बलरामपुर में पीएम आवास और मनरेगा घोटाला, 10 लाख से ज्यादा गबन; 2 आरोपी गिरफ्तार

बलरामपुर: पीएम आवास और मनरेगा में 10 लाख से अधिक की गड़बड़ी, सचिव व रोजगार सहायक पर FIR

बलरामपुर, 20 मार्च 2026। जनपद पंचायत शंकरगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत हरिगवां में प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मनरेगा के क्रियान्वयन में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। विस्तृत जांच के बाद पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है।

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फर्जी जियो टैगिंग और राशि गबन का आरोप

जनपद पंचायत सीईओ शंकरगढ़ वेदप्रकाश पांडे ने बताया कि पंचायत सचिव जॉन कुमार टोप्पो एवं ग्राम रोजगार सहायक संजय दास द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों के अधूरे मकानों को फर्जी रूप से पूर्ण दिखाकर जियो टैग किया गया। इसके बाद राशि हितग्राहियों के खातों में ट्रांसफर कर अंगूठा लगवाकर गबन कर लिया गया।

इसके साथ ही फर्जी मास्टर रोल जारी कर मनरेगा के तहत मजदूरी राशि भी विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर अनियमितता की गई।

10 लाख से अधिक की गड़बड़ी उजागर

जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत हरिगवां में 26 आवास पूर्ण और 47 आवास प्रगतिरत हैं, लेकिन कई अपूर्ण आवासों को पूर्ण दिखाकर राशि आहरित की गई।

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प्रधानमंत्री आवास योजना के 7 हितग्राहियों से 9,05,000 रुपये तथा मनरेगा से 1,00,881 रुपये की राशि, कुल 10,05,881 रुपये का गबन किया गया है।

एक ही व्यक्ति के नाम दो आवास

जांच में यह भी सामने आया कि विस्टा पैकरा और बिस्टा लोडे एक ही व्यक्ति हैं, जिन्हें अलग-अलग नामों से आवास स्वीकृत कर दिया गया। एक आवास अप्रारंभ होने के बावजूद खाते में 2.40 लाख रुपये और मनरेगा से 33,894 रुपये का भुगतान किया गया।

अपूर्ण आवासों पर भी हुआ भुगतान

  • शांति के नाम 1.20 लाख रुपये, जबकि आवास अप्रारंभ
  • मुन्नी के खाते में 1.20 लाख रुपये और 20,358 रुपये मनरेगा भुगतान
  • बीजू के खाते में 1.20 लाख रुपये और 21,942 रुपये मनरेगा भुगतान
  • जुगना के खाते में 1.20 लाख रुपये और 24,687 रुपये मनरेगा भुगतान
  • निशांत कुमार एक्का के खाते में 95,000 रुपये, जिसमें से 40,000 रुपये ओटीपी के जरिए वापस लिए गए
  • पांडुल कुजूर से पांच बार अंगूठा लगवाकर 50,000 रुपये निकाले गए

कलेक्टर ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले में योजनाओं की सतत निगरानी की जा रही है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।