
छत्तीसगढ़ में 2 साल में हजारों गायों की मौत, टी.एस. सिंहदेव बोले – “गौठान योजना सिर्फ कागज़ों पर”
छत्तीसगढ़ में गायों की दर्दनाक मौत का सिलसिला जारी। पौने दो साल में 850 से अधिक सड़क हादसे, 1200 भूख से और 200 जहरीला पदार्थ खाने से मरीं। गौठानों की बदहाल स्थिति पर उठे सवाल।
पौने दो साल में 850 से अधिक सड़क हादसों में गईं गायों की जान, 1200 भूख से दम तोड़ीं – टी.एस. सिंहदेव ने उठाए गंभीर सवाल
पौने दो साल में 850 से अधिक सड़क हादसों में गईं गायों की जान, 1200 भूख से दम तोड़ीं – टी.एस. सिंहदेव ने उठाए गंभीर सवाल
रायपुर/प्रदेश खबर। छत्तीसगढ़ में गौठानों की दुर्दशा और सड़क हादसों की वजह से गायों की लगातार मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। विभिन्न समाचार माध्यमों में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार पिछले पौने दो वर्ष में 850 से अधिक गायें सड़क पर कुचल कर मारी गईं, वहीं लगभग 1200 से अधिक गायें भूख-प्यास और चारे की कमी से मर गईं। इसके अलावा 200 से अधिक गायें जहरीला पदार्थ खाने से मौत का शिकार हो चुकी हैं।
बड़े हादसे और घटनाएँ
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16 सितम्बर 2025, बिलासपुर-रतनपुर हाईवे : तेज रफ्तार ट्रक ने झुंड को कुचल दिया, 19 गायों की मौत। गर्भवती गाय का पेट फटने से बछड़ा बाहर आ गया।
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16 सितम्बर 2025, दुर्ग : बाफना पेट्रोल पंप के पास कंटेनर से 8 गायें कुचली गईं।
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अगस्त 2025 : एक ही हफ्ते में 90 गायों की मौत पर हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई।
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बारीडीह – 17 गायें, बिलासपुर – 25 गायें, रतनपुर मार्ग – 12 गायें, दामाखेड़ा – 9 गायें, किरना – 18 गायें, महासमुंद – 12 गायें, जांजगीर-चांपा – 16 गायें।
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रायपुर (उरला-कन्हेरा) : जहरीला पदार्थ खाने से दो दर्जन से अधिक गायों की मौत।
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सिमगा-बेमेतरा हाईवे : 8 गायों की मौत।
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बलौदाबाजार : भूख से 12 गायें मरीं।
गौठानों की भयावह तस्वीर
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रायपुर जिले के समोदा गौठान में डेढ़ दर्जन से अधिक मृत गायों के अवशेष अब भी चील-कौवे और जानवर नोच रहे हैं।
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गुल्लू और मोहरा गांव में भी हालात खराब हैं, यहाँ अब तक 40 गायें भूख से मर चुकी हैं।
टी.एस. सिंहदेव का बयान
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने इसे राज्य सरकार की गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने कहा—
“गौठानों के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जमीन पर स्थिति भयावह है। पौने दो साल में हजारों गायों की मौत यह साबित करती है कि योजना केवल कागज़ों में सफल है, हकीकत में नहीं। सरकार को तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए, वरना यह जनता और आस्था दोनों के साथ विश्वासघात है।”
सिंहदेव ने मांग की कि हाईकोर्ट की निगरानी में प्रदेशभर के गौठानों की जांच कराई जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो।














