मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना: 534 किसानों की भूमि पर लगेंगे 2 लाख 83 हज़ार वाणिज्यिक प्रजातियों पौधे

महासमुंद : लेख : मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना: 534 किसानों की भूमि पर लगेंगे 2 लाख 83 हज़ार वाणिज्यिक प्रजातियों पौधे

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM


लेख : योजना के शुभारंभ दिन 27 किसानों ने अपनी ज़मीन पर लगाए 8384 पौधे

लेखः शशिरत्न पाराशर

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

महासमुंद 15 अप्रैल 2023/महासमुंद छत्तीसगढ़ सरकार की नई महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना शुरू की गयी है। इसका 21 मार्च, 2023 को विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय कक्ष से राज्य के सभी 33 ज़िलों के 42 स्थानों में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना’का वर्चुअल शुभारंभ किया। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में वाणिज्यिक वृक्षारोपण को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
वन मंडलाधिकारी श्री पंकज राजपूत ने बताया कि नई मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना अंतर्गत महासमुंद जिले के कुल 534 किसानों द्वारा रकबा 576.410 एकड़ में 2,82,952 पौधा लगाने हेतु दिये गये सहमति दी है। योजना के शुभारंभ दिन 21 मार्च 2023 को विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर कुल लक्ष्य में से सिंचित स्थलों में 27 किसानों के 26.790 एकड़ भूमि पर मिलिया डुबिया, टिशु कल्चर बांस, टिशु कल्चर सागौन, क्लोनल नीलगिरी, चंदन एवं अन्य आर्थिक रूप से लाभकारी 8384 पौधे रोपित किये गये है।
ज़िला मुख्यालय से सटे गांव लभराखुर्द के किसान श्री महेश चन्द्राकर ने अपने एक एकड़ भूमि पर 250 टिश्यू कल्चर सागौन के पौधे लगाए हैं। उन्होंने बताया कि 12 वर्ष के बाद 26 लाख 11 हजार रुपए की आमदनी होगी। इससे पहले उन्होंने बांस लगाया था, जिन्हें स्थानीय किसान और घर निर्माण आदि के लिए राजमिस्त्री को बेचा। जिससे उन्हें लाभ हुआ। उनका इरादा अब बाकि जमीन पर भी सरकारी योजना के तहत वृक्ष लगाना है। ताकि उन्हें ज्यादा मुनाफा हो। किसान श्री चन्द्राकर ने बताया कि खरीफ वर्ष 2022-23 में 7 एकड़ में धान की फसल लिया था। 150 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा। अब वे अपनी भूमि पर वाणिज्यिक वृक्ष लगाने की पूरी योजना बना रहे है।
इस योजना से वनक्षेत्र से बाहर लकड़ी के उत्पादन बढ़ने से काष्ठ आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। किसानों के अलावा इस योजना के अंतर्गत अन्य पात्र हितग्राही भी खेत के मेड़ों में या अपनी निजी भूमि में बाउन्ड्री में या लाईन/पंक्ति में वृक्षारोपण कर सकते हैं। इसके साथ ही कार्बन क्रेडिट के माध्यम से भी कृषकों को अतिरिक्त आय प्राप्त होने की संभावना है। उक्त योजना अंतर्गत मिलिया डुबिया, टिशु कल्चर बांस, टिशु कल्चर सागौन, क्लोनल नीलगिरी, चंदन एवं अन्य आर्थिक रूप से लाभकारी पौधों के वाणिज्यिक वृक्षारोपण एवं वन अधिकार पत्र धारकों को भी इस योजना अंतर्गत लाभान्वित किया जाना है।
छत्तीसगढ़ सरकार की इस नई लाभकारी योजना के तहत समस्त वर्ग के सभी इच्छुक भूमि स्वामी, शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं शासन की स्वायत्त संस्थाएँ, निजी शिक्षण संस्थाऐं, निजी ट्रस्ट, गैर शासकीय संस्थाऐं, पंचायतें तथा भूमि अनुबंध धारक इस योजना का लाभ ले सकते हैं। इस योजना के अंतर्गत हितग्राही की निजी भूमि में 05 एकड़ तक रोपण हेतु 100 प्रतिशत तथा 05 एकड़ से अधिक क्षेत्र में रोपण हेतु 50 प्रतिशत वित्तीय अनुदान शासन द्वारा हितग्राहियों को प्रदाय किया जायेगा। राज्य शासन इस योजना के माध्यम से प्रति वर्ष 36,000 एकड़ के मान से कुल 05 वर्षों में 1,80,000 एकड़ में 15 करोड़ पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। शासन द्वारा चयनित वृक्ष प्रजातियों की खरीदी के लिए प्रतिवर्ष न्यूनतम क्रय मूल्य निर्धारित किया जायेगा, जिससे कृषकों को निश्चित् आय प्राप्त हो सकेगी।