IMO में भारत का बयान: जहाजों पर हमले अस्वीकार्य, Strait of Hormuz में सुरक्षा जरूरी

IMO में भारत का सख्त संदेश: जहाजों को निशाना बनाना ‘अस्वीकार्य’, सुरक्षित नौवहन पर जोर

नई दिल्ली/लंदन। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना और समुद्री मार्गों को बाधित करना पूरी तरह अस्वीकार्य है।

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इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन (IMO) में भारत के प्रतिनिधि विक्रम दोराईस्वामी ने यह स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में नाविकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार से समझौता नहीं किया जा सकता।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षा पर चिंता

दोराईस्वामी ने विशेष रूप से Strait of Hormuz में सुरक्षित नौवहन में आ रही बाधाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में किसी भी प्रकार की अस्थिरता वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकती है।

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नाविकों की सुरक्षा सर्वोपरि

भारत ने अपने बयान में कहा कि जहाजों के चालक दल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे मानव जीवन भी खतरे में पड़ता है।

ऊर्जा और आपूर्ति श्रृंखला पर प्रभाव

भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा सीधे तौर पर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और मानवीय सहायता की डिलीवरी से जुड़ी हुई है। ऐसे में किसी भी तरह की बाधा से पूरी दुनिया प्रभावित हो सकती है।

दोराईस्वामी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित और निर्बाध बने रहें।

वैश्विक सहयोग की आवश्यकता

भारत ने IMO के मंच से सभी देशों से अपील की कि वे समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सहयोग बढ़ाएं और ऐसे कृत्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें जो वैश्विक व्यापार और शांति के लिए खतरा बनते हैं।