तो ईओडब्ल्यू इसे दर्ज ही क्यों करता? सत्य विचलित हो सकता है पराजित नहीं। इस बार भी सत्य पराजित नहीं ही होगा। इस फर्म में मैं और हमारी डॉक्टर थे। जितनी भी प्रॉपर्टी खरीदी गई है, सब हमने अपने पैसे से खरीदा है। हमारे अकाउंट से पैसा गया है। जब सब कुछ हमने अपने पैसे से खरीदा है तो हम अक्षय या किसी और को क्यों देंगे? अनिल कुमार सिंह को तो हम जानते ही नहीं हैं। हमारे चार बच्चे हैं, अपनी संपत्ति हम उन्हें देंगे कि किसी और को?

चुनावी हलफनामे के मुताबिक भानवी दो कंपनियों में हिस्सेदार

जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने 2022 में जो चुनावी हलफनामा पेश किया था, उसमें उन्होंने पत्नी को दो कंपनियों की हिस्सेदार दिखाया था। हलफनामे के मुताबिक भानवी सारंग इंटरप्राइजेज में 20% की हिस्सेदार हैं जबकि श्री दा प्रॉपर्टीज में भानवी की हिस्सेदारी 22.50% की है। सारंग इंटरप्राइजेज के शेयरों के आधार पर भानवी की हिस्सेदारी 23 लाख 68 हजार रुपये की थी जबकि श्री दा में 12 लाख 60 हजार रुपये की। कंपनियों में हिस्सेदारी के अलावा राजा भैया की पत्नी के पास 2 करोड़ 21 लाख 40 हजार रुपये का सोना और 6 लाख 47 हजार 850 रुपये की चांदी भी है। उनके पास कुल चल-अचल संपत्ति 3,13,85,302 रुपये की है। जबकि राजा भैया के पास उस समय 9,17,54,448 रुपये की कुल संपत्ति थी।
बस्ती राजघराने से है भानवी का ताल्लुक

भानवी सिंह बस्ती राजघराने की बेटी हैं। भानवी और राजा भैया 1995 में वैवाहिक बंधन में बंधे थे। दोनों की चार संतान हैं। दो बेटियां राघवी, बृजेश्वरी और दो बेटे शिवराज, बृजराज हैं। एक चर्चा यह भी है कि राजा भैया और भानवी सिंह के बीच अब रिश्ते सहज नहीं है। अब यह विवाद उसी से जोड़कर देखा जा रहा है। एफआईआर तक पहुंचने के पीछे की भी यही वजह है।

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