
बलरामपुर में आजीविका सेवा केंद्र का शुभारंभ, 1000 किसानों को मिलेगा लाभ
वाड्रफनगर के रूपपुर में आजीविका सेवा केंद्र और चूजा पालन इकाई शुरू, महिला समूहों और किसानों की आय बढ़ाने की पहल।
बलरामपुर: आजीविका सेवा केंद्र और चूजा पालन इकाई का शुभारंभ, 1000 किसानों की आय बढ़ाने की पहल
बलरामपुर, 20 मार्च 2026। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और महिला स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर द्वारा एकीकृत कृषि संकुल परियोजना के अंतर्गत विकासखंड वाड्रफनगर के ग्राम पंचायत रूपपुर में आजीविका सेवा केंद्र एवं चूजा पालन इकाई का शुभारंभ किया गया।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य चयनित 1000 कृषकों को तीन से चार विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर उनकी वार्षिक आय में वृद्धि करना है।
किसानों को एक ही स्थान पर मिलेंगी सभी सुविधाएं
नवनिर्मित आजीविका सेवा केंद्र किसानों के लिए एक सर्व-सुविधा केंद्र के रूप में कार्य करेगा, जहां कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन से संबंधित कच्चे माल की आपूर्ति से लेकर बाजार तक का जुड़ाव सुनिश्चित किया जाएगा।
- टपक सिंचाई उपकरण, मृदा आवरण, हरित जाली एवं रस्सी
- उन्नत खेती के लिए छोटे एवं मध्यम कृषि उपकरण
- पशुपालन हेतु चूजे, मुर्गी दाना एवं दवाइयां
- मशरूम के बीज, जैविक खाद एवं जैविक कीटनाशक
इन सभी सामग्रियों की उपलब्धता किसानों को बाजार से कम दरों पर एक ही स्थान पर सुनिश्चित की जाएगी।
चूजा पालन इकाई से घटेगा किसानों का जोखिम
परियोजना के अंतर्गत स्थापित चूजा पालन इकाई में छोटे चूजों को जन्म से लेकर 28 दिनों तक वैज्ञानिक देखरेख में रखा जाएगा तथा उनका पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
जिला पंचायत सीईओ श्रीमती तोमर ने बताया कि छोटे किसानों के लिए शुरुआती 28 दिनों में चूजों की मृत्यु दर सबसे बड़ी चुनौती होती है। इस इकाई के माध्यम से किसानों को 28 दिन के पूर्णतः स्वस्थ एवं टीकाकृत चूजे उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उनका प्रारंभिक आर्थिक जोखिम कम होगा और सीधे मुनाफा मिलने की संभावना बढ़ेगी।
महिला समूहों के कार्यों की सराहना
इस दौरान सीईओ श्रीमती तोमर ने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित मशरूम उत्पादन इकाई एवं सूअर पालन गतिविधियों का निरीक्षण किया और महिलाओं के कौशल एवं उनके प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इन समूहों को तकनीकी एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
बड़ी संख्या में किसान रहे उपस्थित
इस अवसर पर जिला एवं जनपद पंचायत के अधिकारी, बिहान कैडर की महिलाएं तथा बड़ी संख्या में स्थानीय प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।












