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झज्जर शूटआउट पर कुमारी सैलजा का बड़ा हमला: सुबाना गांव में दिनदहाड़े 20 गोलियां बरसाकर हत्या, भाजपा सरकार को बताया तमाशबीन | Haryana Law and Order






झज्जर शूटआउट पर कुमारी सैलजा का बड़ा हमला: कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त, भाजपा सरकार बनी तमाशबीन


झज्जर शूटआउट पर हाहाकार: कुमारी सैलजा ने कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा

सुबाना गांव में कार सवार युवक पर बरसीं 20 से ज्यादा गोलियां, रोहित गोदारा गैंग ने ली जिम्मेदारी, कांग्रेस का तीखा हमला

स्थान: झज्जर / चंडीगढ़
दिनांक: 17 मई, 2026
स्रोत: विशेष ब्यूरो, हरियाणा स्टेट क्रॉनिकल

झज्जर: हरियाणा के झज्जर जिले में एक बार फिर सरेआम खूनी खेल खेला गया है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। झज्जर के सुबाना गांव में पुरानी रंजिश और कथित गैंगवार के चलते एक युवक की कार को घेरकर बदमाशों ने ताबड़तोड़ 20 से 30 राउंड फायरिंग कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद कुख्यात रोहित गोदारा गैंग ने सोशल मीडिया पर इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद हरियाणा की सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और महासचिव कुमारी सैलजा ने इस हत्याकांड को लेकर हरियाणा की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रदेश में पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब सरेआम गोलियों से लोगों की जान ली जा रही है और मौजूदा सरकार महज तमाशबीन बनी बैठी है।

१. “सरकार अपराध पर नियंत्रण खो चुकी है”: कुमारी सैलजा का कड़ा प्रहार

झज्जर में हुई इस भयानक वारदात के तुरंत बाद कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने हरियाणा सरकार की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक ढिलाई को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सोशल मीडिया और प्रेस बयानों के जरिए जनता की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं और सरकार के दावों को खोखला करार दिया।

कुमारी सैलजा का आधिकारिक राजनीतिक बयान:

“झज्जर में दिनदहाड़े एक युवक की कार पर 20 गोलियां बरसाकर हत्या कर देना हरियाणा में पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी कानून व्यवस्था का भयावह उदाहरण है।”

“प्रदेश में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब सरेआम गोलियों से लोगों की जान ली जा रही है और भाजपा सरकार केवल तमाशबीन बनी हुई है। हरियाणा में लगातार बढ़ती गैंगवार, रंगदारी, हत्याएं और फायरिंग की घटनाएं यह साबित कर रही हैं कि भाजपा सरकार अपराध पर नियंत्रण खो चुकी है। जनता सुरक्षा चाहती है, केवल खोखले दावे नहीं।”

कुमारी सैलजा के इस बयान ने राज्य में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष की रणनीति को और आक्रामक बना दिया है। कांग्रेस ने मांग की है कि गृह विभाग और मुख्यमंत्री को तुरंत इस बढ़ती गुंडागर्दी पर जवाब देना चाहिए।

२. वारदात की पूरी कहानी: सुबाना गांव में क्या और कैसे हुआ?

घर के बाहर खड़ी कार पर अंधाधुंध फायरिंग

यह सनसनीखेज वारदात झज्जर के सुबाना गांव में रात के वक्त अंजाम दी गई। मृतक की पहचान हितेश उर्फ गुल्लू के रूप में हुई है, जो सुबाना गांव का ही रहने वाला था। चश्मदीदों और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, हितेश जब अपने घर के पास मौजूद था, तभी एक बोलेरो गाड़ी में सवार होकर 3 से 4 हथियारबंद हमलावर वहां पहुंचे।

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रोंगटे खड़े कर देने वाला तरीका:

  • गाड़ी को घेरकर बरसाईं गोलियां: हमलावरों ने हितेश को संभलने का मौका भी नहीं दिया और उसकी गाड़ी को निशाना बनाते हुए दनादन गोलियां चलानी शुरू कर दीं। महज दो मिनट के भीतर बदमाशों ने करीब 20 से 25 राउंड फायर किए।
  • तसल्ली करने के लिए दोबारा की फायरिंग: वारदात का जो खौफनाक पहलू सामने आया है उसके मुताबिक, शूटर गोलियां बरसाने के बाद अपनी कार में बैठकर थोड़ा आगे बढ़े, लेकिन फिर रुके और दोबारा गाड़ी से उतरकर तसल्ली करने के लिए कार सवार पर फिर से दनादन गोलियां दागीं।
  • मौके पर ही मौत: हितेश को सिर और मुंह पर कई गोलियां लगीं, जिससे अत्यधिक खून बह जाने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देकर हमलावर हथियार लहराते हुए बड़ी आसानी से फरार हो गए।
३. गैंगस्टर रोहित गोदारा गैंग ने ली जिम्मेदारी, पुरानी रंजिश का बदला

इस हत्याकांड के तुरंत बाद लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट से जुड़े कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर इस मर्डर की जिम्मेदारी ली। सोशल मीडिया पोस्ट में नवीन बॉक्सर गोरीपुर, अरविंद गिल्ली राणा और जोरा डबास का नाम लेते हुए दुश्मनों को खुली धमकी दी गई है।

जांच का बिंदु घटनाक्रम और पुलिस थ्योरी सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई
गैंगस्टर का दावा रोहित गोदारा गैंग ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह हत्या उनके साथी ‘प्रदीप’ की मौत का बदला है। उन्होंने दुश्मनों को चेतावनी देते हुए लिखा कि ‘नंबर सबका आएगा।’ साइबर सेल और एसटीएफ (STF) सोशल मीडिया आईपी एड्रेस और गैंग के स्थानीय नेटवर्क को खंगाल रही है।
पुरानी रंजिश शुरुआती जांच के अनुसार, मृतक हितेश और गिरवापुर गांव के एक गुट के बीच पिछले दो साल से विवाद चल रहा था। कुछ दिन पहले विरोधी गुट पर भी फायरिंग हुई थी। माछरौली थाना पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत पर गिरवापुर निवासी दिनेश कुमार समेत अन्य के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस की नाकेबंदी वारदात की सूचना मिलते ही डीएसपी धारणा यादव और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल से खाली कारतूस बरामद किए हैं। बदमाशों की धरपकड़ के लिए पुलिस की ५ विशेष टीमें गठित की गई हैं जो संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
४. रंगदारी, गैंगवार और फायरिंग: हरियाणा में बढ़ता हुआ खौफ

व्यापारियों से लेकर आम जनता तक दहशत में

कुमारी सैलजा ने अपने बयान में जिन तीन शब्दों का जिक्र किया—गैंगवार, रंगदारी और फायरिंग—वे आज हरियाणा की कानून व्यवस्था की जमीनी हकीकत को बयां कर रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में झज्जर, सोनीपत, रोहतक और गुरुग्राम जैसे जिलों में ऐसी कई वारदातें सामने आई हैं जहां बिना नंबर प्लेट की गाड़ियों में सवार होकर आने वाले शूटर सरेआम कत्ल कर रहे हैं। हाल ही में डीघल गांव में भी एक फाइनेंस कर्मी की इसी तरह दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी, और अब सोनीपत के खरखौदा में भी कोर्ट परिसर के पास एक युवक को गोलियों से भून दिया गया।

विपक्ष का आरोप है कि हरियाणा अब उत्तर प्रदेश और बिहार के पुराने दौर की तरह विदेशी और स्थानीय गैंगस्टरों के बीच ‘टर्फ वॉर’ (इलाके की लड़ाई) का केंद्र बनता जा रहा है। विदेशों में बैठे आका भारत में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को मोटी रकम और हथियारों का लालच देकर इस तरह की वारदातों को अंजाम दिलवा रहे हैं।

५. निष्कर्ष: विज्ञापनों के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा फासला

हरियाणा की जनता आज खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। कानून का इकबाल इस कदर खत्म हो चुका है कि मुख्य सड़कों और रिहायशी इलाकों में गोलियां चलना आम बात हो गई है। मुख्यमंत्री और गृह विभाग द्वारा अपराधियों को साफ चेतावनी देने के दावों के बावजूद जमीन पर कानून व्यवस्था का तंत्र पूरी तरह बेअसर साबित हो रहा है। अगर समय रहते स्थानीय पुलिसिंग को मजबूत नहीं किया गया और इन गैंगस्टरों के जमीनी नेटवर्क को नेस्तनाबूद नहीं किया गया, तो आने वाले समय में स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण: सिर्फ दावों से नहीं, कड़े एक्शन से सुरक्षित होगी जनता

झज्जर के सुबाना गांव में हुई यह खूनी वारदात केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं है, बल्कि यह राज्य की कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के मुंह पर एक करारा तमाचा है। जब अपराधी हत्या करने के बाद सोशल मीडिया पर खुलेआम जश्न मनाते हैं और पुलिस को चुनौती देते हैं, तो आम नागरिक का शासन व्यवस्था से भरोसा उठ जाता है। कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने जिस तरह सरकार की निष्क्रियता को घेरा है, वह पूरी तरह से जायज प्रतीत होता है। सरकार को अब केवल बयानों और विज्ञापनों में सुरक्षा के खोखले दावे करने के बजाय, पुलिस को पूरी छूट देनी होगी और इंटेलिजेंस तंत्र को पुनर्जीवित करना होगा। जब तक अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा नहीं होगा, तब तक हरियाणा की धरती को इस खूनी खेल से बचा पाना नामुमकिन होगा।

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यह विशेष रिपोर्ट हरियाणा पुलिस, झज्जर जिला प्रशासन और राजनीतिक प्रतिनिधियों द्वारा जारी आधिकारिक बयानों और सोशल मीडिया कूट के आधार पर संकलित की गई है।


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