Advertisement

छत्तीसगढ़ में बाल सक्षम नीति-2022: सड़क पर रहने वाले बच्चों के पुनर्वास के लिए चला विशेष अभियान





छत्तीसगढ़ में बाल सक्षम नीति-2022 का प्रभावी क्रियान्वयन: सड़क पर जीवन यापन करने वाले बच्चों का होगा पुनर्वास



छत्तीसगढ़ में बाल सक्षम नीति-2022 का प्रभावी क्रियान्वयन: सड़क पर जीवन यापन करने वाले बच्चों का होगा पुनर्वास

रायपुर, 13 जून 2026: छत्तीसगढ़ शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ‘बाल सक्षम नीति-2022’ के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्यभर में सड़क जैसी कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहे बच्चों के स्थायी रेस्क्यू, संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए 1 जून से 30 जून 2026 तक एक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।

अभियान का मुख्य उद्देश्य

इस अभियान का प्राथमिक उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को एक सुरक्षित वातावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मानजनक भविष्य उपलब्ध कराना है। विभाग द्वारा चिन्हित किए गए उन बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है जो बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, अपशिष्ट संग्रहण या असुरक्षित सड़कों पर रहने को मजबूर हैं।

विभिन्न जिलों में सक्रिय कार्ययोजना

राज्य के विभिन्न जिलों में जिला बाल संरक्षण इकाइयों (DCU), संयुक्त बचाव दलों और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीमों द्वारा समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं:

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj
  • सारंगढ़-बिलाईगढ़: तोसीर, लेंधरा और बरमकेला क्षेत्र के हॉटस्पॉट जैसे बस स्टैंड, बाजार और स्लम बस्तियों में सघन सर्वेक्षण कर बच्चों की पहचान की गई।
  • गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: मरवाही विकासखंड में होटलों, कबाड़ दुकानों, पेट्रोल पंपों और निर्माण स्थलों पर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया।
  • खैरागढ़-छुईखदान-गंडई: बस स्टैंड, गैरेज, ईंट भट्ठों और श्रमिक बस्तियों में अभियान चलाकर बच्चों के पुनर्वास हेतु कार्यवाही की गई।
  • बालोद: पान ठेला, होटल, मंदिर परिसरों और बाजार क्षेत्रों में असुरक्षित परिस्थितियों में रहने वाले बालकों को चिन्हित कर संरक्षणात्मक उपाय सुनिश्चित किए गए।
  • मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी: व्यापक जनजागरूकता अभियान के माध्यम से नागरिकों को बाल संरक्षण कानूनों और चाइल्ड हेल्पलाइन के बारे में शिक्षित किया गया।

नागरिकों से सहयोग की अपील

महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने प्रदेश के नागरिकों से सक्रिय सहयोग की अपील की है। यदि कोई भी नागरिक किसी बालक या बालिका को सड़क पर, भिक्षावृत्ति करते हुए, बाल श्रम में संलग्न या असुरक्षित परिस्थितियों में देखता है, तो उसकी सूचना तत्काल निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबरों पर दें:

  • चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
  • आपातकालीन सेवा: 112

भविष्य की राह

बाल सक्षम नीति-2022 के तहत न केवल बच्चों का रेस्क्यू किया जा रहा है, बल्कि उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़कर शिक्षा और स्वास्थ्य के अधिकार भी सुनिश्चित किए जा रहे हैं। यह अभियान छत्तीसगढ़ में बाल अधिकार संरक्षण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है, जिससे भविष्य में एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज की नींव रखी जा सकेगी।



file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47