नई दिल्ली प्रेस वार्ता में भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी नाथ जायसवाल ने बताया कि जिस तरह से किसान को तीन काले कानून लाकर देश के किसानों को मजबूर किया गया अपने काम छोड़कर आंदोलन करने के लिए मजबुर किसानो को होना पड़ा इस तरह से बॉर्डर पर बैठकर हमारे कई सौ किसानों जिन्होंने अपना जान गवाया और जिनकी सहादात देनेकेबाद भी सरकार धृतराष्ट्र की तरह गूंगी बहरी और अंधी बंन यह देखता रहा क्या इसी दिन के लिए 80% आबादी अन्नदाता ने सत्ता की इस कुर्सी पर बैठाया था कि किसान विरोधी मजदूर विरोधी गरीब विरोधी व्यवसाई विरोधी यह भारतीय जनता पार्टी सरकार जब से बना है कालचक्र के साथ देश के गरीबों और किसानों पर वार करते जा रहा है। इस सरकार की मनसा किसानों के प्रति ठीक नहीं है, जब अन्नदाता किसान ये तीन काले कानून के विरोध में है तो क्या सरकार का दायित्व नहीं बनता कि देश की 80% आबादी के बात सुने उनकी तीन काले कानून को खत्म कर कोई बीच का रास्ता निकाल कर जिस तरह से वादे कर कर आप एमएसपी लागू करने की बात कह किसान की दुगनी आए की बात कहें अब किसी पर खरे नहीं उतरे देश के प्रधानमंत्री देश को सिर्फ लाइन में लगवाए हैं, जिस तरह से हम पहले नोटबंदी के लिए लाइन में खड़े हुए जीएसटी के लिए लाइनमें किसान आज तीन काले कानूनों के लिए लाइन लगा कर बैठा दिया है ,और जिस तरह से आज की परिस्थिति करोना काल में जिस तरह आक्सीजन के लिए लाइन हॉस्पिटल में बेड के लिए लाइन दवाई के लिए लाइन और तो और शमशानमें लाश जलाने तक के लिए लाइन मे खडा करा दिया मोदी सरकार जब से आई है देश के 135 करोड़ जनता को हर चीज के लिए लाइन में खड़ा करने के लिए मजबूर कर दिया और अपना महल तैयार कराने के चक्कर में देश को मौत के इस मंजर का खेल देखने के लिए मजबूर कर दिया सरकार अपने दायित्वों का निर्वहन ना कर जिस तरह से चुनाव जीवी फोटो जीवी हमारे प्रधानमंत्री जी है।अभी देश में जिस तरह से करोना की तीसरी और लहर आने का संकेत मिल रहा है यहचुनाव जीवी 2022 के उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए तैयारी में जुट गया 365 दिन चुनाव की तैयारी में रहते हैं प्रधान मंत्री जी करोना काल में पांच राज्यों में जिस तरह से चुनाव में परदेशो मौत का मंजर खड़ा कर चुनाव के बाद आज स्थिति जो पैदा हुआ देश देख रहा है, देश की जनता को मौत की तरफ धकेलने का काम किया गया आज इसी सब इनके कार्यों के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक किसानों के समर्थन में तीन काले कानून के विरोध में काला दिवस मनाया जा रहा है। देश के अमन शांति और चैन को जिस तरह से गरीबों को गरीबी दूर न करके नही बल्कि गरीबों को मारने का षड्यंत्र भारतीय जनता पार्टी सरकार मोदी सरकार की है इसमें आए दिन किसान मजदूर श्रमिक आम आदमी रोजमर्रा की जिंदगी जीने वालाकमाने खाने वाला का स्थिति दयनीय है रोज एक नया मौत का तमाशा देख रहा है देश क्या यही अच्छे दिन लाने के लिए यह सरकार चुना गया था जो गरीबों का बेटा रहनुमाई करने आए गंगा का बेटा बनकर वही गंगा के तट पर लाशों का भरमार लगा हुआ है जो रेत से दबाई जा रहे हैं लाशों को जिस तरह से पर्दाफाश हुआ उत्तर प्रदेश और देश के सभी लोग देखकर शर्मसार हो गए अच्छे दिन नही चाहिए बुरे दिन पहले का लौट दो मोदी जी अच्छे दिन क्या ऐसा है, अभी हम सोच नहीं सकते भारतीय जनता पार्टी कुशासन 365 दिन चुनाव के मूड में ही रहता है इसको देश की जनता से कोई लेना-देना नहीं 135 में करोड़ जनता में इनके खास सहयोगी मात्र दो चार पूंजीपति साथी लोग हैं जो इस करोना काल में भी सबसे बड़े पूंजीपति के रूप में पहचान बनते जा रहा है, उनका दिन पर दिन धन बढ़ते जा रहा हैक्योंकि उनके साथ मोदी जी है। लेकिन आम गरीब मजदूर के पास कल कारखाने फैक्ट्री रोजगार मुहैया कराने के लिए कोई रोजी रोटी के लिए कोई व्यवस्था गरीबों को आर्थिक मदद भी नही दिया जा रहा है इनका एक ही मकसद है चुनाव जनता को धोखा दो किसानों को मारो और देश की पहचान जो थी आज इनकी बदौलत देश पिछे हुआ है, जैसे पहले भारत का आन बान शान मजबूती से लेते थे आज सबके सामने हम अपने पड़ोसी राज्यों से भी अर्थव्यवस्था में हमारी कमर टूट चुकी है, शर्म की बात है यह सरकार जब से आई है तब से देश में तबाही तबाही है , यह मंजर देखने का समय आदमी कभी सोचा नहीं था कि ऐसे जो चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री आएंगे और गरीबों का दर्द पीड़ा दूर करेंगे लेकिन यह तो सूट-बूट वाले निकले और इनको तो विस्टा 20000 करोड़ का महल में रहना है और यह करोना काल में भी अपने महल की तैयारी कर रहे हैं, उसको बनवाने में व्यस्त हैं और सरकार इनका जनता के लिए धोखा और व्यवस्थाबिगड़ने में मस्त है, हमको अब सतर्क होना चाहिए आत्मनिर्भर बनना पड़ेगा क्योंकि सरकार अपने दायित्वों का निर्वहन छोड़ दिया है और इस काले तीन काले कानून के खिलाफ हमको इस जंग में किसानों के साथ उनके न्याय दिलाने के लिए मुहिम छोड़कर उनके जिस तरह से मजबूर किया गया हम हमारे संगठन और हमारे देश के सभी जनता से आवाहन करता हूं कि इस काले कानून के खिलाफ आप किसानों का सहयोग करें और उस गूंगी बहरी सरकार को जगाने का काम करें। क्योंकि देश के नागरिक के हैसियत के वजह से हमारा दायित्व बनता है, कि देश के अन्नदाता किसानों का हम सहयोग करें जिनके साथ अन्याय हो रहा है और न्याय की लड़ाई लड़े और देश में सुख समृद्धि और शांति बरकरार हो भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी नाथ जायसवाल ने बताया कि सरकार जिस तरह से 7 साल के अंदर भारत को तबाही और भारत में बेरोजगारी अर्थव्यवस्था तोड़ने और देश में भ्रम फैलाकर राजनीति करने का षड्यंत्र किया है यह देश के सामने आ चुका है अब देश को समझदार बनना पड़ेगा आत्मनिर्भर बनना पड़ेगा और खुद व्यवस्था करना पड़ेगा और इस करोना काल की लड़ाई जैसे लड़ रहे है, देश की किसानों के साथ खड़ा होकर उनका सहयोग कर देश के आम नागरिक गरीब और सभी देशवासियों को मजबूती से मदद करें यह देश टूटने ना पाए और देश को एक-एक नागरिक देश को संरचना में जैसे त्याग दिया है हमारे पूर्वजों ने जिस तरह से आजादी दिलाने के लिए अपने प्राण त्यागे हैं उसी संकल्प के साथ हम किसानों को और गरीबों को न्याय के लिए लड़ाई लड़ते रहेंगे।
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